मिजोरम को मिली 75.79 करोड़ रुपये की कृषि सहायता
परिचय
मिजोरम राज्य को केंद्रीय सरकार की दो प्रमुख कृषि योजनाओं के तहत कुल 75.79 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। यह राशि 27.84 करोड़ रुपये की राष्ट्रीक कृषि विकास योजना और 47.95 करोड़ रुपये की कृषणति योजना से मिलकर बनी है। इस सहायता के प्रावधानों के बारे में जानकारी 30 सितंबर को जारी की गई आधिकारिक घोषणा में दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में 29 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय रबी अभियान सम्मेलन के दौरान, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिजोरम के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री पी.सी. वानलालरुआता को जारी किए गए रिलीज़ आदेश सौंपे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य रबी सीजन की तैयारियों पर चर्चा करना और कृषि विकास के लिए नई योजनाओं के कार्यान्वयन पर प्रकाश डालना था।
मिजोरम के मंत्री ने सम्मेलन में किसानों द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों पर बल दिया। उन्होंने बताया कि राज्य की पहाड़ी भू-भाग के कारण सड़क नेटवर्क का अभाव किसानों को अपने उत्पादन को बाज़ार तक पहुँचाने में कठिनाई पैदा करता है। विशेषकर, तेल पाम की कटाई के मौसम में वर्षा के कारण सड़कें जाम हो जाती हैं, जिससे उत्पादन का परिवहन मुश्किल हो जाता है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री ने केंद्रीय सरकार से आग्रह किया कि पीएम‑रवक योजना के अंतर्गत कृषि लिंक रोड के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा, उन्होंने मिजोरम में एक मोनोरेल प्रणाली के विकास की सूचना दी, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाना है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– राशि का विभाजन
– राष्ट्रीक कृषि विकास योजना: 27.84 करोड़ रुपये
– कृषणति योजना: 47.95 करोड़ रुपये
– सहायता का उद्देश्य
– कृषि उत्पादन में वृद्धि
– किसानों की आय में सुधार
– सड़क एवं परिवहन अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण
– समीक्षा के प्रमुख बिंदु
– कृषि लिंक रोड की कमी
– मोनोरेल परियोजना की प्रगति
– सब‑मिशन ऑन कृषि मैकेनाइजेशन (SMAM) में ऑनलाइन आवेदन की बाधाएँ
– पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष प्रावधानों की आवश्यकता
संबंधित बयान / जानकारी
मंत्री वानलालरुआता ने कहा, “कृषि मैकेनाइजेशन के सब‑मिशन में ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य करने से ग्रामीण इलाकों के किसानों को कठिनाई होती है, क्योंकि इंटरनेट पहुँच सीमित है। इसलिए, ऑफ़लाइन आवेदन की भी अनुमति दी जानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि केंद्रीय सरकार मिजोरम में उर्वरक के परिवहन के लिए रेल मार्गों का उपयोग करे, ताकि लागत कम हो और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।
प्रभाव या संदर्भ
मिजोरम की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण कृषि उत्पादन और परिवहन में लगातार चुनौतियाँ रही हैं। इस नई सहायता के माध्यम से राज्य सरकार को कृषि अवसंरचना में सुधार के लिए पर्याप्त धनराशि मिलेगी। कृषि लिंक रोड के निर्माण से किसानों को बाज़ार तक पहुँचने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है।
मोनोरेल परियोजना के सफल कार्यान्वयन से न केवल कृषि उत्पादों का परिवहन सुगम होगा, बल्कि राज्य के भीतर पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि की संभावना है।
निष्कर्ष
मिजोरम को केंद्रीय सरकार की दो प्रमुख कृषि योजनाओं के तहत 75.79 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। यह धनराशि कृषि अवसंरचना, विशेषकर सड़क एवं परिवहन के सुदृढ़ीकरण में उपयोग की जाएगी। मंत्री वानलालरुआता द्वारा उठाए गए मुद्दों पर केंद्र सरकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया से उम्मीद है कि मिजोरम के किसानों को वास्तविक लाभ मिलेगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी।
