इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में फाइबोकॉम ने लॉन्च किया MGB सीरीज़ GNSS पोर्टफोलियो
परिचय
नई दिल्ली – 7 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दौरान फाइबोकॉम ने अपनी नई MGB सीरीज़ GNSS मॉड्यूल को प्रस्तुत किया। इस पोर्टफोलियो में MGB180, MGB280 और MGB390 शामिल हैं, जो एक-आवृत्ति से लेकर द्वि-आवृत्ति तथा RTK‑सक्षम उच्च‑सटीकता पोज़िशनिंग तक के विकल्प उपलब्ध कराते हैं। ये मॉड्यूल लागत, पावर खपत, पोज़िशनिंग सटीकता और क्षेत्रीय उपग्रह संगतता के आधार पर IoT उपकरणों के लिए लचीले समाधान प्रदान करते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
फाइबोकॉम के जनरल मैनेजर, कॉनी ली ने कार्यक्रम के दौरान बताया, “भारत का IoT इकोसिस्टम लगातार बढ़ रहा है और ग्राहकों को ऐसे विश्वसनीय तकनीकी साझेदारों की आवश्यकता है जो उत्पाद विकास से लेकर बड़े पैमाने पर तैनाती तक का समर्थन कर सकें। MGB सीरीज़ के साथ, हम विभिन्न लागत, पावर और पोज़िशनिंग प्रदर्शन स्तरों को कवर करने वाले GNSS समाधान उपलब्ध कराते हैं, जिससे स्थानीय ग्राहकों को IoT उपकरणों के विकास और व्यावसायीकरण में तेजी मिलती है।”
MGB180 – लागत‑सचेत ट्रैकिंग के लिए
MGB180 मॉड्यूल एक-आवृत्ति GNSS को सपोर्ट करता है, जिसमें GPS, BDS, GLONASS, Galileo और QZSS उपग्रह शामिल हैं। इसमें AGNSS (अग्मेंटेड GNSS) भी इंटीग्रेटेड है और 96 ट्रैकिंग चैनल उपलब्ध हैं। यह मॉड्यूल विशेष रूप से उन ट्रैकिंग डिवाइसेज़ के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ लागत सबसे महत्वपूर्ण है। इसका कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर और कम पावर खपत इसे छोटे, बैटरी‑चालित IoT डिवाइसेज़ के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
MGB280 – संतुलित प्रदर्शन और दक्षता
MGB280, MGB180 की तुलना में अधिक संतुलित पोज़िशनिंग प्रदर्शन और पावर दक्षता प्रदान करता है। इसमें तेज़ स्टार्टअप, री‑अक्विज़िशन और सेल्युलर को‑एक्सिस्टेंस के लिए अनुकूलित फीचर्स हैं, जिससे यह एसेट ट्रैकिंग, फ़्लीट मैनेजमेंट और वाहन टेलीमैटिक्स जैसे अनुप्रयोगों के लिए आदर्श बनता है। यह भी 96 ट्रैकिंग चैनल और AGNSS सपोर्ट के साथ आता है, जिससे यह लागत और प्रदर्शन के बीच अच्छा संतुलन स्थापित करता है।
MGB390 – उच्च‑सटीकता और द्वि‑आवृत्ति पोज़िशनिंग
MGB390 सीरीज़ में दो प्रमुख मॉडल शामिल हैं:
– MGB390‑AR – यह मॉडल RTK (रीयल‑टाइम काइनेमैटिक) सक्षम है, जो क्षैतिज सटीकता 1 सेमी + 1 पीपीएम तक प्रदान करता है। यह उच्च‑सटीकता पोज़िशनिंग की आवश्यकता वाले अनुप्रयोगों जैसे कृषि स्वचालन, सटीक निर्माण और भू‑सर्वेक्षण के लिए उपयुक्त है।
– MGB390‑A – इस मॉडल में NavIC (IRNSS) सपोर्ट है, जो भारत के क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह प्रणाली के साथ बेहतर संगतता सुनिश्चित करता है। यह भारतीय बाजार में स्थानीय अनुप्रयोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
दोनों मॉडल 180 ट्रैकिंग चैनल के साथ आते हैं और द्वि‑आवृत्ति GNSS को सपोर्ट करते हैं, जिससे वे अधिक जटिल पोज़िशनिंग परिदृश्यों में भी विश्वसनीय प्रदर्शन देते हैं।
उत्पादन और साझेदारी
MGB180, MGB280 और MGB390 सभी मास प्रोडक्शन में हैं। फाइबोकॉम भारत में ग्राहकों और इकोसिस्टम पार्टनर्स के साथ मिलकर उत्पाद एकीकरण और व्यावसायीकरण को तेज़ करने के लिए कार्यरत है। कंपनी का उद्देश्य IoT डिवाइसेज़ में लोकेशन‑सक्षम फ़ंक्शनैलिटी को और अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाना है।
फाइबोकॉम के बारे में
1999 में स्थापित फाइबोकॉम एक वायरलेस कम्युनिकेशन और एआई समाधान प्रदाता है, जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं के एकीकृत पोर्टफोलियो के माध्यम से परिवहन, ऊर्जा, खुदरा और रोबोटिक्स सहित विभिन्न उद्योगों में इंटेलिजेंट कनेक्टिविटी का समर्थन करता है।
प्रभाव और संदर्भ
फाइबोकॉम का MGB सीरीज़ पोर्टफोलियो IoT डिवाइसेज़ के लिए पोज़िशनिंग समाधान में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक-आवृत्ति से लेकर RTK‑सक्षम द्वि‑आवृत्ति मॉड्यूल तक की विस्तृत श्रृंखला से निर्माताओं को अपने उत्पादों की लागत, पावर और सटीकता के बीच सही संतुलन चुनने में मदद मिलती है। विशेष रूप से भारत में NavIC सपोर्ट वाले MGB390‑A मॉडल से स्थानीय उपग्रह नेटवर्क के साथ बेहतर एकीकरण संभव हो रहा है, जो देश के भू‑सर्वेक्षण, कृषि और स्वचालित वाहन उद्योगों के लिए लाभकारी है।
निष्कर्ष
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में फाइबोकॉम द्वारा प्रस्तुत MGB सीरीज़ GNSS मॉड्यूल ने IoT क्षेत्र में पोज़िशनिंग तकनीक के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं। लागत‑सचेत MGB180 से लेकर उच्च‑सटीकता MGB390‑AR तक, यह पोर्टफोलियो विभिन्न अनुप्रयोगों और बाजार की मांगों को पूरा करने के लिए लचीलापन और विश्वसनीयता दोनों प्रदान करता है। फाइबोकॉम के निरंतर उत्पादन और साझेदारी प्रयासों के साथ, भारतीय IoT निर्माताओं के लिए यह समय है कि वे इन उन्नत GNSS समाधानों को अपने उत्पादों में समाहित करके वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ें।
