नॉइडा में शेयर बाजार ठगी से ₹47 लाख का नुकसान, पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज

शीर्षक
नॉइडा में शेयर बाजार धोखाधड़ी से दो पुरुषों ने ₹47 लाख खोए

परिचय
नॉइडा के दो अलग‑अलग हिस्सों में हुए शेयर बाजार के ठगी मामलों में, 39‑वर्षीय वैभव गार्ग और 72‑वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक ने कुल मिलाकर लगभग ₹47 लाख का नुकसान झेला। दोनों ही मामलों में धोखेबाजों ने सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया और निवेश के बहाने बड़ी रकम वसूल ली। पुलिस ने इन दोनों शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण
पहला मामला 39‑वर्षीय वैभव गार्ग, जो ग्रेटर नोइडा वेस्ट के निवासी हैं, के साथ हुआ। गार्ग ने बताया कि उन्हें एक व्हाट्सएप समूह में जोड़ दिया गया, जहाँ हर शाम 7.30 बजे एक पुरुष वीडियो कॉल के जरिए निवेश कक्षाएँ चलाता था। समूह के सदस्यों को लाभ के स्क्रीनशॉट साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। इसी बीच, धोखेबाज ने गार्ग से 300 % रिटर्न का वादा किया और उन्हें डेमैट खाता खोलने के लिए कहा। 16 सितंबर से 6 अक्टूबर के बीच गार्ग ने कुल 10 बार में ₹20 लाख का पैसा ट्रांसफर किया। जब उन्होंने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने अतिरिक्त राशि चुकाने का दबाव डाला और कहा कि अन्यथा उन्हें डिफ़ॉल्ट सूची में डाल दिया जाएगा। तभी गार्ग को धोखे का पता चला और उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की।

दूसरा मामला 72‑वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक से जुड़ा है, जो सेक्टर 20 में रहते हैं। पुलिस के अनुसार, इस व्यक्ति को भी धोखेबाजों ने एक एप्लिकेशन के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया। जब उन्होंने लाभ निकालने का प्रयास किया, तो उन्हें भी अधिक धनराशि चुकाने के लिए दबाव डाला गया। इस मामले में भी कुल ₹27.5 लाख की राशि धोखाधड़ी में चली गई।

प्रमुख तथ्य
| पक्ष | राशि | स्थान | तारीख |
|——|——|——-|——-|
| वैभव गार्ग | ₹20 लाख | ग्रेटर नोइडा वेस्ट | 16 सितम्बर–6 अक्टूबर |
| वरिष्ठ नागरिक | ₹27.5 लाख | सेक्टर 20 | – |

  • दोनों ही मामलों में धोखेबाजों ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों का इस्तेमाल किया।
  • निवेश के बहाने 300 % रिटर्न का वादा किया गया।
  • डेमैट खाता खोलने के बाद ही धनराशि ट्रांसफर की गई।
  • मुनाफा निकालते समय अतिरिक्त शुल्क वसूलने की कोशिश की गई।
  • पुलिस ने इन दोनों शिकायतों के आधार पर 318(4) और 319(2) (धोखाधड़ी और पहचान धोखाधड़ी) के तहत FIR दर्ज की।

पुलिस के बयान
साइबर अपराध शाखा के पुलिस स्टेशन के अधिकारी विजय राणा ने कहा, “इन दोनों मामलों में ठगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से निवेश के बहाने लोगों को धोखा दिया। FIR 318(4) और 319(2) के तहत दर्ज की गई है और जांच टीम गठित कर जांच शुरू की गई है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि “सभी संबंधित दस्तावेज़ और ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड पुलिस के पास सुरक्षित रखे गए हैं।”

प्रभाव और संदर्भ
नॉइडा के इन दोनों मामलों से यह स्पष्ट होता है कि आज के डिजिटल युग में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी बढ़ रही है। विशेषकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर निवेश कक्षाओं और लाभ के स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों को लालच में डालना एक आम रणनीति बन चुकी है। ऐसे मामलों से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि पीड़ितों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है।

साथ ही, यह घटना निवेशकों को यह याद दिलाती है कि किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की जाँच अनिवार्य है। डेमैट खाता खोलने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सत्यापन करना, तथा किसी भी निवेश प्लेटफ़ॉर्म पर जमा राशि से पहले उसकी पंजीकरण स्थिति जाँचना आवश्यक है।

निष्कर्ष
नॉइडा में हुए ये दो शेयर बाजार धोखाधड़ी के मामले समाज में बढ़ती साइबर अपराध की चेतावनी हैं। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इससे पहले कि कोई और व्यक्ति इसी तरह के ठगी का शिकार हो, निवेशकों को सतर्क रहने और वैध स्रोतों से ही निवेश करने की सलाह दी जाती है। इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए सरकारी और वित्तीय संस्थानों को मिलकर कड़ी निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।

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