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मेघालय के अंधा फुटबॉल खिलाड़ी क्लिंगसन डी मराक को एशियाई पैरागेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया
परिचय
गुवाहाटी: गारो हिल्स के निवासी क्लिंगसन डी मराक को 5वें एशियाई पैरागेम्स (असियान पैरागेम्स) के लिए भारत की अंधा फुटबॉल टीम में स्थान मिला है। यह चयन 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची‑नागोया में होने वाले टूर्नामेंट के लिए है। मराक, जो मेघालय के एकमात्र चयनित खिलाड़ी हैं, ने हाल ही में न्यू दिल्ली में आयोजित ट्रायल में अपनी बेहतरीन क्षमताओं से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
मुख्य घटनाक्रम
– ट्रायल में प्रदर्शन – न्यू दिल्ली में आयोजित 10‑सदस्यीय भारतीय अंधा फुटबॉल टीम के चयन ट्रायल में मराक ने अपनी तेज़ी, सटीक पास और गोल-स्कोरिंग क्षमताओं से सभी को चकित किया।
– एकमात्र मेघालय खिलाड़ी – मराक के अलावा राज्य से तीन अन्य खिलाड़ी ट्रायल के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए थे, परंतु अंततः केवल मराक को ही राष्ट्रीय टीम में स्थान मिला।
– एशियाई पैरागेम्स का कार्यक्रम – टूर्नामेंट 18 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची‑नागोया में आयोजित होगा।
– पिछला अनुभव – मराक ने पिछले छह वर्षों से भारतीय टीम का हिस्सा बनकर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। उन्होंने हाल ही में जापान में आईबीएसए पुरुषों के ब्लाइंड फुटबॉल चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ऑस्ट्रेलिया व उज़्बेकिस्तान पर जीत में गोल करके टीम को आगे बढ़ाया।
महत्वपूर्ण जानकारी
– किआंग नंगबाह पुरस्कार – मराक को मेघालय के प्रतिष्ठित किआंग नंगबाह पुरस्कार से नवाजा गया है, जो राज्य के सर्वश्रेष्ठ खेल प्रतिभाओं को दिया जाता है।
– राष्ट्रीय टीम में योगदान – छह वर्षों से लगातार भारतीय टीम में खेले जाने के बावजूद, मराक ने अब तक 10 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भाग लिया है और 12 गोल किए हैं।
– घरेलू सफलता – जुलाई में उन्होंने मेघालय को 7वें पुरुषों के नॉर्थईस्ट ज़ोनल ब्लाइंड फुटबॉल चैम्पियनशिप में विजयी बनाया। साथ ही, उनके क्लब मेघालय चालांग ने भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल प्रीमियर लीग में उपविजेता स्थान प्राप्त किया।
– प्रशिक्षण पृष्ठभूमि – मराक ने कोच्चि, केरल के ब्लाइंड फुटबॉल अकादमी में प्रशिक्षण लिया, जहाँ उन्होंने अपनी तकनीकी और रणनीतिक क्षमताओं को निखारा।
संबंधित बयान
क्लिंगसन डी मराक ने अपने चयन पर खुशी जताई:
“यह मेरे लिए एक बड़ा सम्मान है कि मैं अपने राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकूँ। मैं पूरी तैयारी के साथ एशियाई पैरागेम्स में भारत को गौरव दिलाने के लिए तैयार हूँ।”
मेघालय के खेल अधिकारी ने भी उनके चयन पर गर्व व्यक्त किया:
“क्लिंगसन ने अपने अथक प्रयासों और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। हम आशा करते हैं कि वह एशियाई मंच पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।”
प्रभाव और संदर्भ
मराक का चयन मेघालय के लिए एक नई प्रेरणा है, जहाँ अंधा फुटबॉल का विकास धीरे-धीरे बढ़ रहा है। उनके इस उपलब्धि से राज्य के युवा खिलाड़ी यह सन्देश पाते हैं कि कठिन परिश्रम और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
इसके अलावा, भारत की अंधा फुटबॉल टीम में विविधता को बढ़ावा देने के लिए यह चयन एक सकारात्मक कदम है। मराक का अनुभव और नेतृत्व गुण टीम को एशियाई प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे।
निष्कर्ष
क्लिंगसन डी मराक का एशियाई पैरागेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि मेघालय और पूरे देश के लिए गर्व का विषय भी है। 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान में होने वाले इस टूर्नामेंट में मराक की उम्मीद है कि वह अपनी क्षमताओं के साथ भारत को गौरव दिलाएँगे और अंधा फुटबॉल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ स्थापित करेंगे।
