एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स को हैदराबाद में 265 MW बैटरी भंडारण परियोजना पर 2.35 लाख रुपये/मेगावाट/माह टैरिफ मिला

हैदराबाद में 265 MW/530 MWh बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना पर एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स को मिला टैरिफ 2.35 लाख रुपये/मेगावाट/माह

परिचय
हैदराबाद के उत्तर भाग में स्थित बिजली वितरण निगम (उर्‍द्‍ध) ने 265 मेगावाट/530 मेगावाट‑घंटे की स्वतंत्र बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) का टेंडर जारी किया। इस परियोजना के लिए एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड को 2.35 लाख रुपये प्रति मेगावाट प्रति माह के टैरिफ पर अनुबंध मिला। यह टैरिफ पिछले पैनिपत परियोजना के 1.97 लाख रुपये से अधिक है, परंतु मिडिल साउथ इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कॉर्पोरेशन (एमएसईडीसीएल) के टेंडर में मिले 2.38 लाख रुपये के टैरिफ से कम है।

मुख्य घटनाक्रम
– टेंडर जुलाई में खुला और एक महीने बाद एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स को विजेता घोषित किया गया।
– परियोजना को दो भागों में बाँटा गया:
– प्रोजेक्ट‑1: 250 मेगावाट/500 मेगावाट‑घंटे
– प्रोजेक्ट‑2: 15 मेगावाट/30 मेगावाट‑घंटे
– टेंडर में रामा रिफ्लेक्शन इंडिया, सोलरवर्ल्ड एनर्जी, पेस डिगिटेक लिमिटेड, सन ड्रॉप एनीरजिया लिमिटेड और ओरिआना पावर लिमिटेड जैसे डेवलपर्स भी भाग लिए, परंतु अंतिम सूची में नहीं आ सके।

महत्वपूर्ण जानकारी
– सन्. 2024 के जुलाई में टेंडर खुलने के बाद, एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स को 2.35 लाख रुपये/मेगावाट/माह के टैरिफ पर अनुबंध मिला।
– यह टैरिफ पैनिपत में 250 मेगावाट/500 मेगावाट‑घंटे के प्रोजेक्ट के 1.97 लाख रुपये/मेगावाट/माह से अधिक है, जिसे हार्डी हाइड्रो एनर्जी प्रा. लिमिटेड को मिला था।
– एमएसईडीसीएल के टेंडर में ओरिआना को 2.38 लाख रुपये/मेगावाट/माह और जीके एनर्जी को 2.38 लाख रुपये/मेगावाट/माह के टैरिफ मिले थे।

संबंधित बयान
संज़वेन (सोलर एंड जेनरेटिंग विज़न नेटवर्क) ने परियोजना के लिए रिन्यूएबल एनर्जी इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी (REIA) के रूप में कार्य किया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना उत्तर हैदराबाद बिजली वितरण निगम (उर्‍द्‍ध) के लिए 2‑घंटे के बैटरी भंडारण समाधान के रूप में कार्य करेगी।

प्रभाव या संदर्भ
– यह परियोजना हैदराबाद में ऊर्जा भंडारण क्षमता को बढ़ाकर ग्रिड स्थिरता में योगदान देगी।
– 30 मेगावाट‑घंटे की कुल क्षमता पर 18 लाख रुपये/मेगावाट‑घंटे तक का वैबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) उपलब्ध है, जो एक बार का अनुदान है और पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड (PSDF) के माध्यम से पूरी तरह से वित्तपोषित है।
– प्रोजेक्ट‑2 के 15 मेगावाट/30 मेगावाट‑घंटे के हिस्से को राज्य घटक के तहत VGF से समर्थन मिलेगा।

निष्कर्ष
एनएलसी इंडिया रिन्यूएबल्स द्वारा 265 मेगावाट/530 मेगावाट‑घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना का सफलतापूर्वक टेंडर जीतना हैदराबाद में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह परियोजना न केवल ग्रिड की स्थिरता बढ़ाएगी बल्कि ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में नई तकनीकी और वित्तीय मॉडल को भी आगे बढ़ाएगी। 2.35 लाख रुपये/मेगावाट/माह के टैरिफ पर अनुबंध मिलने से यह स्पष्ट होता है कि राज्य और केंद्रीय सरकार के बीच सहयोग से ऊर्जा परियोजनाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाया जा सकता है।

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