इराक के राष्ट्रपति ने ट्रम्प की आलोचना की: “हम कभी झुकेंगे नहीं”

मुख्य शीर्षक
इरानी राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा, “हम कभी झुकेंगे नहीं”

परिचय
न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान, इराकी राष्ट्रपति मसूद पेज़े़शकीयन ने अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव के प्रति इराक की दृढ़ता पर बल दिया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के कथनों को अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत बताया और इराक की नाभिकीय नीति तथा गाज़ा की स्थिति पर भी प्रकाश डाला।

मुख्य घटनाक्रम
संसद में संबोधन के दौरान पेज़े़शकीयन ने स्पष्ट किया कि इराक बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, “सैन्य या आर्थिक प्रतिबंधों से इराकी जनता की प्रतिरोध भावना और भी बढ़ेगी।” इसी के साथ उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के ‘अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विरुद्ध’ कथनों की निंदा की और यह भी बताया कि इराक कूटनीति के लिए तैयार है, परंतु ‘बल प्रयोग’ को स्वीकार नहीं करेगा।

महत्वपूर्ण जानकारी
1. नाभिकीय कार्यक्रम – पेज़े़शकीयन ने जोर देकर कहा कि इराक का नाभिकीय कार्यक्रम शांति हेतु है। उन्होंने इजरायल के नाभिकीय हथियारों का उल्लेख करते हुए कहा, “इजरायल के पास नाभिकीय हथियार हैं, पर इराक में निरीक्षक नहीं हैं। हम शांति के लिए नाभिकीय तकनीक चाहते हैं।”
2. रक्षा क्षमताएँ – इराक की रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि किसी भी हमले का जवाब हम स्वयं दें। इसलिए हम अपनी सैन्य शक्ति को निरंतर बढ़ा रहे हैं।”
3. गाज़ा और फिलिस्तीनी प्रतिरोध – गाज़ा की स्थिति पर पेज़े़शकीयन ने कहा, “गाज़ा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का खुला घाव है। यदि कब्ज़ा जारी रहता है, तो प्रतिरोध जारी रहेगा।” उन्होंने फिलिस्तीनी लोगों की आत्मनिर्णय की आकांक्षा पर प्रकाश डाला और बताया कि ‘बम और घेराबंदी’ से उनकी प्रतिरोध भावना कम नहीं होगी।

संबंधित बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेन्स्की के साथ एक द्विपक्षीय बैठक में कहा कि “मुलाक़ात बहुत अच्छी रही” और “तीन घंटे चलती रही।” इस वक्तव्य के बाद पेज़े़शकीयन ने ट्रंप के शब्दों को ‘अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के विरुद्ध’ बताया।

इसके अलावा, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरड कश्नर के इराकी मध्यस्थों से मिलने के बाद, पेज़े़शकीयन ने इराक की कूटनीति के प्रति खुलापन जताया, परंतु यह भी कहा कि “कूटनीति समान स्तर पर होनी चाहिए, न कि दबाव के साथ।”

प्रभाव या संदर्भ
पेज़े़शकीयन का यह बयान इराक की विदेश नीति में एक स्पष्ट रुख दर्शाता है। प्रतिबंधों के बावजूद इराक की प्रतिरोध भावना बढ़ रही है, और नाभिकीय शांति के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पुनः पुष्टि की गई है। गाज़ा की स्थिति पर उनके शब्दों ने फिलिस्तीनी प्रतिरोध के प्रति अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति को बढ़ाया है।

साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप के कथनों के प्रति इराक की आलोचना ने अमेरिकी-इराक संबंधों में तनाव पैदा किया है, और इराक की कूटनीति को ‘समान स्तर’ पर आगे बढ़ाने की मांग को बल मिला है।

निष्कर्ष
इराक के राष्ट्रपति मसूद पेज़े़शकीयन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्पष्ट किया कि इराक बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने नाभिकीय शांति, रक्षा क्षमताएँ और गाज़ा की मानवीय स्थिति पर बल दिया। डोनाल्ड ट्रंप के कथनों की आलोचना करते हुए, पेज़े़शकीयन ने इराक की कूटनीति के प्रति खुलापन और ‘समान स्तर’ पर वार्ताओं की आवश्यकता पर जोर दिया। इस वक्तव्य से इराक की विदेश नीति की दिशा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी भूमिका स्पष्ट हुई।

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