आईआईटी तिरुपति ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष के लिए पीएचडी कार्यक्रमों के लिए आवेदन खुला किया
परिचय
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तिरुपति (आईआईटी तिरुपति) ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष के लिए पीएचडी कार्यक्रमों के लिए आवेदन स्वीकार करने की घोषणा की है। उम्मीदवार 23 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट iitp.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं। यह कदम विस्वेवरैया पीएचडी योजना के चरण‑2 के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को तीन प्रमुख विभागों में शोध के अवसरों के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा: कम्प्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और भौतिकी। चयन प्रक्रिया में न्यूनतम पात्रता मानदंड के आधार पर उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी, जिसके बाद अतिरिक्त छंटनी मानदंड के तहत लेखन परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किये जाएंगे।
पात्रता और चयन मानदंड
पीएचडी कार्यक्रमों के लिए पात्र होने के लिए आवेदकों के पास निम्नलिखित योग्यताएँ होनी चाहिए:
- इंजीनियरिंग में एमई, एमटेक या एमएस (रिसर्च) की डिग्री।
- पाँच वर्ष का एकीकृत स्नातकोत्तर डिग्री, बीटेक, एमटेक ड्यूल डिग्री, एकीकृत डिग्री या बीएस + एमएस (सेंट्रली फंडेड टेक्निकल इंस्टिट्यूशन से) भी पात्र हैं।
- यदि आवेदक आईआईटी से विज्ञान, मानविकी, सामाजिक विज्ञान या प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री धारक हैं, तो उनके सीजीपीए कम से कम 8.0 (10 में से) होना चाहिए।
चयन समिति इन मानदंडों के आधार पर शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों से लेखन परीक्षा (यदि आवश्यक हो) और साक्षात्कार के लिए संपर्क करेगी।
शोध क्षेत्र और अवसर
कम्प्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में निम्नलिखित शोध क्षेत्र उपलब्ध हैं:
- सैद्धांतिक और कम्प्यूटर विज्ञान
- माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं VLSI
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स
- उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में शोध के प्रमुख क्षेत्र हैं:
- माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं VLSI
- पावर इंजीनियरिंग
भौतिकी विभाग में भी शोध के लिए विविध विषय उपलब्ध हैं, जिनमें मूलभूत और अनुप्रयुक्त भौतिकी शामिल हैं।
सुविधाएँ और शैक्षणिक वातावरण
आईआईटी तिरुपति का पीएचडी कार्यक्रम छात्रों को अत्याधुनिक शोध सुविधाएँ, समृद्ध शोध पारिस्थितिकी तंत्र, नेटवर्किंग के अवसर और एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण प्रदान करता है जो उन्नत शोध को प्रोत्साहित करता है। छात्रों को प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं के साथ संवाद का लाभ मिलेगा।
संबंधित बयान
आईआईटी तिरुपति के प्रबंध निदेशक ने कहा, “हमारा लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध प्रतिभा का विकास करना है। विस्वेवरैया पीएचडी योजना के तहत इस पहल से हमें उच्च गुणवत्ता वाले शोधकर्ताओं को तैयार करने में मदद मिलेगी।”
प्रभाव और संदर्भ
इस कार्यक्रम से भारत के शोध क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और निर्माण (ESDM) तथा आईटी सक्षम
