अंकुश पांगहल ने 80 किलोवज़न में एशियाई खेलों पर पदक सुनिश्चित किया

भारतीय मुक्केबाज अंकुश पांगहल ने 80 किलोवज़न में एशियाई खेलों में पदक सुनिश्चित किया

परिचय
आइची‑नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के पुरुष 80 किलोवज़न मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पांगहल ने रविवार को ताजिकिस्तान के नेकृज़ सलिमोव को 5‑0 के सर्वसम्मति निर्णय से हराकर अपनी टीम के लिए पदक की गारंटी कर दी। यह जीत भारतीय मुक्केबाजी को एशिया में एक नई ऊँचाई पर ले जाने का संकेत देती है।

मुख्य घटनाक्रम
पहले राउंड में अंकुश ने तेज़ गति और सटीक दाहिनी किक के साथ सलिमोव पर दबदबा बनाया, जिससे वे 5‑0 के स्कोर से जीतते हैं। दूसरे राउंड में बाएँ किक की तेज़ी और शरीर पर लगातार प्रहारों ने सलिमोव को और भी असहाय बना दिया। तीसरे राउंड में सलिमोव ने कुछ ऊपरी किक के साथ प्रतिरोध किया, पर अंकुश ने अपनी रक्षात्मक क्षमताओं से उसे रोका और 5‑0 के स्कोर से मुकाबला समाप्त किया।

अंकुश की यह जीत उन्हें 29 सितंबर को उज़्बेकिस्तान के वर्तमान 75 किलोवज़न विश्व चैंपियन फज़लिद्दिन एरिकबोएव के साथ क्वार्टर‑फाइनल में सामना कराने वाली है।

अन्य भारतीय टीम की प्रदर्शन
– फेंसिंग: भारतीय महिला सैबर टीम (भवानी देवी, श्रेया गुप्ता, जफ़रलाइन जानी, रेक्सलिन सिमला और एस. श्रुति जोशी) ने 45‑35 के अंतर से उज़्बेकिस्तान को हराकर क्वार्टर‑फाइनल में हार मान ली।
– लंबी कूद: मुराली श्रीशंकर और डेविड पट्टुर्ज़ सोलोमन दोनों ने पुरुष लंबी कूद के फाइनल में स्थान बनाया। श्रीशंकर ने 7.84 मी के साथ दूसरा स्थान और सोलोमन ने 7.62 मी के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
– 400 मी हर्डल्स: वियथ्या रामराज और अनु रघवन दोनों ने महिला 400 मी हर्डल्स के हीट में दूसरा स्थान प्राप्त कर फाइनल में प्रवेश किया। वियथ्या ने 55.73 सेकंड का सीजन‑बेस्ट और अनु ने 55.84 मी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ दर्ज किया।
– कुराश: पुरुष +90 किलोवज़न में विशाल और महिला 32 किलोवज़न में सजीता बालहरा दोनों को तेज़ी से बाहर कर दिया गया।
– डिस्कस थ्रो: टेजस्विन शंकर ने डिकैथलॉन के डिस्कस थ्रो में तीसरे स्थान पर समाप्त होकर पोज़िशन 3 पर आकर गोल्ड के सपने को थोड़ा खो दिया।
– मैराथन: मनजू रानी ने महिला मैराथन वॉक में छठे स्थान पर 3:40:17 के समय के साथ समाप्त किया, जबकि प्रियंका गोस्वामी को 9 कि.मी. के बाद डिसक्वालिफ़ाई कर दिया गया।

आर्चरी और सर्फिंग
– आर्चरी: धीरज बॉम्मदेवर-कुमकुम मोहोद और साहिल जाधव-चिकिता तनीपार्थी ने रीकर्व और कॉम्पाउंड दोनों में मिश्रित टीम के फाइनल तक पहुँच कर भारत को गौरव दिलाया।
– सर्फिंग: शिवराज बाबू और किशोर कुमार ने पुरुष शॉर्टबोर्ड में तीसरे राउंड तक पहुँच कर भारतीय सर्फिंग को विश्व स्तर पर मान्यता दिलाई। शुगर शान्ति गयेन और कमाली प्रकाश ने भी तीसरे राउंड तक पहुँच कर अच्छा प्रदर्शन किया।

संबंधित बयान
अंकुश पांगहल ने अपनी जीत के बाद कहा, “मैंने अपनी पूरी तैयारी और परिश्रम का फल देखा है। यह जीत न केवल मेरे लिए बल्कि भारतीय मुक्केबाजी के लिए गर्व का क्षण है।”

प्रभाव और संदर्भ
अंकुश की जीत से भारतीय मुक्केबाजी को एशिया में नई पहचान मिली है। यह जीत भारतीय खेलों के लिए एक प्रेरणास्रोत है, खासकर उन युवा एथलीटों के लिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं।

निष्कर्ष
आइची‑नागोया में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पांगहल ने 80 किलोवज़न के क्वार्टर‑फाइनल में सलिमोव को 5‑0 के सर्वसम्मति निर्णय से हराकर अपनी टीम के लिए पदक सुनिश्चित किया। यह जीत भारतीय मुक्केबाजी को एशियाई मंच पर नई ऊँचाई पर ले जाने का संकेत देती है। अन्य खेलों में भी भारतीय टीम ने मिश्रित परिणाम दिखाए, परंतु आर्चरी, सर्फिंग और लंबी कूद में अच्छे प्रदर्शन ने देश को गौरव दिलाया। आगामी मैचों में अंकुश और अन्य भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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