Another Nepal flash floods sweep away homes, leave 10 missing

बुंदि गण्डकी पर बाढ़: गोरखा में 50 से अधिक लोगों की बचाव, 10 लोगों के गायब होने की रिपोर्ट

परिचय
गुरुका जिले के चुम्नुब्रि ग्रामीण नगरपालिका में सुबह 4 बजे से बुंदि गण्डकी नदी पर अचानक आई बाढ़ ने दर्जनों घरों, पुलों और दो जलविद्युत परियोजनाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। नेपाली अधिकारियों ने 48 लोगों को बचाया और गाँव के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने का आग्रह किया। फिर भी, 10 लोग अभी भी लापता हैं, परंतु इस बाढ़ में कोई मृत्यु की सूचना नहीं मिली है।

मुख्य घटनाक्रम
बाढ़ की शुरुआत चेकम्पर क्षेत्र में एक संभावित ढलान ढहने के बाद हुई, जिसके कारण नदी का जल स्तर अचानक बढ़ा। गोरखा प्रशासन के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ने बताया कि नदी के किनारे स्थित चुम्नुब्रि-6 के शायर धारा, जो बुंदि गण्डकी की सहायक धारा है, अवरुद्ध हो गई थी, जिससे पानी का प्रवाह बढ़ा।

सभी बचाव कार्यों में नेपाली सेना के चार हेलीकॉप्टर और ज़मीनी बलों ने भाग लिया। 48 लोगों को बचाया गया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।

महत्वपूर्ण जानकारी
– क्षतिग्रस्त क्षेत्र: सल्लेरी, पाय्यूका, जगत के नदी तल, चुम्नुब्रि ग्रामीण नगरपालिका के तीन वॉर्ड।
– बाढ़ से प्रभावित संरचनाएँ: एक सस्पेंशन ब्रिज, दो जलविद्युत परियोजनाएँ (341 मेगावाट बुंदि गण्डकी परियोजना और एक अन्य परियोजना), पाँच गाय गोदाम, एक निर्माण शिविर।
– लापता: कम से कम 10 किसान, जो पाँच गाय गोदामों में थे।

संबंधित बयान
– रम कुमार गुरुङ (चुम्नुब्रि-3 के वॉर्ड अध्यक्ष): “बाढ़ सुबह जल्दी आई, हम अपने सामान भी नहीं निकाल पाए। सभी ने तुरंत भाग निकाला।”
– लक्ष्मी गुरुङ (चुम्नुब्रि ग्रामीण नगरपालिका उपाध्यक्ष): “यह बाढ़ भोतकेशोई बाढ़ जैसी है, बहुत सारे घर ध्वस्त हो गए हैं। क्षति का पूरा आकलन अभी बाकी है।”
– सुदान गुरुङ (राष्ट्रपति गृह मंत्री): “बुंदि गण्डकी बाढ़ ने न्याकचेट और फिलिम बाज़ार को जोड़ने वाले पुल को भी ध्वस्त कर दिया है। हेलीकॉप्टर बचाव, राहत और निकासी कार्य में जुटे हुए हैं।”

प्रभाव और संदर्भ
बाढ़ के बाद गोरखा जिले में जल स्तर बढ़ता जा रहा है, जिससे आसपास के पर्यटन स्थल, विशेषकर मनास्लु ट्रेक के लिए जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। मनास्लु संरक्षण क्षेत्र परियोजना के सूचना अधिकारी भुवन ओझा ने बताया कि यात्रियों को रात में उनके आवास पर फँसाया गया था, परंतु वे सुरक्षित हैं।

यह बाढ़ अगस्त 2026 में हुई भोतकेशोई और त्रिशुली नदी बाढ़ के बाद एक महीने और आधे में आई है, जिसने 1400 से अधिक लोगों की जान ली थी। गोरखा प्रशासन ने नदी किनारे के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने का निर्देश दिया है।

निष्कर्ष
बुंदि गण्डकी पर आई अचानक बाढ़ ने गोरखा जिले में गंभीर क्षति पहुँचाई है। 48 लोगों की बचाव के बावजूद, 10 लोग अभी भी लापता हैं। जलविद्युत परियोजनाओं, पुलों और आवासीय घरों को भारी नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का निर्देश जारी किया है। आगे की राहत कार्यवाही और क्षति का आकलन जारी रहेगा।

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