Angarki Sankashti Chaturthi 2026: Mumbai’s Siddhivinayak Temple Set To Witness Huge Crowd Of Devotees; Trust Releases Special Aarti, Mahapuja & Darshan Schedule

सिद्धिविनायक मंदिर में अँगरीकी संकष्टी चतुर्थी २०२६ की भव्य पूजा

परिचय
आज मुंबई के प्रभादेवी में स्थित श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में अँगरीकी संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर हजारों भक्ति-भक्तों ने एकत्रित होकर पूजन किया। यह दिन गणेशजी के प्रति श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है, और इस वर्ष के कार्यक्रम में विशेष आरती, महापूजा और दर्शन के समय सारिणी का प्रकाशन किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम
– सुबह की आरती: ३.३० बजे से ३.५० बजे तक सुबह की आरती सम्पन्न हुई, जिसमें भक्तों ने गणेशजी की पवित्र ध्वनि पर भक्ति गीत गाए।
– दोपहर का नविद्या: १२.१५ बजे से १२.३० बजे तक नविद्या का आयोजन हुआ, जिसमें गणेशजी को ताजे फूल, फल और दालचीनी की भेंट चढ़ाई गई।
– शाम की धूपारी: ७ बजे से धूपारी का आरम्भ हुआ, जिसके पश्चात ७.१५ बजे से ८.१० बजे तक महापूजा का आयोजन किया गया।
– महाआरती: ८.१५ बजे से ८.४५ बजे तक महाआरती के दौरान गणेशजी के चरणों पर दीपक जलाए गये और मंत्रों की ध्वनि से मंदिर की पवित्रता बढ़ी।
– दर्शन: पूजा के पश्चात दर्शन के लिए भीड़ को नियंत्रित करने हेतु अलग-अलग कतारें स्थापित की गईं, जिससे भक्तों को सुगम अनुभव मिला।

महत्वपूर्ण जानकारी
मंदिर ट्रस्ट ने इस पावन दिन के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं:
1. नियंत्रित दर्शन – अलग-अलग कतारों और समय स्लॉट के माध्यम से दर्शन को सुव्यवस्थित किया गया।
2. चिकित्सा सुविधा – ऑन-साइट मेडिकल टीम उपलब्ध, आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता।
3. पानी और स्वच्छता – स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था और मोबाइल शौचालयों की सुविधा।
4. आग सुरक्षा – फायर-सेफ्टी उपकरण और प्रशिक्षित फायर फाइटर की उपस्थिति।
5. सुरक्षा व्यवस्था – अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, जिससे भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रबंधन सुनिश्चित हुआ।

संबंधित बयान
मंदिर के प्रमुख ने आज सुबह एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “अँगरीकी संकष्टी चतुर्थी का यह पावन दिन भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सभी के लिए सुरक्षित और पवित्र अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हमने विशेष प्रबंध किये हैं। हम सभी को आह्वान करते हैं कि वे शांति और अनुशासन के साथ पूजा में भाग लें।”

प्रभाव या संदर्भ
अँगरीकी संकष्टी चतुर्थी के दौरान भक्तों की भारी संख्या के कारण मुंबई के प्रभादेवी क्षेत्र में ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन पर भी प्रभाव पड़ा। ट्रस्ट ने स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय कर मार्गों को खुला रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष उपाय लागू किये।

साथ ही, इस वर्ष के कार्यक्रम में विशेष रूप से वृद्ध और गतिहीन भक्तों के लिए सुलभ प्रवेश द्वार और बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे सभी वर्ग के लोग बिना किसी असुविधा के पूजा में भाग ले सकें।

निष्कर्ष
सिद्धिविनायक मंदिर में अँगरीकी संकष्टी चतुर्थी २०२६ के पावन दिन ने भक्तों के बीच आस्था और भक्ति की नई ऊर्जा जगाई। ट्रस्ट द्वारा की गई विस्तृत योजना और सुरक्षा व्यवस्था ने इस पावन कार्यक्रम को सुरक्षित और सुगम बनाया। इस दिन के दौरान भक्तों ने गणेशजी के प्रति अपनी श्रद्धा और आभार व्यक्त करते हुए मंदिर के पवित्र वातावरण का अनुभव किया। भविष्य में भी ऐसे पावन अवसरों पर इसी प्रकार की सावधानी और व्यवस्था के साथ भक्ति-भक्तियों का स्वागत किया जाएगा।

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