एमटीएनएल ने पवाई की संपत्ति आयकर विभाग को 891.53 करोड़ में बेचने की मंजूरी दी
परिचय
नई दिल्ली – राज्य‑स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी मणगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के बोर्ड ने गुरुवार को पवाई, मुंबई में स्थित अपनी संपत्ति को आयकर विभाग को 891.53 करोड़ रुपये में बेचने की स्वीकृति दे दी है। यह निर्णय एमटीएनएल के गैर‑कोर परिसंपत्तियों को नकदी में बदलने के प्रयासों का हिस्सा है, जो कंपनी की वित्तीय चुनौतियों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
एमटीएनएल के नियामक दायरों के अनुसार, पवाई में स्थित यह संपत्ति प्लॉट‑सी, टेक्नोलॉजी स्ट्रीट पर स्थित है और इसका भू-क्षेत्रफल 20,895.60 वर्ग मीटर है। इस बिक्री को सरकार‑से‑सरकार (G2G) ट्रांसफर या सीधी बिक्री के रूप में निष्पादित किया जाएगा। लेन‑देेन आयकर विभाग की औपचारिक स्वीकृति के अधीन है और इसे राष्ट्रपति अनुमोदन तथा वैकल्पिक तंत्र (AM) अनुमोदन के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
यह प्रस्ताव एमटीएनएल के गैर‑कोर परिसंपत्तियों को नकदी में बदलने के व्यापक कार्यक्रम के अंतर्गत आता है। कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने परिसंपत्ति मोनेटाइजेशन को एक प्रमुख उपाय के रूप में पहचाना है। इस कदम से एमटीएनएल को अपनी देनदारियों को पूरा करने में सहायता मिलेगी और निवेशकों के विश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।
महत्वपूर्ण जानकारी
ज्योतिरादित्य स्किंदिया, संघीय संचार मंत्री, ने जुलाई में बताया था कि एमटीएनएल की कुल देनदारियाँ FY26 में लगभग 40,008.52 करोड़ रुपये तक पहुँच गई हैं, जबकि गैर‑कोर परिसंपत्तियों का मूल्य लगभग 50,000 करोड़ रुपये है। उसी महीने के संसद उत्तर में दी गई जानकारी के अनुसार, एमटीएनएल का घाटा FY26 में 3,101 करोड़ रुपये तक बढ़ गया, जबकि FY22 में यह 2,616 करोड़ रुपये था। आय में भी गिरावट आई है, FY26 में यह 1,469 करोड़ रुपये रहा, जबकि FY22 में यह 1,696 करोड़ रुपये था।
इस पवाई संपत्ति की बिक्री से एमटीएनएल को लगभग 891.53 करोड़ रुपये की नकदी प्राप्त होगी, जो कंपनी के कुल ऋण भार को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह राशि आयकर विभाग को हस्तांतरित की जाएगी, जिससे विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और कर संग्रहण में सुधार होगा।
संबंधित बयान / जानकारी
एमटीएनएल के शेयरों की कीमतें गुरुवार को बढ़कर 17 प्रतिशत तक पहुँच गईं, और 12:40 बजे बीएसई पर 26.96 रुपये के इंट्राडे उच्चतम स्तर पर पहुँचीं। इस शेयर ने 52‑सप्ताह का उच्चतम स्तर 44.71 रुपये और न्यूनतम 20.30 रुपये दर्ज किया है। वर्तमान में शेयर लगभग 25 रुपये पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले दिन की तुलना में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
एमटीएनएल के बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बिक्री किसी भी प्रकार के अनुबंध या शर्तों के अधीन नहीं है, और यह पूरी तरह से सरकारी नीतियों के अनुरूप है। बोर्ड के सदस्यों ने यह भी कहा कि यह कदम कंपनी के वित्तीय ढाँचे को स्थिर करने के लिए आवश्यक है और यह निवेशकों के हितों की रक्षा करेगा।
प्रभाव या संदर्भ
इस बिक्री के बाद, एमटीएनएल को अपने ऋण भार में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी, जिससे कंपनी की लाभप्रदता में सुधार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, आयकर विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, जो कर नीति के तहत कर संग्रहण को बेहतर बनाएगा।
वित्तीय बाजारों में एमटीएनएल के शेयरों की बढ़ती कीमतें निवेशकों के विश्वास को दर्शाती हैं कि कंपनी के परिसंपत्ति मोनेटाइजेशन के प्रयास सफल हो रहे हैं। यह कदम अन्य राज्य‑स्वामित्व वाली कंपनियों के लिए भी एक मिसाल स्थापित कर सकता है, जिन्हें अपनी गैर‑कोर परिसंपत्तियों को नकदी में बदलने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
एमटीएनएल द्वारा पवाई की संपत्ति को आयकर विभाग को 891.53 करोड़ रुपये में बेचने की स्वीकृति, कंपनी के वित्तीय पुनर्गठन के महत्वपूर्ण चरण को चिह्नित करती है। यह कदम न केवल एमटीएनएल के ऋण भार को कम करेगा, बल्कि आयकर विभाग को भी अतिरिक्त राजस्व प्रदान करेगा। निवेशकों के बीच बढ़ती आशा और शेयरों की उछाल इस पहल की सफलता का संकेत देती है। भविष्य में, यदि यह मोनेटाइजेशन मॉडल सफल सिद्ध होता है, तो यह अन्य राज्य‑स्वामित्व वाली कंपनियों के लिए भी एक नया मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
