टीवीके का पहला विरोध: सीईसी ग्यानेश कुमार के हटाने की मांग पर तमिलनाडु में जुटे विपक्षी दल

टैमिलगुड़ी में टीवीके का पहला विरोध: सीईसी ग्यानेश कुमार के हटाने की मांग

परिचय
15 अक्टूबर को चेनई के एगमोर क्षेत्र में रामाडा सर्कल पर 10 बजे से “लोकतंत्र की रक्षा” के नारे के साथ एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ। तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी गठबंधन INDIA के सदस्य तमिलगुड़ी वेट्री कज़हगाम (टीवीके) ने अपनी पहली सार्वजनिक मांग के रूप में मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार के हटाने की वकालत की। यह कदम टीवीके के 3 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक में शामिल होने के तुरंत बाद आया, जिससे राज्य में विपक्षी एकजुटता को नई दिशा मिली।

मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता बी मणिकाम टैगोर ने किया, जबकि तमिलनाडु कांग्रेस समिति (टीएनसीसी) के बयान के अनुसार, सभी सात विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी इस जुटान में शामिल हुए। टीवीके के स्कूल शिक्षा मंत्री ए राजमोहन, वििधुतलाई चिरुथागल कचि के अध्यक्ष और सांसद थोल थिरुमवलवन, मरुमालर्ची द्रविड़ा मुन्नेत्रा कज़हगाम के महासचिव वैको, और भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग के प्रमुख केएम कादेर मोहिदीन भी इस मोर्चे पर उपस्थित थे। सीपीआई(एम) के राज्य सचिव पी शंमुगम, सीपीआई के राज्य सचिव एम वीरापंडियन, सीपीआई(एमएल) के राज्य सचिव पाला आसैथम्बी और एआईसीसी के तमिलनाडु प्रभारिणी निवेदित अल्वा भी इस आंदोलन में भाग लेने के लिए तैयार थे।

महत्वपूर्ण जानकारी
टीवीके के INDIA ब्लॉक में शामिल होने की घोषणा 3 अक्टूबर को हुई, जिसे कांग्रेस के नेताओं ने तमिलनाडु में विपक्षी एकजुटता के लिए “ऐतिहासिक” कदम बताया। इस कदम के बाद, बी मणिकाम टैगोर ने “लोकतंत्र की रक्षा” के तहत बड़े पैमाने पर विरोध का आह्वान किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और विशेष तीव्र संशोधन (एसआईआर) के खिलाफ मांगें शामिल थीं। एसआईआर के तहत चुनावी पंजीकरण में संशोधन के दौरान विपक्ष ने चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

संबंधित बयान और जानकारी
टीवीके के प्रमुख, मुख्यमंत्री विजय, पर 2 अक्टूबर को डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने एसआईआर-सीईसी मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी न करने के लिए आलोचना की। स्टालिन ने सवाल उठाया कि क्या विजय भाजपा के प्रति निष्ठा के कारण बोलने से कतराते हैं। इसी बीच, 10 अक्टूबर को राहुल गांधी और विजय के बीच हुई बैठक के बाद, दोनों नेताओं को विजय के निवास से साथ निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वे पल्लवक्कम में कॉफी के लिए मिले। यह बैठक टीवीके के INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद हुई पहली महत्वपूर्ण बातचीत थी।

विपक्षी गठबंधन में बढ़ती खाई
15 अक्टूबर के प्रदर्शन के साथ ही कांग्रेस और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच खाई और गहरी हो गई। 12 अक्टूबर को डेमोक्रेटिक पार्टी ने घोषणा की कि वह INDIA ब्लॉक से बाहर निकल रही है, और कांग्रेस पर “द्रोह” का आरोप लगाया। पार्टी के बयान में कहा गया कि कांग्रेस ने लगातार डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ टिप्पणी करते हुए, गठबंधन में “स्लीपर सेल” के रूप में कार्य किया है। इस विवाद को चुनावी हार का मुख्य कारण बताया गया, और एसआईआर मुद्दे को भी इस संघर्ष का हिस्सा माना गया।

प्रभाव और संदर्भ
टीवीके के इस विरोध ने तमिलनाडु में विपक्षी दलों के बीच एकजुटता को उजागर किया, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठे। सीईसी ग्यानेश कुमार के हटाने की मांग ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक चर्चा को पुनर्जीवित किया, विशेषकर एसआईआर के दौरान पंजीकरण में संभावित त्रुटियों और दुरुपयोग के आरोपों के बीच। यदि यह मांग सफल होती है, तो यह चुनाव आयोग के कार्यों पर नई निगरानी और पारदर्शिता की मांग करेगा।

निष्कर्ष
15 अक्टूबर का प्रदर्शन तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। टीवीके के INDIA ब्लॉक में शामिल होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से विरोध करने से विपक्षी एकजुटता को बल मिला, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ गठबंधन में खाई गहरी हुई। सीईसी ग्यानेश कुमार के हटाने की मांग ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, और यह स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अनिवार्य है। इस घटना के आगे के विकास और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर नज़र रखी जाएगी।

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