बावनई में सरकारी आदिवासी पुस्‍त विद्यालय के सुपरिंटेंडेंट को हटाया गया, नई नियुक्ति और पुलिस केस

बावनई के बोकड़ता में सरकारी आदिवासी पुस्‍त विद्यालय का सुपरिंटेंडेंट हटाया गया

परिचय
बावनई जिले के पाटी ब्लॉक में स्थित सरकारी आदिवासी लड़कों के आश्रम के सुपरिंटेंडेंट विनोद आर्य को, छात्रों द्वारा उठाए गए दावों के बाद पद से हटाया गया है। जांच में पाया गया कि छात्रों को निर्धारित शाम के नाश्ते के बदले कुरकुरे, चिप्स और बिस्किट परोसे गए और इसके खर्चे माता‑पिता से वसूले गए। इस घटना के बाद ट्राइबल अफेयर्स विभाग ने तत्काल कार्रवाई कर दी।

मुख्य घटनाक्रम
19 सितंबर को एक छात्र ने आश्रम छोड़ने के बाद दुर्घटना में घायल हो गया। उसी दिन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जाँच दल आश्रम पर पहुँचा। जाँच के दौरान छात्रों ने बताया कि नाश्ते के मेनू का पालन नहीं किया जा रहा था। लगभग आधे छात्रों को ही शाम का नाश्ता दिया जाता था, जबकि बाकी को पैकेटेड स्नैक्स—कुर्कुरे, चिप्स और बिस्किट—दिए जाते थे। इन स्नैक्स का खर्च माता‑पिता से वसूला जाता था।

इसके अतिरिक्त, छात्रों ने पानी की आपूर्ति में लगातार कमी की शिकायत की। लगभग एक महीने तक पानी की कमी के कारण छात्रों को बाहर जाकर शौच करना पड़ता था और कई दिन बिना स्नान के गुजरते थे।

जाँच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि विनोद आर्य की पत्नी, बेटी और भाई बिना अनुमति के जाँच के दौरान उपस्थित थे और अधिकारियों के प्रति अपमानजनक भाषा प्रयोग की। इन तीनों परिवार के सदस्यों के खिलाफ पैनवार के शिकायत पर पुलिस केस दर्ज किया गया है।

महत्वपूर्ण जानकारी
– स्थान: बोकड़ता, पाटी ब्लॉक, बावनई जिला।
– सुपरिंटेंडेंट: विनोद आर्य, पूर्व में सरकारी मध्य विद्यालय, कलाखेत में प्राथमिक शिक्षक।
– नई नियुक्ति: विजय खन्ना को नया सुपरिंटेंडेंट नियुक्त किया गया।
– कानूनी कार्रवाई: पैनवार की शिकायत पर विनोद आर्य और उनके तीन परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज।
– जाँच का आधार: छात्र द्वारा दायर शिकायत, जाँच दल की गवाही, और छात्रों के बयान।

संबंधित बयान
ट्राइबल अफेयर्स विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “जाँच के दौरान हमें छात्रों की शिकायतों पर गहरा खेद है। हम आश्रम के प्रबंधन में सुधार के लिए तुरंत कदम उठा रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नयी नीतियाँ लागू करेंगे।”

विनोद आर्य ने अपने पद से हटाए जाने के बाद कहा, “मैंने हमेशा छात्रों के हित में काम किया है। इस निर्णय से मैं निराश हूँ, पर मैं अपने कर्तव्यों का पालन जारी रखूँगा।”

प्रभाव और संदर्भ
यह घटना आदिवासी विद्यार्थियों के शैक्षिक और स्वास्थ्य अधिकारों पर प्रकाश डालती है। आश्रम में पानी की कमी, अनुचित भोजन और अनुचित शुल्क वसूली जैसी समस्याएँ न केवल शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डालती हैं।

सुपरिंटेंडेंट के हटाने से आश्रम प्रशासन में विश्वास पुनर्स्थापित करने का संकेत मिलता है। नई नियुक्ति के साथ, विभाग आशा करता है कि आश्रम के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

निष्कर्ष
बावनई के बोकड़ता में सरकारी आदिवासी पुस्‍त विद्यालय के सुपरिंटेंडेंट विनोद आर्य को छात्रों की शिकायतों के आधार पर पद से हटाया गया है। जाँच में पता चला कि छात्रों को निर्धारित नाश्ते के बदले पैकेटेड स्नैक्स परोसे गए और पानी की आपूर्ति में लगातार कमी रही। इस घटना के बाद ट्राइबल अफेयर्स विभाग ने तत्काल कार्रवाई कर विजय खन्ना को नया सुपरिंटेंडेंट नियुक्त किया। पुलिस केस भी दर्ज किया गया है। आश्रम प्रशासन में सुधार और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

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