जम्मू और कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के जीएम पर टेंडर रिकॉर्ड में अनियमितताओं के कारण निलंबन
परिचय
सप्टेंबर 2026 में जारी सरकारी आदेश संख्या 91‑JK(TR) के तहत जम्मू और कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (JKRTC) के सामान्य प्रबंधक, खरीद और स्टोर्स के प्रभारी पर्वाज़ अब्दुल्ला को टेंडरिंग और प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कदम कई रिपोर्टों के बाद लिया गया, जिनमें राइज़िंग कश्मीर ने DEF (डिजेल एग्जॉस्ट फ्लूइड) से संबंधित दस्तावेजों में असंगतियों का खुलासा किया था।
मुख्य घटनाक्रम
1. निलंबन का आदेश – ट्रांसपोर्ट विभाग के कमिश्नर/सीक्रेटरी, राइस वाज़ द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि पर्वाज़ अब्दुल्ला को निलंबित किया गया है, जबकि वह अभी तक जांच के अधीन हैं।
2. पूर्व में हटाया गया पद – 8 अक्टूबर 2026 को जारी एक अलग आदेश के तहत अब्दुल्ला के खरीद और स्टोर्स के पद से उन्हें हटाया गया था, क्योंकि DEF से संबंधित टेंडरिंग और प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड में देखी गई खामियों के कारण।
3. राइज़िंग कश्मीर की रिपोर्ट – उसी दिन, राइज़िंग कश्मीर ने रिपोर्ट किया कि JKRTC ने खरीद और स्टोर्स के पद से सामान्य प्रबंधक और प्रबंधक दोनों को हटाया है, जिससे प्रबंधन में अस्थायी गड़बड़ी हुई है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– रिकॉर्ड की कमी – सरकारी आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि टेंडरिंग और प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के दौरान बनाए गए दस्तावेज़ व्यवस्थित और ट्रेस करने योग्य तरीके से नहीं रखे गए थे।
– जिम्मेदारी और जवाबदेही – इस अनियमितता से सार्वजनिक रिकॉर्ड के प्रबंधन और आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर चिंता पैदा हुई है।
– आगे की प्रक्रिया – निलंबन के दौरान पर्वाज़ अब्दुल्ला को JKRTC के प्रबंध निदेशक के कार्यालय से जुड़ा रखा जाएगा, जब तक कि आगे के आदेश न मिलें।
संबंधित बयान
– ट्रांसपोर्ट विभाग के कमिश्नर ने कहा, “जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनुचितता या कर्तव्य से चूक की पुष्टि होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
– राइज़िंग कश्मीर के रिपोर्टर ने बताया, “DEF टेंडरिंग में दर्ज अनियमितताओं के कारण JKRTC के प्रबंधन को गंभीर जांच का सामना करना पड़ेगा।”
प्रभाव या संदर्भ
– संचालन पर असर – टेंडरिंग और प्रोक्योरमेंट में अनियमितताओं के कारण DEF की आपूर्ति में देरी हो सकती है, जिससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ेगा।
– कानूनी पहलू – निलंबन के बाद, यदि जांच में कर्तव्य से चूक या भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलते हैं, तो आगे के कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
– सार्वजनिक विश्वास – इस घटना से नागरिकों का सार्वजनिक परिवहन निगम पर विश्वास प्रभावित हो सकता है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
जम्मू और कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के सामान्य प्रबंधक पर्वाज़ अब्दुल्ला का निलंबन टेंडरिंग और प्रोक्योरमेंट रिकॉर्ड में पाई गई अनियमितताओं के प्रति सरकार की दृढ़ता का प्रतीक है। इस कदम के बाद, JKRTC को अपनी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करना होगा और सार्वजनिक रिकॉर्ड के सही प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा। आने वाली जांच के परिणामों पर नज़र रखी जाएगी, ताकि किसी भी अनुचितता के लिए उचित कार्रवाई की जा सके और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
