राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल ने इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के लिए लिक्विडेशन का आदेश दिया, रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को लिक्विडेटर नहीं बनाया
परिचय
जैपुर बेंच पर राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल ने दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 के तहत इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के लिक्विडेशन का आदेश दिया। यह निर्णय उसी रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को लिक्विडेटर नियुक्त करने से रोकता है, जो कि नियम 34(4) के अनुसार निषेध है।
मुख्य घटनाक्रम
1. कॉर्पोरेट दिवालियापन प्रक्रिया की शुरुआत
12 दिसंबर 2025 को इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवालियापन प्रक्रिया (CIRP) शुरू हुई। इस प्रक्रिया के तहत रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल (RP) को नियुक्त किया गया, जिसने दावे स्वीकार करने और क्रेडिटर्स कमेटी (CoC) गठित करने का कार्य संभाला।
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क्रेडिटर्स कमेटी का गठन
रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ने दावे स्वीकार कर क्रेडिटर्स कमेटी का गठन किया। इस कमेटी में स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) एकमात्र वित्तीय ऋणदाता था, जिसने 100% मतदान अधिकार रखे। -
रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल की भूमिका पर प्रतिबंध
राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि दिवालियापन संहिता के अनुच्छेद 34(4) के तहत, वही रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल उसी देनदार के लिए लिक्विडेटर के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान लिक्विडेशन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– कानूनी आधार: अनुच्छेद 33(2) के तहत लिक्विडेशन का आदेश दिया गया, जबकि अनुच्छेद 34(4) के तहत रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को लिक्विडेटर नियुक्त करने से रोका गया।
– कंपनी की स्थिति: इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड वर्तमान में दिवालियापन प्रक्रिया के अंतर्गत है और उसकी परिसंपत्तियों का निपटान लिक्विडेशन के माध्यम से किया जाएगा।
– क्रेडिटर्स का हित: SIDBI के 100% मतदान अधिकार के कारण, लिक्विडेशन प्रक्रिया में उसकी प्राथमिकता सुनिश्चित की गई है।
संबंधित बयान / जानकारी
राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष ने कहा, “दिवालियापन संहिता के प्रावधानों के अनुसार, रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को उसी देनदार के लिए लिक्विडेटर नियुक्त करना निषिद्ध है। यह नियम लिक्विडेशन प्रक्रिया में हितों के टकराव से बचने के लिए है।”
रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ने भी अपनी भूमिका के प्रति स्पष्टता दिखाई, “हमारी जिम्मेदारी दावों का मूल्यांकन और क्रेडिटर्स कमेटी के निर्णयों को लागू करना है। लिक्विडेशन की जिम्मेदारी अलग लिक्विडेटर पर होगी।”
प्रभाव या संदर्भ
– ऋणदाताओं पर असर: लिक्विडेशन प्रक्रिया के दौरान, ऋणदाताओं को उनकी परिसंपत्तियों के निपटान के आधार पर भुगतान मिलेगा। SIDBI के 100% मतदान अधिकार के कारण, उसकी प्राथमिकता सुनिश्चित है।
– निवेशकों पर असर: निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी के मूल्य में कमी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि लिक्विडेशन में परिसंपत्तियों का मूल्यांकन और बिक्री के बाद ही शेष राशि वितरित की जाएगी।
– उद्योग पर असर: इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के लिक्विडेशन से सिलिकॉन उद्योग में छोटे और मध्यम उद्यमों पर भी प्रभाव पड़ सकता है, खासकर आपूर्ति श्रृंखला में।
अंतिम निष्कर्ष
राष्ट्रीय कंपनी कानून ट्रिब्यूनल का यह निर्णय इश रज सिलिकॉन प्राइवेट लिमिटेड के लिए लिक्विडेशन प्रक्रिया को आरम्भ करता है और रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को उसी देनदार के लिए लिक्विडेटर नियुक्त करने से रोकता है। यह कदम दिवालियापन संहिता के प्रावधानों के अनुरूप है और लिक्विडेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है। ऋणदाताओं और निवेशकों को लिक्विडेशन के दौरान अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए।
