भारत‑यूएई की रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा: शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ैद अल नहयान और बाहरी मामलों के मंत्री जयशंकर की मुंबई में बैठक
परिचय
भारत के बाहरी मामलों के मंत्री श्याम जयशंकर ने आज मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ैद अल नहयान से मुलाकात की। इस द्विपक्षीय संवाद का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करना, रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करना और पश्चिमी एशिया में चल रही घटनाओं पर चर्चा करना था, विशेषकर हाल के सऊदी अरब पर हुए हमलों के संदर्भ में।
मुख्य घटनाक्रम
शेख़ अब्दुल्ला की भारत यात्रा कल शाम मुंबई पहुँचने के बाद, उन्हें महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा द्वारा स्वागत किया गया। इस स्वागत समारोह में दोनों पक्षों के बीच घनिष्ठ संबंधों और भविष्य के सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया।
मुलाकात के दौरान, जयशंकर और शेख़ अब्दुल्ला ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग पर चर्चा की। दोनों ने यह भी कहा कि भारत‑यूएई की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए नई पहलें और परियोजनाएँ शुरू की जाएंगी।
इसके अलावा, पश्चिमी एशिया में उभरते सुरक्षा चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। सऊदी अरब पर हाल के हमलों के बाद क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता बढ़ी है, और दोनों नेताओं ने इस दिशा में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
महत्वपूर्ण जानकारी
- संबंधों की समीक्षा – दोनों देशों ने पिछले वर्षों में हुए उच्च स्तरीय संवादों के अनुभवों को साझा किया और भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया।
- आर्थिक सहयोग – व्यापार और निवेश के आंकड़ों पर चर्चा हुई, जिसमें यूएई के निवेशकों के लिए भारत में नई नीतिगत पहलें और निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया।
- ऊर्जा और प्रौद्योगिकी – नवीनीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और डिजिटल तकनीक के क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर सहमति बनी।
- सुरक्षा और रक्षा – क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर संवाद हुआ, विशेषकर पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के संदर्भ में।
- बहुपक्षीय सहयोग – संयुक्त राष्ट्र, G20 और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को बढ़ाने के लिए संयुक्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
संबंधित बयान
- रंधिर जयस्वाल, बाहरी मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता: “इस बैठक से भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सभी द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों की समीक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा होगी।”
- शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ैद अल नहयान: “भारत के साथ हमारा संबंध गहरा और स्थायी है। हम दोनों देशों के बीच और अधिक सहयोग के लिए तत्पर हैं, विशेषकर व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्रों में।”
- मंगलप्रभात लोढ़ा: “भारत-यूएई की साझेदारी भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हम इस संबंध को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
प्रभाव या संदर्भ
भारत‑यूएई की रणनीतिक साझेदारी ने दोनों देशों को आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ पहुँचाया है। इस बैठक के बाद, दोनों पक्षों ने संयुक्त रूप से निम्नलिखित पहलें करने का निर्णय लिया:
- नवीन ऊर्जा परियोजनाएँ: भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में यूएई निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन।
- डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर: दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए नई परियोजनाएँ।
- सुरक्षा सहयोग: साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम।
इसके अतिरिक्त, पश्चिमी एशिया में बढ़ती अस्थिरता के मद्देनज़र, भारत और यूएई ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया। यह कदम भारत को मध्य पूर्व में अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ैद अल नहयान और श्याम जयशंकर की मुंबई में हुई बैठक ने भारत‑यूएई के बीच गहरे और बहुआयामी सहयोग को और सुदृढ़ किया। व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्रों में नई पहलें और संयुक्त प्रयासों के माध्यम से दोनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि की। यह संवाद भारत के लिए मध्य पूर्व में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ाने और क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
