FlyDubai उड़ान पर सह‑पायलट की साजिश: इज़राइल दूतावास ने समय की संवेदनशीलता पर ज़ोर दिया

फ्लाइडुबई उड़ान पर सह-पायलट की साजिश: इज़राइल के दूतावास ने समय के महत्व पर ज़ोर दिया

परिचय
नई दिल्ली, १ अक्टूबर – इज़राइल के भारत में दूतावास के दूत रुईवेन अज़ार ने गुरुवार को फ्लाइडुबई की एक उड़ान पर सह-पायलट द्वारा की गई साजिश के समय को विशेष रूप से संवेदनशील बताया। दूतावास ने कहा कि घटना के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है और पूरी जाँच के बाद ही निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को, फ्लाइडुबई की एक बोइंग 737, जिसमें १७० से अधिक यात्री थे, अपने गंतव्य के लिए उड़ान भर रही थी। सह-पायलट ने अचानक विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की और कप्तान स्मिट माच्छर को चाकू से घूंसा मारा। कप्तान ने साहसपूर्वक प्रतिरोध किया, सह-पायलट को रोकने के लिए कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने उसे पराजित किया।

विमान ३४,००० फीट की ऊँचाई पर उड़ रहा था जब अचानक २३,००० फीट प्रति मिनट की दर से गिरने लगा। १५,६०० फीट की ऊँचाई पर पहुँचने के बाद ही उसे नियंत्रित किया गया। कप्तान माच्छर को गंभीर चोटें आईं, परंतु उन्होंने उड़ान को सुरक्षित रूप से समाप्त करने में सफलता पाई।

महत्वपूर्ण जानकारी
– घटना इज़राइल में आगामी चुनावों से कुछ दिन पहले हुई।
– यह तेरह अक्टूबर के हमास हमले के तीसरे वर्षगांठ के तुरंत बाद हुई।
– इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू की यूएई यात्रा के दो-तीन दिन बाद यह घटना हुई, जब वे क्षेत्रीय नेताओं से मिलकर आतंकवाद और इराक के आतंकवादी प्रॉक्सी के खिलाफ कदमों पर चर्चा कर रहे थे।

संबंधित बयान
रुईवेन अज़ार ने कहा, “हमें अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चल पाया है। जाँच के परिणामों का इंतज़ार करना होगा। परंतु इस घटना का समय विशेष रूप से संवेदनशील है। इज़राइल में चुनाव चल रहे हैं और हम अक्टूबर ७ के भयानक नरसंहार के तीसरे वर्षगांठ को याद कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस घटना से क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ हमारी सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।”

कप्तान स्मिट माच्छर के साहस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “साहसी नायक” कहा और प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने भी उन्हें “सच्चे नायक” के रूप में सराहा।

प्रभाव या संदर्भ
इज़राइल की सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना की जाँच के लिए क्षेत्रीय खुफिया, नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और अन्य स्रोतों से जानकारी एकत्र कर रही हैं। दूतावास ने कहा कि वे प्रोटोकॉल में सुधार के लिए कदम उठाएँगे ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।

दूत ने यह भी स्पष्ट किया कि इज़राइल और भारत के प्रतिरोधी-आतंकवाद एजेंसियाँ निकट संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “हमारे प्रतिरोधी-आतंकवाद एजेंसियाँ लगातार संवाद में हैं, चाहे वह उच्चतम स्तर पर हो या संचालन स्तर पर। हम जानकारी साझा करते रहेंगे और आतंकवाद के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएँगे।”

निष्कर्ष
फ्लाइडुबई उड़ान पर सह-पायलट की साजिश की घटना, इज़राइल के चुनाव, हमास हमले की वर्षगांठ और नेतन्याहू की यूएई यात्रा के साथ मेल खाते हुए, क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही है। इज़राइल के दूतावास ने इस घटना के पीछे के कारणों की जाँच के लिए धैर्य रखने का आह्वान किया है। इस बीच, भारतीय और इज़राइली दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।

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