गण्डक की बाढ़ ने शरन व मुझफर्फ़रपुर में दो नई बाँध टूटने के साथ स्थिति बिगाड़ दी; भारतीय वायु सेना ने राहत कार्य में कदम बढ़ाया
परिचय
पैठ के उत्तर बिहार में गुरुवार को गण्डक नदी के बढ़ते जल स्तर ने शरन और मुझफर्फ़रपुर जिलों में दो नई बाँध टूटने का कारण बना। इस घटना से कुल आठ बाँध चार दिनों में टूट चुके हैं, जिससे 200 से अधिक गाँव बाढ़ में डूब गए हैं। गंगा के बढ़ते जल के साथ, स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भारतीय वायु सेना ने प्रभावित इलाकों में सूखे राशन की वायु-आपूर्ति करके राहत कार्य शुरू किया है।
मुख्य घटनाक्रम
गण्डक के जल स्तर ने पश्चिम चम्पारण, पूर्व चम्पारण, गोपालगंज, मुझफर्फ़रपुर, शरन और वैशाली के छह जिलों पर लगातार दबाव डाला हुआ है। शरन के पनापुर ब्लॉक में दाहिनी बाँध के टूटने से सटजोड़ा, करछुलिया और भगवानपुर पंचायतों के गाँव और कृषि भूमि बाढ़ में डूब गई। इसी के साथ, मुझफर्फ़रपुर के सैहबगंज ब्लॉक में तिरहुत मुख्य बाँध के रिंग बाँध में भी टूटन हुई, जिससे 74‑कि.मी. के मुझफर्फ़रपुर‑चापरा राष्ट्रीय राजमार्ग के कई बिंदुओं पर पानी ओवरफ्लो हुआ।
महत्वपूर्ण जानकारी
– गण्डक का जल स्तर गॉपालगंज, शरन और वैशाली में अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) से ऊपर था।
– पनापुर ब्लॉक में बाँध टूटने के बाद, पनापुर के तीन पंचायतों में बाढ़ ने धान और अन्य खारिफ फसलों को नुकसान पहुँचाया।
– वैशाली में, पिरापुर गाँव के पास रिंग बाँध पर दबाव बढ़ा, जिससे अधिकारियों ने सुबह 4 बजे तक रिसाव को बंद किया।
– गंगा के बढ़ते जल ने गण्डक के प्रवाह को धीमा कर दिया, जिससे बाढ़ का असर और बढ़ गया।
संबंधित बयान
गण्डक के जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए गण्डक बाढ़ प्रबंधन विभाग ने बताया कि गंगा का जल स्तर दिग्हा से काहलगांव तक बढ़ रहा है। गंगा के गँधी घाट पर जल 1.07 मीटर और हथिदाह पर 80 सेमी ऊपर है।
राज्य सरकार के प्रमुख, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जेडी गंगा पथ से गंगा के बढ़ते स्तर की जाँच की और अधिकारियों को 48 घंटे के लिए उच्च सतर्कता रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वायु सेना से सहायता माँगी गई है।
राहत कार्य
भारतीय वायु सेना के दो हेलिकॉप्टर ने पाटना हवाई अड्डे के पास स्थित राज्य हेंगर से पनापुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच सूखे राशन के पैकेट वायु-आपूर्ति किये। इन पैकेटों में चना, सत्तू, चूरा, चीनी, ओआरएस, माचिस और मोमबत्ती शामिल थे। पैकेट पाटना में तैयार किए गए थे।
हेलिकॉप्टरों को पहले गोरखपुर एयरबेस से जुटाया गया था, जैसा कि आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव संतोष कुमार मल ने बताया। मुख्य सचिव प्रत्याया अमृत और मल ने इन उड़ानों को मंजूरी दी।
प्रभाव और संदर्भ
बाढ़ के कारण 200 से अधिक गाँव डूब चुके हैं और धान तथा अन्य खारिफ फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। पश्चिम चम्पारण के किसानों ने तात्कालिक फसल क्षति के आकलन और राहत सामग्री के वितरण की माँग की है। वे कहते हैं कि बाढ़ में उनके धान के खेतों को भारी क्षति हुई है और वे शीघ्र मुआवजा चाहते हैं।
गंगा के बढ़ते जल ने गण्डक के प्रवाह को धीमा कर दिया है, जिससे बाढ़ का असर और भी बढ़ गया है। गंगा के जल स्तर के बढ़ने से गण्डक में जल का प्रवाह धीमा हो रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो रही है।
निष्कर्ष
गण्डक के बढ़ते जल स्तर के कारण शरन और मुझफर्फ़रपुर में दो नई बाँध टूटने से स्थिति और बिगड़ गई है। 200 से अधिक गाँव बाढ़ में डूबे हैं और फसलों को भारी क्षति पहुँची है। गंगा के बढ़ते जल के कारण बाढ़ का असर और भी बढ़ गया है। भारतीय वायु सेना ने राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई है, जबकि राज्य सरकार ने उच्च सतर्कता और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। किसानों और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए फसल क्षति के आकलन और मुआवजा प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
