CM Fadnavis and DCM Shinde visit drought-prone regions in Maharashtra

मुख्य शीर्षक
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सूखा‑ग्रस्त मराठवाडा और अक़ोला जिलों का दौरा किया

परिचय
महाराष्ट्र सरकार ने सूखा‑जैसी स्थिति पर तात्कालिक कदम उठाने के लिये मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दौरा मराठवाडा के लतूर जिले और अक़ोला जिले में किया। दोनों नेताओं ने किसानों की पीड़ा पर गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए राहत के उपायों की घोषणा की।

मुख्य घटनाक्रम
22 सितंबर को फडनवीस ने घोषणा की कि राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावंकुले के अध्यक्षता में सूखा‑समस्या से निपटने के लिये एक उपसमिति गठित की जाएगी। उसी दिन से लेकर 26 सितंबर तक सूखा‑GR जारी किया जायेगा, जिसमें किसानों को आर्थिक सहायता का प्रावधान रहेगा।
23 सितंबर को फडनवीस ने लतूर और धरोशिव जिलों का दौरा किया। लतूर में सूखा सबसे गंभीर था, जहाँ वर्षा 65‑70 % के मुकाबले केवल 50 % ही हुई। फडनवीस ने किसानों को आश्वासन दिया कि अगले दो दिनों में सूखा‑संबंधी सरकारी निर्णय जारी किया जायेगा।

उसी दिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अक़ोला जिले का दौरा किया। उन्होंने किसानों के लिये सूखा घोषित करने को एकमात्र विकल्प बताया और कहा कि सरकार किसानों के हित में हर संभव कदम उठाएगी।

महत्वपूर्ण जानकारी
– महाराष्ट्र में वर्तमान वर्षा 787.2 मिमी है, जबकि सामान्य वर्षा 953.2 मिमी होती है, जिससे 17 % की कमी हुई।
– मराठवाडा के लतूर, धरोशिव, निलंगा आदि जिलों में वर्षा 50 % से कम रही।
– सूखा‑GR के तहत रबी फसलों के लिए सहायता, पीने के पानी, पशु आहार और खाद्य अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।
– उपसमिति के अंतर्गत सूखा‑संबंधी निर्णय शीघ्र ही लिया जायेगा।

संबंधित बयान
– निलंगा के एक किसान ने रोते हुए कहा, “पानी नहीं, नुकसान ज़रा है।” फडनवीस ने आश्वासन दिया कि सरकार जल्द ही राहत का निर्णय लेगी।
– एकनाथ शिंदे ने कहा, “किसानों के लिये सूखा घोषित करना ही एकमात्र विकल्प है। मैं उनके साथ खड़ा रहूँगा।”
– विपक्षी नेता रोहित पवार ने किसानों के आँसू देखकर कहा, “किसान के आँसू देखकर दिल टूट जाता है।” उन्होंने 50,000 रुपये/हेक्टेयर और 25,000 रुपये/परिवार की मांग की।
– एनसीपी‑एसपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, “शरद पवार के पत्र के बाद ही सरकार ने कदम उठाए हैं।”

प्रभाव या संदर्भ
सूखा‑ग्रस्त मराठवाडा में फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों की आय पर गहरा असर पड़ा है। सरकार द्वारा सूखा‑GR के माध्यम से आर्थिक सहायता देने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
एल नीनो के कारण महाराष्ट्र में वर्षा में कमी आई है, जिससे सूखा की स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

निष्कर्ष
महाराष्ट्र सरकार ने सूखा‑ग्रस्त जिलों में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के दौरे से किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखायी है। उपसमिति और सूखा‑GR के माध्यम से शीघ्र राहत देने का वादा किया गया है। किसानों की पीड़ा को देखते हुए सरकार को जल्द से जल्द निर्णय लेकर सहायता के पैकेज को लागू करना आवश्यक है, ताकि फसल क्षति और आर्थिक संकट को कम किया जा सके।

टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top