भुवनेश्वर में 72 वर्षीय पराक्रम का दुष्कर्म: युवा देखभालकर्ता पर अम्ल हमला
परिचय
भुवनेश्वर के कुड़वेल नगर में एक भयानक घटना घटी, जिसमें 72 वर्ष के बसंत आश्विनी चौधरी ने एक युवा देखभालकर्ता पर अम्ल फेंककर उसे गंभीर जलन पहुँचाई। यह हमला एक अनुत्तरित प्रेम के कारण हुआ, जब चौधरी को पता चला कि उसकी पसंदीदा महिला का विवाह किसी अन्य के साथ तय हो चुका है। पुलिस ने इस घटना के बाद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया और मामला न्यायालय में पेश किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
30 अगस्त की रात को, जब देखभालकर्ता अपने कमरे में सो रही थी, चौधरी ने दीवार पर चढ़कर उसके कमरे में घुसने की कोशिश की। उसने पहले उसकी गर्दन पर ज़ोर से दबाव डाला और उसे विषाक्त रासायनिक पदार्थ निगलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जब युवा महिला ने साहसपूर्वक प्रतिरोध किया, तो चौधरी ने तुरंत उसके चेहरे पर अम्ल फेंका। इस अम्ल के कारण उसकी त्वचा पर गहरी जलन और चेहरे की विकृति का खतरा पैदा हो गया।
महत्वपूर्ण जानकारी
– पीड़ित: 23 वर्षीया युवा महिला, यूनिट‑3 के एक आश्रय गृह में देखभालकर्ता के रूप में कार्यरत। वह पाँच वर्षों से अपने दृष्टिहीन पिता के साथ रह रही है।
– आरोपी: बसंत आश्विनी चौधरी, 72 वर्ष, उसी आश्रय गृह के निवासी। वह पीड़ित के प्रति एकतरफा प्रेम में फँस गया था।
– स्थान: कुड़वेल नगर, भुवनेश्वर, यूनिट‑3 आश्रय गृह।
संबंधित बयान / जानकारी
पुलिस के अनुसार, अम्ल फेंकने के बाद, पीड़ित के पिता और अन्य निवासियों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई। पीड़ित को तुरंत सुम अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे आपातकालीन उपचार मिला।
अपराध के बाद, चौधरी ने स्वयं को मारने का प्रयास किया। उसने वही रासायनिक पदार्थ पी लिया और अपने हाथों व गर्दन की नसों को काटने की कोशिश की। उसे कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आपातकालीन रूप से पहुँचाया गया, जहाँ वह गंभीर स्थिति में था।
चौधरी को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, कुड़वेल नगर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान, उसने अपने अपराध की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की और बताया कि यह हमला उसके आगामी विवाह के प्रति असंतोष के कारण हुआ।
प्रभाव या संदर्भ
इस घटना ने समाज में एक बार फिर अम्ल हमलों के खतरों और अनुत्तरित प्रेम के विनाशकारी परिणामों पर प्रकाश डाला है। पीड़ित को चेहरे पर गंभीर जलन के साथ-साथ मानसिक आघात भी सहना पड़ेगा। पुलिस ने आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पुनर्विचार किया है, ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
निष्कर्ष
बसंत आश्विनी चौधरी को अब औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पीड़ित अभी भी सुम अस्पताल में उपचार के अंतर्गत है, जबकि चौधरी को कटक के अस्पताल में स्थिर किया गया है। यह मामला समाज को यह याद दिलाता है कि प्रेम और सम्मान के बिना कोई भी संबंध स्वस्थ नहीं हो सकता, और किसी भी प्रकार की हिंसा अस्वीकार्य है।
