महाराष्ट्र के मेडिकल इंटर्न ने किया शांतिपूर्ण विरोध, मांग बढ़ी वेतन‑भत्ता से ₹18,000‑₹30,000 तक
परिचय
महाराष्ट्र के ज्यूज अस्पताल में आज एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ, जिसमें राज्य के मेडिकल इंटर्न ने अपनी मांग रखी कि उनका मासिक भत्ता ₹18,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए। यह कदम असोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स (ASMI) के नेतृत्व में उठाया गया है, जो तीन वर्षों से इस मुद्दे पर सरकार से संवाद कर रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को ज्यूज अस्पताल के प्रवेश द्वार पर इंटर्न डॉक्टरों ने बिना किसी आवाज़ के ध्वज फहराते हुए विरोध किया। उन्होंने अस्पताल के बाहर एक पर्ची रखी, जिस पर लिखा था: “भत्ता बढ़ाएँ, अन्यथा 2 नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल।” यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा और अस्पताल की आपातकालीन सेवाएँ सामान्य रूप से चलती रही।
महत्वपूर्ण जानकारी
– मांग का सार: इंटर्न डॉक्टरों का दावा है कि 2024 में ही सरकार को ₹30,000 के भत्ते की मांग की गई थी, परंतु कोई निर्णय नहीं हुआ।
– पत्राचार: ASMI के महासचिव डॉ. रमण पवार ने बताया कि अगस्त और सितंबर में उन्होंने डीन, निदेशक, DMER कॉमिश्नर, शिक्षा मंत्री, प्रिंसिपल सीक्रेटरी, उप मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री और उनके प्रिंसिपल सीक्रेटरी को कई पत्र भेजे।
– प्रतिक्रिया का अभाव: सितंबर में 15‑20 दिन के भीतर प्रतिक्रिया देने का समय दिया गया, परंतु कोई उत्तर नहीं मिला। 5 अक्टूबर को पुनर्विचार पत्र भेजा गया, परंतु अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
– संभावित हड़ताल: पवार ने चेतावनी दी कि यदि 1 नवंबर तक सरकार कोई कदम नहीं उठाती, तो 2 नवंबर से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू होगी।
संबंधित बयान
डॉ. रमण पवार ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल वेतन बढ़ाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इंटर्न डॉक्टरों को उचित मान्यता और सम्मान मिले। महाराष्ट्र का जीडीपी में योगदान देखते हुए, अन्य राज्यों की तुलना में हमारा भत्ता कम क्यों है?” उन्होंने यह भी बताया कि 8,000 से अधिक इंटर्न इस हड़ताल में भाग ले सकते हैं, जिससे 42 सरकारी अस्पतालों और 28 प्रमुख निजी अस्पतालों पर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रभाव या संदर्भ
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, ASMI के अध्यक्ष डॉ. रुषिकेश सैंगले ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल शुरू होती है, तो 42 सरकारी और 28 निजी अस्पतालों में सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं। यह स्थिति चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर असर डाल सकती है, विशेषकर आपातकालीन विभागों में।
अंतिम निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार के पास अब स्पष्ट विकल्प है: या तो इंटर्न डॉक्टरों के भत्ते में ₹12,000 की वृद्धि कर 30,000 रुपये प्रति माह कर दें, या फिर 2 नवंबर से शुरू होने वाली राज्यव्यापी हड़ताल के कारण चिकित्सा सेवाओं में व्यवधान का सामना करें। ASMI का यह कदम दर्शाता है कि इंटर्न डॉक्टर अब अपने अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से आवाज़ उठा रहे हैं, और सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
