नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ईप्लेन के साथ शून्य‑उत्सर्जन ईVTOL टैक्‍सी सेवा का पथ प्रशस्त

शीर्षक
नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एआई टैक्‍सी सेवाओं के लिए ईप्लेन के साथ नई पहल

परिचय
नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (NIA) और चेन्नई स्थित उबिफ्लाई टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. (ईप्लेन कंपनी) ने हवाई टैक्‍सी सेवाओं के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं। इस सहयोग के अंतर्गत अगले वर्ष से हवाई टैक्‍सी, शहर के भीतर परिवहन और आपातकालीन एयरोएम्बुलेंस सेवाएँ शुरू करने की योजना है।

मुख्य घटनाक्रम
– MoU के तहत, नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के संचालनकर्ता यमुना अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रा. लि. (YIAPL) ने हवाईअड्डे पर परीक्षण, वर्टीपोर्ट और चार्जिंग स्टेशनों के लिए स्थान निर्धारित किया है।
– ईप्लेन को भारतीय नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करनी हैं, तथा प्रोटोटाइप विकसित कर उड़ान परीक्षण करने हैं।
– ईप्लेन का 2‑सीटर e200X PT‑01 प्रोटोटाइप जुलाई में चेन्नई में प्रदर्शित हुआ और अब ग्राउंड टेस्टिंग चल रही है।
– कंपनी का लक्ष्य 2027 के मध्य तक उड़ान परीक्षण शुरू करना है।

महत्वपूर्ण जानकारी
– e200X का आकार 8 मी × 11 मी और अधिकतम सकल भार 2,200 किलो है।
– यह पायलट और 200 किलो के पेलोड (दो यात्रियों) को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।
– ईप्लेन की स्थापना 2019 में हुई और इसे आईआईटी मद्रास के इंक्यूबेशन सेंटर में विकसित किया गया।
– कंपनी का मुख्यालय थैयर, चेन्नई के 163 एकड़ आईआईटी मद्रास डिस्कवरी कैंपस में स्थित है।

संबद्ध बयान
उबिफ्लाई टेक्नोलॉजीज़ के संस्थापक एवं निदेशक सत्यानारायणन चक्रवर्ती ने कहा, “इलेक्ट्रिक हवाई टैक्‍सी को तैनात करने के लिए केवल विमान बनाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए जमीन पर बुनियादी ढाँचा, नियामक ढाँचा और परिचालन प्रक्रियाओं का समन्वय आवश्यक है।” उन्होंने आगे बताया कि MoU के माध्यम से कंपनी ड्रोन परीक्षण के द्वारा अपने परिचालन मॉडल को व्यवस्थित रूप से मान्य कर सकेगी।

नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अध्यक्ष डैनियल बिर्चर ने टिप्पणी की, “हमारा दीर्घकालिक दृष्टिकोण नवाचार और भविष्य‑उन्मुख बुनियादी ढाँचे को क्षेत्र में लाने पर आधारित है। उन्नत हवाई गतिशीलता को हमारे हवाईअड्डे के ढाँचे में समाहित करना, निर्बाध बहु‑मॉडल कनेक्टिविटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हम ईप्लेन कंपनी के साथ मिलकर सुरक्षित, शून्य‑उत्सर्जन हवाई परिवहन और महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवाएँ दिल्ली‑एनसीआर क्षेत्र में उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढाँचा और परिचालन SOPs विकसित करने के लिए उत्साहित हैं।”

प्रभाव
– यह पहल दिल्ली‑एनसीआर क्षेत्र में हवाई टैक्‍सी सेवाओं के माध्यम से यातायात जाम को कम करने और यात्रा समय घटाने की उम्मीद जगाती है।
– शून्य‑उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक‑ऑफ और लैंडिंग (eVTOL) विमान के परिचालन से पर्यावरणीय लाभ भी अपेक्षित हैं।
– हवाईअड्डे पर वर्टीपोर्ट और चार्जिंग स्टेशन के निर्माण से क्षेत्र में नई तकनीकी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
– नियामक मानकों और SOPs के विकास से भारत में एयरोमॉबिलिटी के लिए एक स्पष्ट ढाँचा तैयार होगा, जिससे अन्य शहरों में भी इसी तरह की परियोजनाएँ शुरू हो सकती हैं।

निष्कर्ष
नोइडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और ईप्लेन के बीच हुआ यह समझौता भारतीय हवाई परिवहन के भविष्य को नया आयाम देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। 2027 के मध्य तक उड़ान परीक्षण के लक्ष्य के साथ, यह परियोजना न केवल दिल्ली‑एनसीआर के नागरिकों के लिए तेज़ और स्वच्छ यात्रा विकल्प प्रस्तुत करेगी, बल्कि भारत की एयरोमॉबिलिटी उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक होगी। इस सहयोग के सफल कार्यान्वयन से आने वाले वर्षों में हवाई टैक्‍सी सेवाओं के लिए एक मिसाल कायम होगी।

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