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रिलायंस जियो के अध्यक्ष आकाश अंबानी ने पीएम मोदी को “डिजिटल उद्योग के विकास का मार्गदर्शक” कहा, जबकि 10वीं भारतीय मोबाइल कांग्रेस में जियो ने अपना सैटेलाइट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पेश किया
परिचय
नई दिल्ली – 10वीं भारतीय मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान, रिलायंस जियो इन्फो कम के अध्यक्ष आकाश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “डिजिटल उद्योग के विकास का मार्गदर्शक” कहा। उन्होंने जियो के 10‑वर्षीय सफ़र और आने वाले सैटेलाइट नेटवर्क की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
मुख्य घटनाक्रम
1. प्रधानमंत्री का उद्घाटन – 7 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वीं IMC का उद्घाटन किया और बताया कि भारत का टेलीकॉम क्षेत्र अब नेटवर्क और स्पेक्ट्रम से आगे बढ़कर शासन के प्रमुख सशक्तिकरण का माध्यम बन गया है।
2. जियो का सैटेलाइट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट – जियो ने 1,600 लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के कॉन्स्टेलेशन और 23 ग्राउंड स्टेशनों की योजना की घोषणा की। यह पहल “सार्वभौमिक सैटेलाइट कनेक्टिविटी” के तहत है, जिसका उद्देश्य डिज़ाइन, इंजीनियरिंग, लॉन्च और संचालन को पूरी तरह भारत में ही रखना है।
3. आकाश अंबानी का भाषण – जियो के अध्यक्ष ने पीएम मोदी की “उद्योग के लिए मिशन” की प्रशंसा करते हुए कहा कि जियो का लक्ष्य उपभोक्ताओं के लिए विघटनकारी सेवाएँ प्रदान करना और तकनीक का उपभोक्ता न होकर निर्माता बनना है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– 5G का प्रसार – प्रधानमंत्री के अनुसार, 5G अब हर जिले में पहुँच चुका है, 5.5 लाख बेस स्टेशन स्थापित हैं और मोबाइल इंटरनेट की गति 2022 की तुलना में दस गुना तेज़ है।
– जियो का 10वां वर्ष – जियो ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 10वें वर्ष का जश्न मनाया।
– सैटेलाइट नेटवर्क की विशिष्टताएँ – 1,600 LEO उपग्रह, 23 ग्राउंड स्टेशन, भारत के भीतर पूरी वैल्यू चेन, डिज़ाइन से लेकर ऑपरेशंस तक।
संबंधित बयान
– आकाश अंबानी – “उनका मिशन हमें प्रेरित करता है और हमें नई ऊँचाइयों पर ले जाता है। हमें तकनीक के निर्माता बनना है, और यही जियो का मार्ग है।”
– नरेंद्र मोदी – “मोबाइल फ़ोन अब अच्छा शासन का उपकरण बन गया है। 5G से हर जिले में कनेक्टिविटी संभव हुई है।”
प्रभाव या संदर्भ
1. डिजिटल समावेशन – सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँच संभव होगी, जिससे डिजिटल समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठेगा।
2. आर्थिक विकास – 5G के तेज़ इंटरनेट से डिजिटल सेवाओं का प्रसार बढ़ेगा, जिससे रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
3. सार्वभौमिक नियंत्रण – जियो का “सार्वभौमिक सैटेलाइट कनेक्टिविटी” पहल भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी स्वायत्तता की ओर अग्रसर करेगी।
निष्कर्ष
10वीं भारतीय मोबाइल कांग्रेस में जियो के 10वें वर्ष का जश्न और सैटेलाइट कनेक्टिविटी की घोषणा ने भारत के डिजिटल भविष्य के लिए नई दिशा तय की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शक शब्दों से प्रेरित होकर, जियो उपभोक्ताओं के लिए विघटनकारी सेवाएँ देने और तकनीक का निर्माता बनने के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 5G के व्यापक प्रसार और सैटेलाइट नेटवर्क की योजनाओं से भारत की डिजिटल बुनियादी ढाँचे में और मजबूती आएगी, जिससे आर्थिक समृद्धि और शासन की दक्षता दोनों में सुधार की उम्मीद है।
