भुवनेश्वर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सीईओ कार्यालय के बाहर गेराओ किया, पुलिस ने 100 से अधिक को हिरासत में लिया
परिचय
शुक्रवार को भुवनेश्वर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर एक तीव्र प्रदर्शन हुआ, जिसमें ओडिशा प्रान्त कांग्रेस समिति (OPCC) के कार्यकर्ता पुलिस के साथ टकरा गए। भक्तचरन दास के नेतृत्व में हुए इस गेराओ के पीछे चुनावी रोल में कथित अनियमितताएँ और ‘वोट चोरी’ के आरोप थे। पुलिस ने भारी बल लगाकर प्रदर्शन को नियंत्रित किया और सैकड़ों को हिरासत में लिया।
मुख्य घटनाक्रम
– भक्तचरन दास के नेतृत्व में सैकड़ों ओडिशा कांग्रेस कार्यकर्ता CEO कार्यालय की ओर मार्च करते हुए गेराओ किया।
– प्रदर्शनकारियों ने ग्यानेश कुमार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, पर विशेष तीव्र समीक्षा (SIR) के दौरान अनियमितताओं के लिए आरोप लगाया।
– पुलिस ने 10 से अधिक प्लाटून तैनात कर, गेराओ मार्ग पर कई परतों में भारी बाड़ा खड़ा किया।
– गेराओ के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बाड़ा तोड़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष हुआ।
– पुलिस ने 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस वैन में बाँध दिया, जिससे आगे की हिंसा को रोका गया।
महत्वपूर्ण जानकारी
– गेराओ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोरी” और “चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी” पर जोर दिया।
– भक्तचरन दास ने कहा कि “SIR के दौरान चुनावी रोल की शुद्धता पर सवाल उठे हैं” और “कांग्रेस किसी भी ‘वोट चोरी’ को बर्दाश्त नहीं करेगी।”
– पुलिस ने गेराओ को नियंत्रित करने के लिए भारी बल का इस्तेमाल किया, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था बनी रही।
– प्रदर्शन के बाद, 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस वैन में बाँध कर हिरासत में लिया गया।
संबंधित बयान
भक्तचरन दास ने मीडिया से कहा, “हम चुनावी रोल में किसी भी अनियमितता के खिलाफ आवाज़ उठाएँगे और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।” उन्होंने ग्यानेश कुमार पर “SIR के दौरान निगरानी में कमी” का आरोप लगाया और “मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे” की मांग की।
प्रभाव और संदर्भ
– इस गेराओ ने भुवनेश्वर की प्रशासनिक धारा में कुछ घंटों के लिए सार्वजनिक व्यवस्था पर असर डाला।
– ओडिशा में चुनावी रोल की शुद्धता पर सवाल उठे, जिससे राज्य सरकार और चुनाव आयोग को जवाबदेही के लिए दबाव बढ़ा।
– राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किये, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं पर व्यापक चर्चा हुई।
निष्कर्ष
भुवनेश्वर में ओडिशा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा CEO कार्यालय के बाहर किया गया गेराओ, चुनावी रोल में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक स्पष्ट संकेत था। पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शन को नियंत्रित किया और सैकड़ों को हिरासत में लिया। इस घटना ने चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल उठाए, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए। चुनाव आयोग और राज्य सरकार को अब इन दावों की जाँच करके सार्वजनिक विश्वास बहाल करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।
