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कपिल देव ने प्रशंसा की: प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में भारत का पहला गोल्फ स्वर्ण पदक जीताया
परिचय
नई दिल्ली – 3 अक्टूबर, 2024 – भारतीय गोल्फ के पूर्व कप्तान कपिल देव ने एशियन गेम्स में महिलाओं के व्यक्तिगत गोल्फ प्रतियोगिता में प्रणवी उर्स द्वारा जीताए गए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक पर अपनी प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने भारतीय महिलाओं की टीम के रजत पदक को भी सराहा, जो इस आयोजन में भारत की पहली टीम पदक बनकर उभरा।
मुख्य घटनाक्रम
कसुगाई काउंटी क्लब के ईस्ट कोर्स पर आयोजित अंतिम दिन पर प्रणवी उर्स ने 15‑अंडर 265 के शानदार स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के बावजूद भी शीघ्र ही नियंत्रण संभाला और छठे, दसवें और तेरहवें होल पर बर्डी बनाकर अपने खेल को स्थिर किया। अंतिम होल पर उन्होंने सम‑पार 70 के साथ मैच पूरा किया, जिससे भारत को यह ऐतिहासिक जीत मिली।
टीम प्रतियोगिता में प्रणवी, अदिति अशोक और दिक्शा दगर ने मिलकर 14‑अंडर 546 के कुल स्कोर के साथ रजत पदक जीता। यह भारत की पहली टीम पदक है और भारतीय महिलाओं के गोल्फ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– स्वर्ण पदक – प्रणवी उर्स, 15‑अंडर 265, व्यक्तिगत प्रतियोगिता
– रजत पदक – प्रणवी उर्स, अदिति अशोक, दिक्शा दगर, 14‑अंडर 546, टीम प्रतियोगिता
– किसी भी होल पर ट्रिपल बोगी – तीसरे होल पर प्रणवी का सामना, परंतु बाद में बर्डी से पुनः उभरीं
– कपिल देव का पद – प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान
संबंधित बयान / जानकारी
कपिल देव ने कहा, “प्रणवी उर्स का यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक और हमारी महिलाओं की टीम द्वारा जीताया गया रजत पदक भारतीय गोल्फ के लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “इन पदकों से यह स्पष्ट होता है कि हमारे खिलाड़ी कितने प्रतिभाशाली, दृढ़ संकल्पित और मेहनती हैं। प्रणवी ने ‘स्टील नर्व्स’ और ‘ट्रांसेंडेंटल विश्वास’ के साथ स्वर्ण पदक जीता।”
उन्होंने टीम के तीन सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा, “अदिति, दिक्शा और प्रणवी ने टीम के रूप में उत्कृष्ट समन्वय दिखाया और भारत को रजत पदक दिलाया। मैं DP World PGTI और भारतीय गोल्फ समुदाय की ओर से उन्हें बधाई देता हूँ।”
कपिल देव ने यह भी जोड़ा, “इस महाद्वीपीय मंच पर गोल्फरों का प्रदर्शन आत्मविश्वास और अनुशासन के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने दिखाया कि जब आप स्वयं पर विश्वास करते हैं, अनुशासन बनाए रखते हैं और बड़े मंच पर साहसपूर्वक प्रतिस्पर्धा करते हैं, तो क्या संभव है।”
प्रभाव या संदर्भ
इस जीत से भारतीय महिलाओं के गोल्फ को नई पहचान मिली है। प्रणवी उर्स का स्वर्ण पदक और टीम का रजत पदक दोनों ही भारतीय गोल्फ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस सफलता से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और गोल्फ को देशभर में और अधिक लोकप्रियता प्राप्त होगी।
कपिल देव के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय गोल्फ के विकास में नेतृत्व और समर्थन की आवश्यकता है। प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में वे खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और संसाधन उपलब्ध कराने के महत्व पर बल देते हैं।
निष्कर्ष
प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक स्वर्ण जीत और भारतीय महिलाओं की टीम के रजत पदक ने एशियन गेम्स में भारत को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। कपिल देव की प्रशंसा और समर्थन से यह स्पष्ट है कि भारतीय गोल्फ का भविष्य उज्ज्वल है। इस जीत के साथ, गोल्फ के प्रति भारतीय जनता का विश्वास और उत्साह बढ़ेगा, और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी।
