राडो शोरूम से 2.5 करोड़ रुपये के 251 घड़ी चोरी, गोधासन गैंग पर संदेह
परिचय
जैपुर के टोनक रोड पर स्थित राडो घड़ी शोरूम को गुरुवार की सुबह एक धूर्त चोरी का सामना करना पड़ा। 36 मिनट के भीतर चोरों ने 251 घड़ी चुरा लीं, जिनका कुल मूल्य 2.5 करोड़ रुपये के आसपास अनुमानित है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में गोधासन गैंग के शामिल होने का संदेह है, जो पहले भी जयपुर और देश के अन्य हिस्सों में इसी तरह के वाणिज्यिक चोरी के मामलों में जुड़ी हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
शोरूम के बंद होने के बाद लगभग 4.30 बजे पाँच से सात पुरुष टोनक रोड पर पहुँचे। उन्होंने शोरूम के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर, दो लोहे के दण्डों से रोलिंग शटर को तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया। दो पुरुष शोरूम के अंदर चले, जबकि अन्य बाहर रहकर निगरानी करते रहे।
चोरों ने यह भी अनुमान लगाया कि शोरूम में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, और उन्होंने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की तलाश की। गलती से उन्होंने एक म्यूजिक सिस्टम को डीवीआर समझ लिया और उसे हटा दिया। जब वे निकास के पास पहुँचे, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने उपकरण को शोरूम के बाहर छोड़ दिया।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि चोर 4.36 बजे के आसपास शोरूम में प्रवेश कर 5 बैग में घड़ियाँ भरते हुए 5.12 बजे निकल गए। फुटेज से चोरी की समय-सारणी और क्रम स्पष्ट हुआ, जिससे जांच दल को चोरों की पहचान और चोरी हुई घड़ियों का पता लगाने में मदद मिल रही है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– शोरूम का पता: टोनक रोड, जयपुर
– चोरी की घड़ियाँ: 251, कुल मूल्य 2.5 करोड़ रुपये
– चोरी का समय: 36 मिनट (4.36 बजे से 5.12 बजे तक)
– चोरों की संख्या: 5–7
– संदेहास्पद गैंग: गोधासन गैंग
– पुलिस प्रमुख: डिप्टी कमिश्नर (पूर्वी) रंजीता शर्मा
संबंधित बयान / जानकारी
डिप्टी कमिश्नर (पूर्वी) रंजीता शर्मा ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए कहा, “पुलिस इस मामले को सभी पहलुओं से जांच रही है। हम सीसीटीवी फुटेज, गवाहों की गवाही और अन्य सबूतों के आधार पर चोरों की पहचान करेंगे।”
जैपुर (पूर्वी) पुलिस की एक विशेष टीम ने शोरूम के आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की खोज की और अधिक फुटेज जुटाने का प्रयास किया।
प्रभाव या संदर्भ
इस चोरी ने जयपुर की पुलिस की रात की गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया है। चोरों ने टोनक रोड के एक प्रमुख वाणिज्यिक क्षेत्र में शोरूम के बंद होने के बावजूद, कुछ मिनटों के लिए बाहर रहकर शोरूम में घुसपैठ की। पुलिस के अपने आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश चोरी और डकैती 2.30 बजे से 4 बजे के बीच होती है, जब गश्त का स्तर कम होता है।
गोधासन गैंग के इस मामले में शामिल होने का संदेह इस बात को दर्शाता है कि यह गैंग वाणिज्यिक शोरूमों पर लक्षित हमला करने के लिए रोलिंग शटर के कमजोर बिंदुओं का उपयोग करती है, बजाय भारी ताले तोड़ने के।
अंतिम निष्कर्ष
राडो शोरूम से 2.5 करोड़ रुपये के 251 घड़ी की चोरी ने जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों को उजागर किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों की गवाही के आधार पर चोरों की पहचान और चोरी हुई घड़ियों का पता लगाने के लिए कड़ी जांच शुरू कर दी है। गोधासन गैंग के शामिल होने का संदेह इस बात का संकेत है कि वाणिज्यिक शोरूमों पर लक्षित हमलों के लिए एक संगठित योजना चल रही है। पुलिस द्वारा गश्त के समय और तरीकों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके और नागरिकों के विश्वास को बहाल किया जा सके।
