इंडिगो के बाद एयर इंडिया एवं एआई एक्सप्रेस ने बढ़ाया ईंधन सरचार्ज, एटीएफ कीमतों में उछाल
परिचय
इंडिगो के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर नए ईंधन सरचार्ज लागू कर दिए हैं। यह कदम एटीएफ (एविएशन टैंकिंग फ्यूल) की कीमतों में तेज़ी के बीच उठाया गया है, जिससे विमानन कंपनियों के परिचालन लागत पर गहरा असर पड़ रहा है। इस निर्णय के साथ ही भारत में घरेलू यात्री यातायात में गिरावट और टिकट मूल्यों में बढ़ोतरी की भी बात सामने आई है।
मुख्य घटनाक्रम
– घरेलू एकतरफ़ा उड़ानों के लिए
– 500 किमी से कम दूरी पर ₹400
– 501‑1,000 किमी के बीच ₹600
– 1,001‑1,500 किमी के बीच ₹850
– 1,501‑2,000 किमी के बीच ₹1,200
– 2,000 किमी से अधिक दूरी पर ₹1,200
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए
- पश्चिमी एशिया/मध्य पूर्व में $55
- यूरोप (यूके सहित) में $135
- ऑस्ट्रेलिया में $210
- उत्तरी अमेरिका में $215
अकासा ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ₹2,500 का समान सरचार्ज बनाए रखा है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– एटीएफ की कीमतों में हाल के महीनों में तेज़ी से उतार-चढ़ाव हुआ है। जून में ₹115 प्रति लीटर से जुलाई में ₹110 पर गिरने के बाद, अगस्त में फिर ₹115 पर लौट आई और 1 सितंबर को ₹121 तथा 1 अक्टूबर से ₹137 पर बढ़ गई।
– अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जेट फ्यूल की औसत कीमत पिछले हफ्ते 1.0 % बढ़कर $187.34 प्रति बैरल हो गई, जबकि फरवरी 28 से युद्ध शुरू होने के बाद यह $85‑$90 के बीच थी।
– अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक एसोसिएशन (आईएटीए) के आँकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में भारत का घरेलू यात्री यातायात 7.5 % घटकर 1.2 बिलियन किलोमीटर हो गया।
– DGCA के आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त 2026 में यात्री यातायात 6.34 % घटकर 1.2126 लाख यात्रियों पर आ गया, जबकि जुलाई में यह 1.2947 लाख था।
संबंधित बयान
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, “एटीएफ की कीमतों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय अस्थिरता देखी गई है, जो मुख्यतः भू-राजनीतिक घटनाओं और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर निरंतर दबाव के कारण है। एटीएफ अब भी विमानन लागत का लगभग 40 % हिस्सा बनाता है, अतः यह हमारे परिचालन खर्चों पर महत्वपूर्ण असर डालता है।”
इंडिगो और एआई एक्सप्रेस ने मार्च 2026 में एटीएफ के बढ़ने के बाद ईंधन सरचार्ज लागू किया था, जब अमेरिकी-इज़राइल बलों ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। जुलाई में कीमतों के स्थिर होने पर उन्होंने सरचार्ज कम कर दिए, परंतु क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज़ी आई है।
प्रभाव और संदर्भ
– यात्रियों पर असर: टिकट मूल्यों में लगातार बढ़ोतरी के कारण यात्रियों की टिकट बुक करने की क्षमता पर दबाव बढ़ रहा है।
– उड़ान मार्गों पर असर: कुछ मार्गों पर ईंधन सरचार्ज के कारण लागत बढ़ने से एयरलाइंस को मार्गों की लाभप्रदता पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
– उद्योग पर असर: एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से विमानन उद्योग के परिचालन लागत में वृद्धि हुई है, जिससे लाभ मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है।
निष्कर्ष
इंडिगो के बाद एयर इंडिया और एआई एक्सप्रेस द्वारा लागू किए गए नए ईंधन सरचार्ज, एटीएफ कीमतों के बढ़ते दबाव के बीच एक आवश्यक कदम है। हालांकि, यह कदम यात्रियों के लिए अतिरिक्त लागत का कारण बन सकता है और घरेलू उड़ान यातायात में गिरावट को और तेज कर सकता है। एयरलाइंस ने कहा है कि वे स्थिति के अनुसार सरचार्ज की समीक्षा और समायोजन करते रहेंगे, ताकि बाजार की बदलती परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया जा सके।
