Manipur CM urges officials to work with dedication towards Viksit Bharat 2047 vision

शीर्षक
मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने अधिकारियों से वचनबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया

परिचय
इम्पल, २३ सितंबर – मणिपुर के मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह ने आज एक विशेष कार्यक्रम में अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने कर्तव्यों को निष्ठा और दृढ़ संकल्प के साथ निभाएँ, ताकि वि‍कसित भारत २०४७ के दृष्टिकोण को साकार किया जा सके। यह संदेश उन्होंने “उत्कर्ष २०२६” समारोह के दौरान दिया, जहाँ मणिपुर सार्वजनिक सेवा आयोग (एमपीएससी) के सफल उम्मीदवारों का स्वागत और वैकल्पिक शिक्षण प्रणाली – भारतीय प्रशासनिक सेवा (ALS IAS) कोचिंग संस्थान के विदाई कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

मुख्य घटनाक्रम
समारोह का आयोजन पैलेस ऑडिटोरियम, मणिपुर राज्य फिल्म विकास समाज के परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम में एमपीएससी के नवीनतम परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद, मुख्यमंत्री ने सफल उम्मीदवारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने संघीय सार्वजनिक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए उम्मीदवारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित थे मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, छात्र और अभिभावक आदि।

महत्वपूर्ण जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के लिए २.८ करोड़ रुपये का बजट तय कर लिया है। इस योजना का उद्देश्य है कि राज्य के भीतर ही गुणवत्ता पूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराकर इच्छुक उम्मीदवारों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह योजना २०१९ में शुरू हुई थी, जब ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ २०२१‑२०२२ में भौतिक कक्षाएँ भी शुरू की गईं।

एमपीएससी के नवीनतम परिणामों में कई उम्मीदवारों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए, जबकि संघीय सार्वजनिक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भी कई मणिपुरी उम्मीदवारों ने सफलता पाई। यह उपलब्धियाँ न केवल उम्मीदवारों की कड़ी मेहनत का प्रमाण हैं, बल्कि कोचिंग संस्थान के प्रयासों की भी पुष्टि करती हैं।

संबंधित बयान
शिक्षा विभाग के आयुक्त‑कुल सचिव निंग्थौजाम जॉफ़्री ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य है कि उम्मीदवारों को राज्य के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अपने स्वयं के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि जब वे उम्मीदवार थे, तो कोचिंग के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था, जिससे कई कठिनाइयाँ होती थीं। इस पहल से ऐसी कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बल दिया कि मणिपुर ३६ विभिन्न समुदायों का घर है, अतः एकजुटता और समावेशिता की भावना को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें पहले मणिपुरी और फिर भारतीय के रूप में पहचान बनानी चाहिए, ताकि राज्य और राष्ट्र दोनों की प्रगति में योगदान दे सकें।

प्रभाव या संदर्भ
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि मणिपुर सरकार शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में सुधार के प्रति प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के आह्वान से अधिकारियों में निष्ठा और समर्पण की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य की प्रशासनिक क्षमताओं में वृद्धि होगी।

इसके अलावा, छात्रवृत्ति योजना के तहत २.८ करोड़ रुपये का निवेश यह दर्शाता है कि सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और भविष्य के प्रशासकों को सक्षम बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

अंतिम निष्कर्ष
मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह का यह संदेश स्पष्ट है: मणिपुर के अधिकारी और प्रशासक अपने कर्तव्यों को दृढ़ संकल्प और निष्ठा के साथ निभाएँ। यह न केवल राज्य की प्रगति के लिए आवश्यक है, बल्कि वि‍कसित भारत २०४७ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भी अनिवार्य है। कार्यक्रम में उपस्थित उम्मीदवारों और उनके परिवारों को यह आश्वासन मिला कि राज्य सरकार उनकी सफलता के प्रति प्रतिबद्ध है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। इस प्रकार, मणिपुर के भविष्य के प्रशासक नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं, और राज्य तथा राष्ट्र की समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हैं।

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