सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अंड्राफ़ प्रांत में 100 नगर निकाय चुनाव 1 नवंबर को पुनः निर्धारित

विजयवाड़ा: अंड्राफ़ प्रांत के 100 नगर निकायों के चुनाव को 1 नवंबर को पुनः निर्धारित किया गया

परिचय
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अंड्राफ़ प्रांत राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने 23 और 24 अक्टूबर 2026 को कुछ संवेदनशील वार्डों में नई नामांकन स्वीकार करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही 100 नगर निकायों के मतदान की तिथि 1 नवंबर 2026 कर दी गई है, जबकि मतगणना 3 नवंबर को तय की गई है। यह कदम यशस्वी कांग्रेस (YSRCP) द्वारा दायर याचिकाओं के बाद आया है, जिनमें चुनावी प्रक्रिया के दौरान हुए हिंसा, धमकियों और विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन में अवरोध का आरोप लगाया गया था।

मुख्य घटनाक्रम
1. सुप्रीम कोर्ट का आदेश – 21 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने SEC से मौजूदा चुनावी प्रक्रिया को रोकने और प्रभावित उम्मीदवारों को उचित अवसर देने का निर्देश दिया।
2. SEC का निर्णय – उसी दिन SEC ने घोषणा की कि कदापा नगर निगम, राजम्पेट और मायदुकुर नगरपालिकाएँ तथा तिरुपति नगर निगम के कुछ संवेदनशील वार्डों में नामांकन पर रोक लगाई गई है।
3. नई नामांकन तिथियाँ – 23 और 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 से 3 बजे तक इन वार्डों में नामांकन स्वीकार किया जाएगा।
4. सभी नगर निकायों के लिए मतदान की तिथि – 1 नवंबर 2026 को सभी 100 नगर निकायों में मतदान होगा, और मतगणना 3 नवंबर को होगी।

महत्वपूर्ण जानकारी
– संबंधित वार्ड – कदापा नगर निगम, राजम्पेट, मायदुकुर और तिरुपति नगर निगम के संवेदनशील वार्ड।
– नामांकन अवधि – 23 और 24 अक्टूबर 2026, 11 बजे से 3 बजे तक।
– मतदान तिथि – 1 नवंबर 2026।
– मतगणना तिथि – 3 नवंबर 2026।
– सुरक्षा व्यवस्था – SEC ने नामांकन के लिए सुरक्षित स्थानों में अतिरिक्त केंद्र खोले हैं, जिनमें जिला कलेक्टर के कार्यालय भी शामिल हैं।

संबंधित बयान / जानकारी
– YSRCP के बयान – याचिकाओं में यशस्वी कांग्रेस ने बताया कि 16 से 18 अक्टूबर 2026 के बीच नामांकन चरण में व्यापक हिंसा, शारीरिक हमले, धमकियाँ और विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन पर बलपूर्वक अवरोध हुआ।
– SEC की प्रतिक्रिया – SEC ने विस्तृत क्षेत्रीय रिपोर्ट, वीडियो फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की समीक्षा के बाद यह पाया कि कुछ संवेदनशील वार्डों में उम्मीदवारों को गलत तरीके से नामांकन से रोका गया था।
– सुप्रीम कोर्ट के निर्देश – 21 अक्टूबर को कोर्ट ने SEC को चुनावी प्रक्रिया रोकने और प्रभावित उम्मीदवारों को उचित अवसर देने का आदेश दिया।

प्रभाव या संदर्भ
1. चुनावी निष्पक्षता – इस कदम से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, जिससे नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।
2. सुरक्षा व्यवस्था – नामांकन और मतदान दोनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा केंद्र खोलने से भविष्य में किसी भी प्रकार के अवरोध या हिंसा की संभावना घटेगी।
3. राजनीतिक संतुलन – यशस्वी कांग्रेस के आरोपों के बावजूद, SEC का निर्णय यह दर्शाता है कि चुनावी प्रक्रिया को कानूनी ढाँचे के भीतर चलाया जा रहा है।
4. सामाजिक स्थिरता – चुनावी अवधि में हुई हिंसा और अवरोध को समाप्त करने से समाज में शांति और स्थिरता बनी रहेगी।

निष्कर्ष
अंड्राफ़ प्रांत के 100 नगर निकायों के चुनाव को 1 नवंबर 2026 पर पुनः निर्धारित कर, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नई नामांकन तिथियाँ तय करके SEC ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित किया है। संवेदनशील वार्डों में हुए अवरोध और हिंसा के मामलों को ध्यान में रखते हुए, SEC ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए हैं, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के अवरोध की संभावना कम हो गई है। इस कदम से न केवल चुनावी प्रक्रिया का वैधता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी पुनः स्थापित होगा।

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