शॉपियन के बुज़ुर्गों पर पेंशन में देरी का गहरा असर
परिचय
जुलाई से शॉपियन जिले के कई वरिष्ठ नागरिकों को उनके मासिक पेंशन के भुगतान में देरी का सामना करना पड़ रहा है। इस देरी के कारण वे दवाइयों, भोजन और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। सरकार द्वारा पेंशन राशि बढ़ाने के बावजूद, समय पर भुगतान न होने से बुज़ुर्गों का जीवन जीना और भी मुश्किल हो गया है।
पेंशन में देरी का असर
मक़बुल, शॉपियन के एक 70 वर्ष के पेंशनधारी, ने बताया कि “मैंने जुलाई से एक पैसा भी नहीं प्राप्त किया है।” उन्होंने कहा, “सरकार ने पेंशन बढ़ाने का निर्णय लिया था, परंतु बढ़ी हुई राशि भी हमें समय पर नहीं मिल रही है। तीन महीने से बैंक जाकर खाली हाथ लौट रहा हूँ।” इसी तरह, अब्दुल सलाम, 68 वर्ष के पेंशनधारी, ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त की। “हम बुज़ुर्गों के पास नियमित आय का स्रोत नहीं होता। पेंशन पर निर्भर होकर दवाइयाँ, खाना और अन्य ज़रूरी सामान खरीदते हैं। एक महीने की देरी से संभाल लेते हैं, पर दो या तीन महीने की देरी से मुश्किल हो जाती है।” उन्होंने आगे कहा, “बैंक में जाकर पेंशन के आने का इंतज़ार करते हैं, पर हर बार ‘रुकिए’ कहा जाता है। इस उम्र में रिश्तों से उधार लेना भी मुश्किल हो जाता है।”
सरकार की पेंशन बढ़ाने की नीति
जम्मू और कश्मीर सरकार ने अप्रैल में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) और एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना (ISSS) के अंतर्गत पेंशन राशि बढ़ाने का आदेश दिया। नई दरों के अनुसार, 60 वर्ष से कम आयु के पेंशनधारियों को प्रति माह ₹1,250 और 60 से 79 वर्ष के बीच के लोगों को ₹1,500 प्राप्त होंगे। इस बढ़ोतरी का उद्देश्य बुज़ुर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना था। परंतु, पेंशन की समय पर डिलीवरी न होने से यह बढ़ोतरी व्यर्थ हो रही है।
बुज़ुर्गों के बयान
मक़बुल ने बताया कि “पहले की राशि बहुत कम थी, दवाइयाँ और अन्य खर्चे मुश्किल से चलते थे। सरकार ने बढ़ोतरी की थी, पर अब हमें समय पर पैसा नहीं मिल रहा है।” अब्दुल सलाम ने भी कहा, “हमारे पास कोई अन्य आय स्रोत नहीं है। पेंशन पर निर्भर हैं। जब पैसा एक महीने के लिए नहीं आता, तो हम संभाल लेते हैं, पर दो-तीन महीने के लिए नहीं आने पर बहुत कठिनाई होती है।” दोनों ने सरकार से अपील की कि पेंशन की देरी को तुरंत समाप्त किया जाए और बकाया राशि जल्द से जल्द जारी की जाए।
समस्या का समाधान
पेंशनधारियों ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पेंशन भुगतान प्रणाली में सुधार किया जाए। बैंक और पेंशन कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेंशन राशि समय पर जमा हो। सरकार को पेंशन के भुगतान में देरी के कारणों की जाँच करनी चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा, बुज़ुर्गों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन या सहायता केंद्र स्थापित किया जा सकता है जहाँ वे अपनी समस्याओं का समाधान पा सकें।
निष्कर्ष
शॉपियन जिले के बुज़ुर्गों के लिए पेंशन का समय पर भुगतान अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा पेंशन बढ़ाने की पहल सराहनीय है, परंतु यदि भुगतान में देरी बनी रहती है तो यह पहल व्यर्थ हो जाती है। पेंशनधारियों की भलाई और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए पेंशन भुगतान प्रणाली में सुधार अनिवार्य है। सरकार से निवेदन है कि बुज़ुर्गों के लिए पेंशन की समय पर डिलीवरी को सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को बिना किसी झंझट के पूरा कर सकें।
