मुख्य शीर्षक
हैदराबाद ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के टनल में फिर से गड्ढा, नूह जिले के पाटुका गांव में दो घर और सरकारी स्कूल को नुकसान
परिचय
पिछले शनिवार शाम लगभग 8 बजे, नूह जिले के पाटुका गांव में हैदराबाद ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माणाधीन टनल के नीचे एक गड्ढा फट गया। यह घटना पिछले छह दिनों में दूसरी बार हुई, जिससे एक सरकारी स्कूल, दो घर, तथा 500 मीटर से अधिक क्षेत्र में भूमि धंस गई और गैस पाइपलाइन उजागर हुई। सौभाग्य से किसी की मृत्यु या चोट नहीं हुई।
मुख्य घटनाक्रम
गड्ढा फटने के क्षण में गांव के निवासी अपने घरों के अंदर से एक तेज़ धमाका सुनकर बाहर भागे। उन्होंने देखा कि खेतों में एक गड्ढा बन रहा है और धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। प्रारंभ में यह गड्ढा लगभग 300 मीटर लंबा था, पर सुबह तक यह 500 मीटर से अधिक विस्तारित हो गया। गड्ढे के भीतर एक घर पूरी तरह ढह गया, जबकि सरकारी स्कूल का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
सड़क, जो गांव को पहाड़ी क्षेत्र से जोड़ती है, भी इस गड्ढे के कारण बंद हो गई। पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई, और स्थानीय मस्जिदों से निवेदन किया गया कि विशेषकर बच्चों को इस क्षेत्र से दूर रहें।
महत्वपूर्ण जानकारी
– गड्ढे के कारण 3–4 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई।
– एक ढहते घर पर शटरिंग लगी थी, पर उस समय कोई अंदर नहीं था।
– गड्ढे के भीतर गैल पाइपलाइन उजागर हुई, जो जामनगर से लोनी, गाज़ियाबाद तक गैस ले जाती है; पाइपलाइन में कोई रिसाव नहीं पाया गया।
– लगभग दो दर्जन गैल अधिकारियों ने स्थल पर पहुँच कर पाइपलाइन को सुरक्षित किया।
– दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, विशेषज्ञ और जांचकर्ता भी रातभर स्थल पर मौजूद रहे।
संबंधित बयान
रेलवे कार्यकारी निदेशक नरेन्द्र चिब्बर ने इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” कहा और कारणों की जांच जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि टनल के नीचे का काम पहले गड्ढे के बाद बंद कर दिया गया था और नवीनतम घटना के समय कोई श्रमिक स्थल पर नहीं थे।
चिब्बर ने बताया कि गड्ढा उस बिंदु के पास हुआ जहाँ अरावली टनल शुरू होता है, जहाँ कमजोर चट्टान और मिट्टी की स्थिति के कारण पानी का रिसाव संभव है। इस स्थिति का आकलन करने के लिए डिजाइनर और विशेषज्ञों को बुलाया गया है और क्षेत्र को अवरुद्ध किया गया है।
ताऊर DSP अभिमन्यू लोहन ने भी पुलिस के तैनाती की सूचना दी और निवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रभाव या संदर्भ
पिछले रविवार को भी इसी क्षेत्र में लगभग 20 मीटर चौड़ा गड्ढा फट चुका था। उस समय भी किसानों ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया और पुलिस व जिला प्रशासन से शिकायत की, परंतु उनकी शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
नवीनतम गड्ढे के बाद, गांववासियों ने फिर से निर्माण कंपनी पर दोषारोपण किया और कहा कि जब तक उनके खेतों की उचित खरीद और मुआवजा नहीं मिल जाता, वे काम को फिर से शुरू नहीं होने देंगे। उन्होंने पहले भी विरोध प्रदर्शन किए हैं और सांसदों व रेलवे मंत्री से अपनी चिंताओं का समाधान मांगते रहे हैं।
हैदराबाद ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण लगभग 1,200 करोड़ रुपये के अनुमानित लागत पर चल रहा है। परियोजना के 80 स्थानों पर कार्य हो रहा है और विशेषज्ञों द्वारा निगरानी की जा रही है। नवीनतम गड्ढे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे आसपास के निवासियों में भय और चिंता बढ़ रही है।
निष्कर्ष
नूह जिले के पाटुका गांव में फिर से हुआ गड्ढा, रेलवे परियोजना की सुरक्षा और निर्माण प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्न उठाता है। जबकि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, भूमि, घर और सरकारी स्कूल पर हुए नुकसान से स्थानीय जनता को आर्थिक और सामाजिक रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे अधिकारियों और निर्माण कंपनी को गड्ढे के कारणों की पूरी जाँच करनी चाहिए, कमजोर मिट्टी और चट्टान की स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
