चर्मिनार टास्क फोर्स ने तीन अवैध शिकारी गिरफ्तार, उन्नत शिकार उपकरण जब्त

चर्मिनार ज़ोन टास्क फोर्स ने तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया, साथ में उन्नत शिकार उपकरण जब्त

परिचय
हैदराबाद के आसपास के तेलंगाना‑कर्नाटक‑महाराष्ट्र सीमा पर स्थित वन्य प्रदेशों में अवैध शिकार की गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं। पिछले दस महीनों में तेलंगाना पुलिस ने २१ व्यक्तियों को पकड़ कर हिरासत में लिया है। इस बार चर्मिनार ज़ोन टास्क फोर्स ने मलक़पेथ पुलिस के सहयोग से चिम्मनचोद वन में हिरणों के शिकार के आरोप में तीन लाइसेंसधारी शिकारीयों को गिरफ्तार किया। साथ ही, उन्हें उन्नत शिकार उपकरणों के साथ पकड़ा गया।

मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार को चर्मिनार ज़ोन टास्क फोर्स ने मलक़पेथ पुलिस के साथ मिलकर चिम्मनचोद वन, चिन्नोली तालुक, कलाबुरगी जिले में तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया। साक्षियों के अनुसार, इन तीनों को 30‑06 राइफल, हिकमाइक्रो नाइट‑विजन टेलीस्कोप, आठ लाइव राउंड, बारह खाली कारतूस, दो नाइट‑विजन टेलीस्कोप, एक रिचार्जेबल बैटरी और एक क्षतिग्रस्त हुआवेई फ़ोल्डेबल फ़ोन मिला। फ़ोन में शिकार के वीडियो होने की सूचना मिली।

पुलिस ने बताया कि शिकारियों ने 3.15 बोर के शक्तिशाली राइफल का इस्तेमाल किया, जिनमें आयातित मफलर और सप्रेसर लगे हुए थे, जिससे गोली चलने की आवाज़ 80 प्रतिशत तक कम हो जाती थी। कुछ शिकारियों के पास नाइट‑विजन बायनॉक्युलर, थर्मल इमेजिंग डिवाइस और ट्रांसमीटर भी थे।

महत्वपूर्ण जानकारी
– 21 शिकारियों को जनवरी से लेकर अब तक हैदराबाद के तीन प्रमुख ऑपरेशनों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है।
– रैकल, मैथाकल, शादनगर और चिम्मनचोद वनों में ब्लैकबक और मोर का शिकार हुआ।
– पुलिस ने शिकारियों के पास 13 किलोग्राम हिरण का मांस, हथियार, टेलीस्कोप और अन्य शिकार उपकरण जब्त किए।
– शिकारियों ने शिकार के पश्चात् मांस को काटकर त्वचा और सींगों को नष्ट कर दिया।

संबंधित बयान
मलक़पेथ पुलिस के प्रमुख ने कहा, “हमारी टीम ने शिकारियों के मुख्य शिकार स्थल पर जाँच करते हुए उन्हें पकड़ लिया। शिकारियों को हिरणों के शिकार के लिए लाइसेंस था, परंतु वे अवैध शिकार के लिए हथियारों का दुरुपयोग कर रहे थे। हम इस तरह के अवैध शिकार को रोकने के लिए लगातार निगरानी और जाँच जारी रखेंगे।”

चर्मिनार टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने जोड़ा, “हमने शिकारियों के पास से उन्नत शिकार उपकरण जब्त किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये शिकार केवल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि मुनाफे के लिए कर रहे थे। हम आगे भी ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।”

प्रभाव और संदर्भ
इन अवैध शिकार गतिविधियों से वन्यजीवों पर गहरा असर पड़ रहा है। ब्लैकबक और मोर जैसे प्रजातियों की संख्या में कमी आ रही है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बिगड़ रहा है। शिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले शक्तिशाली राइफल और सप्रेसर के कारण शिकार के शिकार को पहचानना कठिन हो जाता है, जिससे शिकारियों को बिना पकड़े शिकार करने का मौका मिलता है।

इसके अलावा, शिकारियों द्वारा शिकार पशुओं के मांस और त्वचा को बेचने से अवैध बाज़ार में बढ़ोतरी हो रही है। यह न केवल वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय समाज के लिए भी खतरा पैदा करता है।

निष्कर्ष
चर्मिनार ज़ोन टास्क फोर्स और मलक़पेथ पुलिस के समन्वय से तीन लाइसेंसधारी शिकारियों को गिरफ्तार कर उन्नत शिकार उपकरण जब्त करने की सफलता वन्यजीव संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घटना दर्शाती है कि अवैध शिकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निगरानी से वन्यजीवों की रक्षा संभव है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाइयों को जारी रखकर वन्यजीवों की सुरक्षा और वन्यजीवन के संतुलन को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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