यूएई से लौटे हार्विंदर कुमार को NIA ने गिरफ्तार किया: विकास प्रभाकर हत्या मामले का निर्णायक मोड़

विपीपी नेता के हत्या मामले में निया द्वारा यूएई से हिरासत में लिया गया आरोपी

परिचय
नई दिल्ली – भारत सरकार ने 2024 में पंजाब के नंगाल में हुए विश्व हिंदू परिषद के नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में आरोपी हार्विंदर कुमार, जिन्हें सोनू बर्नाला के नाम से भी जाना जाता है, की यूएई से भारत में वापसी की व्यवस्था कर ली है। यह कदम मंत्रालय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशानुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम
– 17 अप्रैल 2026 को हार्विंदर कुमार पर रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया गया।
– 19 जून को भारतीय एजेंसियों ने यूएई अधिकारियों से उनकी हस्तांतरण का अनुरोध किया।
– यूएई ने उसी दिन उन्हें भारत भेजा।
– दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही NIA ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
– उन्हें विशेष NIA न्यायालय के समक्ष आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए पेश किया गया।

महत्वपूर्ण जानकारी
विकास प्रभाकर, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता, की हत्या को बब्बर खालसा अंतरराष्ट्रीय (BKI) के ऑपरेटिव्स ने योजना बनाई थी। यह संगठन, जिसे भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है, पाकिस्तान के बब्बर (वधवा सिंह) के नेतृत्व में कार्य करता है।

मंत्रालय गृह मंत्रालय ने बताया कि यह हत्या एक बड़े साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य धार्मिक तनाव पैदा करना और समाज में अस्थिरता फैलाना था।

संबंधित बयान
मंत्रालय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमने सभी आवश्यक क़दम उठाए हैं ताकि ऐसे आतंकवादी कार्यों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। हार्विंदर कुमार का यूएई से भारत में वापसी का आदेश हमारे ‘परा-हारा’ पहल के तहत लिया गया, जिसका उद्देश्य आतंकवादियों और अन्य अपराधियों को शीघ्रता से भारत वापस लाना है।”

NIA के प्रमुख ने भी यह स्पष्ट किया कि “हार्विंदर कुमार को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें विशेष NIA न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। हम इस मामले की पूरी जाँच जारी रखेंगे।”

प्रभाव और संदर्भ
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी नीतियों को आगे बढ़ाया है। यूएई के साथ सहयोग करके विदेशी आतंकवादियों को भारत लाना, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके अलावा, ‘परा-हारा’ पहल के तहत भारत ने अन्य देशों से भी आतंकवादियों को वापस लाने की प्रक्रिया को तेज किया है। इससे न केवल अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सकता है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

निष्कर्ष
हार्विंदर कुमार की यूएई से भारत में वापसी और NIA द्वारा उनकी गिरफ्तारी, विश्व हिंदू परिषद के नेता विकास प्रभाकर की हत्या के मामले में एक निर्णायक मोड़ है। यह कदम भारतीय सरकार की आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ निश्चय को दर्शाता है और भविष्य में इसी तरह के अपराधों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक मिसाल कायम करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top