ज़ोल्ट श्रृंखला से आईडिया फोर्ज की नई क्षमताएँ: लंबी दूरी के ISR और यूसीएवी में कदम
परिचय
आइडिया फोर्ज टेक्नोलॉजी ने अपनी टैक्टिकल ड्रोन लाइनअप को नया आयाम देते हुए ज़ोल्ट प्लेटफ़ॉर्म के तहत दो नवीनतम वैरिएंट पेश किए हैं। ये ड्रोन लंबी दूरी के इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टारगेट एक्विज़िशन और रिकॉनिसेंस (ISR) तथा अनमैनड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (यूसीएवी) के क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश का संकेत देते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
– ज़ोल्ट यूसीएवी: यह बैटरी‑चालित ड्रोन टैक्टिकल कॉम्बैट और रिकॉनिसेंस मिशनों के लिए बनाया गया है। इसकी ऑपरेटिंग एंड्यूरेंस 2 से 3 घंटे के बीच है और लाइन‑ऑफ़‑साइट ट्रांसमिशन रेंज 30 से 50 किलोमीटर तक है। इसे समुद्र तल से 4,500 मीटर की ऊँचाई से लॉन्च किया जा सकता है।
– ज़ोल्ट हाइब्रिड: आंतरिक दहन इंजन और बैटरी पावर का संयोजन इस वैरिएंट को 6 घंटे से अधिक की एंड्यूरेंस देता है। लाइन‑ऑफ़‑साइट कम्युनिकेशन 100 किलोमीटर तक पहुँचता है और इसे 2,000 मीटर की ऊँचाई से लॉन्च किया जा सकता है।
आइडिया फोर्ज ने ज़ोल्ट हाइब्रिड पर आधारित एक हाई‑एल्टिट्यूड वैरिएंट भी पेश करने की योजना बनाई है, जो 4,000 मीटर तक की ऊँचाई से लॉन्च किया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण जानकारी
– ज़ोल्ट परिवार को सीमापार सर्विलांस, फ्रंटियर मॉनिटरिंग, टैक्टिकल रिकॉनिसेंस, फ़ील्ड इंटेलिजेंस, फायर‑सपोर्ट इंटेलिजेंस, टारगेट एक्विज़िशन और लंबी दूरी के सर्विलांस ऑपरेशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
– इन ड्रोन को आइडिया फोर्ज के नकाश (NAKSH) ISR पेलोड के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है। पेलोड में इलेक्ट्रो‑ऑप्टिकल सेंसर, इन्फ्रारेड और मिड‑वेव इन्फ्रारेड इमेजिंग सिस्टम, तथा लेज़र रेंजिंग और टारगेट‑ट्रैकिंग क्षमताएँ शामिल हैं, जिससे दिन‑रात दोनों में अवलोकन संभव है।
– ज़ोल्ट वैरिएंट्स में इलेक्ट्रॉनिक जामिंग के प्रति प्रतिरोधक संचार प्रणाली, GNSS‑डिनाइड नेविगेशन क्षमताएँ और ऑन‑बोर्ड इंटेलिजेंस फ़ंक्शन शामिल हैं, जो पारंपरिक सिग्नल के विघटन या अनुपलब्ध होने पर भी मिशन की प्रभावशीलता बनाए रखते हैं।
– ऑन‑बोर्ड प्रोसेसिंग क्षमताएँ तेज़ निर्णय‑निर्धारण को सक्षम करती हैं, जिससे डेटा लिंक पर निर्भरता कम होती है और ऑपरेटरों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सिचुएशन अवेयरनेस बनी रहती है।
संबंधित बयान
आइडिया फोर्ज टेक्नोलॉजी के एजीएम, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, सैचिन पुकाले ने कहा, “ये नए वैरिएंट हमारी टैक्टिकल ड्रोन पेशकशों को व्यापक ऑपरेशनल आवश्यकताओं के लिए विस्तारित करते हैं, जबकि एक सामान्य प्लेटफ़ॉर्म आर्किटेक्चर के माध्यम से लचीलापन और स्केलेबिलिटी को बनाए रखते हैं।” उन्होंने आगे बताया, “टैक्टिकल लंबी दूरी के ड्रोन बाज़ार का विकास केवल युद्धक्षेत्र के अवलोकन तक सीमित नहीं है; नए सिस्टम मिशन निष्पादन में सीधे योगदान देने के लिए भी तैयार हो रहे हैं।”
प्रभाव और संदर्भ
ज़ोल्ट यूसीएवी और ज़ोल्ट हाइब्रिड का परिचय भारतीय रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग को और अधिक व्यापक बना सकता है। उच्च ऊँचाई पर लॉन्च होने वाले हाई‑एल्टिट्यूड वैरिएंट से पर्वतीय और कठिन भूभाग में भी ऑपरेशनों की संभावना बढ़ेगी।
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर‑कंटेस्टेड वातावरण में काम करने की क्षमता के कारण ये ड्रोन दुश्मन के जामिंग प्रयासों के बावजूद मिशन को सफल बना सकते हैं। इससे भारतीय सेना के टैक्टिकल और स्ट्रैटेजिक दोनों स्तरों पर निर्णय‑निर्धारण की गति और सटीकता में सुधार संभव है।
निष्कर्ष
आइडिया फोर्ज टेक्नोलॉजी द्वारा ज़ोल्ट परिवार के माध्यम से लंबी दूरी के ISR और यूसीएवी क्षमताओं का विस्तार, भारतीय रक्षा ड्रोन उद्योग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कदम न केवल टैक्टिकल ड्रोन के दायरे को बढ़ाता है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक जामिंग के प्रति प्रतिरोधकता और ऑन‑बोर्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से मिशन की विश्वसनीयता को भी सुदृढ़ करता है। भविष्य में, ज़ोल्ट वैरिएंट्स के हाई‑एल्टिट्यूड और अन्य उन्नत पेलोड विकल्पों के साथ, भारतीय सुरक्षा बलों को जमीनी और हवाई दोनों स्तरों पर अधिक सक्षम और लचीला ऑपरेशनल टूलकिट उपलब्ध होगा।
