पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मालिगाओन में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाया, हरित परिवहन को बढ़ावा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मालिगाओन मुख्यालय में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधा स्थापित की

परिचय
गुवाहाटी के मालिगाओन क्षेत्र में स्थित पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के मुख्यालय में शुक्रवार को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए। यह कदम रेलवे के सतत् गतिशीलता को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम
मुख्यालय में नई चार्जिंग सुविधा का उद्घाटन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के सामान्य प्रबंधक चेचन कुमार श्रीवास्तव ने किया। उद्घाटन समारोह में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।

सुविधाओं का विवरण
नई स्थापित सुविधाएँ चार‑पहिया और दो‑पहिया दोनों प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त हैं।

  • चार‑पहिया चार्जर – 60 किलोवाट का डीसी फास्ट चार्जर, जिसमें दो चार्जिंग गन हैं। यह सीसीएस2 कनेक्टर से लैस है, जिससे यह विभिन्न निर्माताओं के इलेक्ट्रिक कारों के साथ संगत है। अनुमानित चार्जिंग समय 30 से 40 मिनट के बीच है।

  • दो‑पहिया चार्जर – 3.3 किलोवाट का यूनिवर्सल सॉकेट वाला चार्जर। यह इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल के लिए उपयुक्त है। वाहन के मॉडल के आधार पर चार्जिंग में लगभग 1.5 घंटे तक का समय लग सकता है।

इन दोनों प्रकार के चार्जर कर्मचारियों और आगंतुकों को सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे मुख्यालय परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

आधिकारिक बयान
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक बयान के अनुसार, नई चार्जिंग सुविधा से कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छ परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे। यह कदम रेलवे के पर्यावरण‑संगत प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता को कम करने में सहायक होगा।

प्रभाव और संदर्भ
इस पहल से मुख्यालय परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे कर्मचारियों को अपनी निजी इलेक्ट्रिक कारें या स्कूटर लेकर आने में सुविधा होगी, जिससे ट्रैफ़िक भी कम होगा। साथ ही, यह कदम अन्य रेलवे विभागों और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है, जिससे देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा मालिगाओन मुख्यालय में स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधा, सतत् परिवहन के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता का ठोस उदाहरण है। यह पहल न केवल कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए सुविधा बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में इसी तरह की सुविधाओं का विस्तार अन्य रेलवे केंद्रों में भी किया जा सकता है, जिससे भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का प्रसार तेज़ी से बढ़ेगा।

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