हुथी के हमले से अडेन के राष्ट्रपति महल में 5 की मौत, 16 घायल
परिचय
रविवार को यमन के अडेन शहर में स्थित राष्ट्रपति महल पर इरान समर्थित हुथी विद्रोहियों द्वारा मिसाइल और ड्रोन का हमला हुआ। इस हमले में पाँच लोगों की मृत्यु हुई और सोलह अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने इरान पर बढ़ते हमलों के लिए ज़िम्मेदारी लेने का आरोप लगाया और अमेरिका, कनाडा तथा भारत ने अपनी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनियाँ जारी कीं।
मुख्य घटनाक्रम
अफ्रीका के दक्षिणी तट पर स्थित अडेन में राष्ट्रपति महल परिसर पर सुबह के समय एक सटीक मिसाइल और ड्रोन हमला हुआ। यह हमला उन कमांड सेंटरों पर निशाना साध रहा था जिन्हें यमन सरकार की सेनाएँ और सऊदी नेतृत्व वाली सैन्य गठबंधन उपयोग कर रही थीं। हमले के दौरान सुरक्षा कर्मियों और नागरिक कर्मचारियों को भारी क्षति पहुँची।
हत्यारे और घायल
यमन के स्वास्थ्य मंत्री क़ासिम बुइहैब ने बताया कि पाँच लोगों की मौत के साथ सोलह अन्य घायल हुए। पीड़ितों में सुरक्षा कर्मी और महल के कर्मचारियों के अलावा कुछ नागरिक भी शामिल थे। एक यमन सरकार के मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री शाया अल-जिंदानी उस समय महल में उपस्थित थे, परंतु उन्हें किसी भी तरह की चोट नहीं लगी।
सऊदी की प्रतिक्रिया
सऊदी अरब ने इस हमले के बाद इरान पर ज़ोरदार आरोप लगाते हुए कहा कि इरान हुथी को प्रोत्साहित कर रहा है और उन्हें समर्थन दे रहा है। सऊदी विदेश मंत्रालय के सार्वजनिक कूटनीति के उप मंत्री रायेद क्रिमली ने बताया कि रियाद को विश्वास है कि तेहरान इस बढ़ते संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब इरान के साथ संपर्क में है परन्तु अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि तेहरान समझौते के लिए तैयार है।
क्रिमली ने यह भी उल्लेख किया कि सऊदी ने हुथी के साथ मस्कट, ओमान में बैठक का प्रस्ताव रखा था, परंतु समूह ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। यह आरोप सऊदी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की लहर चल रही है, खासकर उसके नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढाँचे पर।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
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अमेरिका की चेतावनी
रियाद में अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को सऊदी के हवाई अड्डों पर संभावित हमलों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी। दूतावास ने बताया कि किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्यवाही को 17 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है, जबकि किंग अब्दुलअज़ीज़ (जेद्दा) और किंग फहद (दम्माम) हवाई अड्डों पर कुछ विलंब और रद्दीकरण के बावजूद संचालन जारी है। अमेरिकी नागरिकों को वैकल्पिक परिवहन विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया गया। -
कनाडा की सलाह
कनाडा के दूतावास ने अपने नागरिकों को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दम्माम व जेद्दा के अन्य हवाई अड्डों से सभी गैर‑आवश्यक यात्रा से बचने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि आगे के हमलों से हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों का बंद होना और उड़ानों में व्यवधान हो सकता है। -
भारत की सलाह
रियाद में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को शांत रहने, सतर्क रहने और सऊदी अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। दूतावास ने बताया कि अक्टूबर 10 को रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय राष्ट्रीय की मृत्यु हुई और अन्य ग्यारह भारतीय घायल हुए। दूतावास ने 24×7 हेल्पलाइन स्थापित की है ताकि भारतीय नागरिकों को सहायता मिल सके। -
यूएन सुरक्षा परिषद का बयान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हुथी के बढ़ते हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता दी। परिषद ने लाल सागर और बाब अल‑मंदाब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और उनके दलों की सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।
प्रभाव और संदर्भ
यह हमला क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रहा है, जहाँ सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमन के अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहे हैं। हुथी के लगातार हमलों से सऊदी के नागरिक, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर खतरा बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चेतावनियाँ और कूटनीतिक कदम इस संघर्ष के वैश्विक प्रभावों को दर्शाते हैं।
निष्कर्ष
अडेन के राष्ट्रपति महल पर हुथी के मिसाइल और ड्रोन हमले से पाँच लोगों की मृत्यु और सोलह घायल हुए। सऊदी अरब ने इरान पर ज़िम्मेदारी लेने का आरोप लगाया, जबकि अमेरिका, कनाडा और भारत ने अपनी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनियाँ जारी कीं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस बढ़ते संघर्ष की निंदा करते हुए सऊदी के आत्मरक्षा के अधिकार को स्वीकार किया। इस घटना से स्पष्ट होता है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है।
