140वें सीआरपीएफ बटालियन ने जंपुईजाला में महिलाओं को पाँच सिलाई मशीनें बाँटी, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
परिचय
अक्टूबर 8, 2026 को त्रिपुरा के जंपुईजाला में 140वें सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स बटालियन के सी कंपनी ने एक नागरिक कार्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। इस पहल के तहत, समुदाय-स्तरीय संघ (सीएलएफ) के सदस्यों को पाँच सिलाई मशीनें वितरित की गईं, जिससे महिलाओं को आय अर्जित करने के कौशल विकसित करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत 140वें बटालियन के दूसरे कमांडर, दिहेन्द्र कुमार मोहन्टे के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने बताया कि यह पहल सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स की समाजसेवा के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। कार्यक्रम में जंपुईजाला उप-भाग पुलिस अधिकारी जयंत दुभे, जंपुईजाला पुलिस स्टेशन के प्रमुख शक्ति सधन जामाटिया, सीएलएफ प्रशिक्षक अजीत दैब्बरमा और उनके टीम के सदस्य, साथ ही आसपास के क्षेत्रों की कई महिलाएँ भी उपस्थित थीं।
सिलाई मशीनें सीएलएफ के उन महिलाओं को दी गईं जो पहले से ही बुनाई और सिलाई के क्षेत्र में रुचि रखती थीं। इन महिलाओं को मशीनों के उपयोग के साथ-साथ सिलाई के बुनियादी कौशल और व्यापारिक ज्ञान भी सिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान, जंपुईजाला सी कंपनी के इन्स्पेक्टर जी.डी. शोरज गनवार ने यह रेखांकित किया कि बटालियन का प्रमुख लक्ष्य गरीबी रेखा से नीचे परिवारों को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– स्थान एवं तिथि: जंपुईजाला, त्रिपुरा – 8 अक्टूबर, 2026
– संगठन: 140वाँ सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स बटालियन, सी कंपनी
– उद्देश्य: आर्थिक रूप से वंचित महिलाओं को सिलाई के माध्यम से आय अर्जित करने के कौशल से सुसज्जित करना
– प्राप्तकर्ता: समुदाय-स्तरीय संघ के पाँच महिला सदस्य
– सहायक कार्यक्रम: सीएलएफ के साथ-साथ कारीगरी और प्लंबिंग जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, जिसके लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं
संबंधित बयान
– दिहेन्द्र कुमार मोहन्टे: “हमारा मिशन है कि हम समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। यह सिलाई मशीनों का वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
– जी.डी. शोरज गनवार: “सिलाई के अलावा, हम अन्य व्यावसायिक कौशलों के लिए भी प्रशिक्षण देते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर महिला को अपने हाथों से कमाई करने का अवसर मिले।”
– जयंत दुभे: “सार्वजनिक कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन में सीआरपीएफ का योगदान अनिवार्य है। हम इस पहल के माध्यम से स्थानीय समुदाय के साथ अपनी जुड़ाव को और मजबूत करेंगे।”
प्रभाव या संदर्भ
इस पहल से महिलाओं को न केवल नई मशीनें मिलेंगी, बल्कि उन्हें सिलाई के माध्यम से आय अर्जित करने का आत्मविश्वास भी मिलेगा। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, सीआरपीएफ द्वारा अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ संयोजन से महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
निष्कर्ष
140वें सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स बटालियन द्वारा जंपुईजाला में आयोजित यह नागरिक कार्य कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पाँच सिलाई मशीनों के वितरण से महिलाओं को आय अर्जित करने के नए रास्ते खुलेंगे और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस प्रकार, सीआरपीएफ के सतत प्रयासों से समाज के वंचित वर्गों के लिए नई उम्मीदें और उज्ज्वल भविष्य की रचना हो रही है।
