ED searches 15 locations in Telangana, Andhra Pradesh

मुख्य शीर्षक
प्रवर्तन निदेशालय ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 15 स्थानों पर एक साथ खोज कार्यवाही शुरू की

परिचय
हैदराबाद के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 15 प्रमुख स्थानों पर एक साथ खोज कार्यवाही शुरू की है। यह कार्रवाई ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स और धोखाधड़ी निवेश ऐप्स से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत की गई है। खोज कार्यवाही के दौरान बड़ी मात्रा में नकद, बैंक खाता विवरण और हवाईला नेटवर्क से संबंधित साक्ष्य मिले हैं।

मुख्य घटनाक्रम
खोज कार्यवाही में हैदराबाद, विजयवाड़ा तथा अन्य प्रमुख शहरों के निवास और कार्यालय शामिल थे। यह एक समकालीन अभियान था, जिसे एक ही समय पर कई स्थानों पर चलाया गया। ED ने इन सभी स्थानों पर डिजिटल उपकरण, दस्तावेज़ और बैंक रिकॉर्ड की जाँच की। खोज के दौरान अधिकारियों ने शेल कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेशों में धन के स्थानांतरण के संकेत भी पाए।

महत्वपूर्ण जानकारी
यह जांच धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही है। FIR पुणे साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जो महाराष्ट्र के प्यू में स्थित है। इस FIR के आधार पर ED ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में खोज कार्यवाही शुरू की।

संबंधित बयान
प्रवर्तन निदेशालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमने दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में पिछले हफ्ते की गई खोजों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर यह अभियान चलाया है।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “इन सूचनाओं से पता चला कि इंटरस्टेट नेटवर्क के जरिए लोगों को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी में फँसाया गया है।”

प्रभाव या संदर्भ
इस जांच के अंतर्गत एजेंटों और हवाईला ऑपरेटरों को निशाना बनाया गया है। यह नेटवर्क ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों को लाभ के वादे से लुभाकर धोखा देता है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क ने लोगों से करोड़ों रुपये की धनराशि चुरा ली है।

वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड की जाँच
ED के अधिकारियों ने प्रमुख आरोपी के निवास और कार्यालय से वित्तीय दस्तावेज़, लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों की जाँच की। उन्होंने पाया कि बेटिंग से प्राप्त लाभ शेल कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेश भेजे जा रहे थे।

साक्ष्य एवं खोज के परिणाम
खोज के दौरान बड़ी मात्रा में नकद, बैंक खाता विवरण और हवाईला नेटवर्क से जुड़ी अन्य साक्ष्य मिले। अधिकारियों ने इन साक्ष्यों को फाइल में रखा और आगे की जाँच के लिए भेजा।

अंतिम निष्कर्ष
प्रवर्तन निदेशालय की यह व्यापक खोज कार्यवाही धन शोधन और धोखाधड़ी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। आगे की जाँच के दौरान और भी साक्ष्य सामने आने की संभावना है। इस मामले के विकास पर नज़र रखी जाएगी और समय रहते अपडेट दिया जाएगा।

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