रमबान इंजीनियर परिवार को मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल से 58.50 लाख रुपये का मुआवजा मिला

शीर्षक
रमबान के इंजीनियर के परिवार को मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल से 58.50 लाख रुपये का मुआवजा

परिचय
सिंधु-चंद्रकोटे राजमार्ग पर 30 जुलाई 2013 को हुई एक घातक सड़क दुर्घटना में इंजीनियर सैयद जावेद नज़र मंताकी का निधन हो गया। उनकी पत्नी, दो नाबालिग बेटियाँ और माता-पिता को मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल (MACT) के निर्णय से 58.50 लाख रुपये का मुआवजा मिला। यह निर्णय ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष फैयाज़ अहमद कुरैशी द्वारा लिया गया और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को भुगतान का निर्देश दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम
– 30 जुलाई 2013 को सैयद जावेद नज़र मंताकी, 41 वर्ष के जूनियर इंजीनियर, अपनी हाइंडई सैंट्रो चलाते हुए दिग्दोल के पास एक गहरी खाई में गिर पड़े।
– दुर्घटना के बाद उनका निधन हो गया और परिवार ने मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल में दावा दायर किया।
– ट्रिब्यूनल ने 5 मई 2015 को दायर याचिका की तारीख से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 58,50,282 रुपये का मुआवजा तय किया।
– ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया; समय पर न भुगतान करने पर ब्याज 12 प्रतिशत वार्षिक बढ़ेगा।

महत्वपूर्ण जानकारी
1. दावे का आधार
– सैयद जावेद मंताकी बगलीहर हाइड्रेल प्रोजेक्ट से जुड़े थे और उनका मासिक वेतन लगभग 45,000 रुपये था।
– उन्होंने जर्मनी में विशेष प्रशिक्षण भी लिया था।
– परिवार ने उनके निधन से उत्पन्न आर्थिक संकट और भावनात्मक क्षति के लिए मुआवजा मांगा।

  1. बीमा कंपनी की आपत्ति
  2. ओरिएंटल इंश्योरेंस ने दावा किया कि दुर्घटना में चालक स्वयं बीमित था और इसलिए दावा मान्य नहीं है।
  3. उन्होंने याचिका की वैधता और दायित्व की सीमा पर सवाल उठाया।

  4. ट्रिब्यूनल का निर्णय

  5. ट्रिब्यूनल ने दुर्घटना के सबूत, पुलिस रिपोर्ट, पोस्ट-मार्टम प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा पॉलिसी और वेतन रिकॉर्ड की जाँच की।
  6. निष्कर्ष निकाला गया कि दुर्घटना में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं पाई गई और लाइसेंस व पॉलिसी वैध थीं।
  7. ट्रिब्यूनल ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के धारा 166 के तहत दावा मान्य माना, क्योंकि दुर्घटना के लिए मृतक चालक जिम्मेदार नहीं थे।

  8. मुआवजे की गणना

  9. मासिक शुद्ध वेतन 34,031 रुपये माना गया।
  10. भविष्य की संभावनाओं के लिए 30 प्रतिशत जोड़ा गया।
  11. वार्षिक आय का एक चौथाई व्यक्तिगत खर्च के रूप में घटाया गया।
  12. 14 के गुणक से निर्भरता का नुकसान 55,74,282 रुपये तय हुआ।
  13. अतिरिक्त 18,000 रुपये दफन खर्च, 18,000 रुपये संपत्ति के नुकसान और 2.40 लाख रुपये पत्नी, माता-पिता और बेटियों के लिए दिया गया।
  14. कुल मुआवजा 58,50,282 रुपये रहा।

  15. व्यक्तिगत दुर्घटना कवरेज

  16. ट्रिब्यूनल ने 2 लाख रुपये के व्यक्तिगत दुर्घटना कवरेज को कुल मुआवजे से घटाने का निर्देश दिया।

संबंधित बयान
– ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष फैयाज़ अहमद कुरैशी ने कहा, “दुर्घटना में मृतक चालक के लिए कोई दोष नहीं पाया गया, अतः परिवार को मुआवजा देने का निर्णय उचित है।”
– ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा, “हम इस निर्णय का पालन करेंगे और निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करेंगे।”

प्रभाव या संदर्भ
– यह निर्णय मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल के लिए एक मिसाल स्थापित करता है, जहाँ बीमित चालक के परिवार को भी मुआवजा दिया जा सकता है।
– दुर्घटना में चालक की जिम्मेदारी न होने पर भी परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे समाज में दुर्घटना के बाद के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति बढ़ती है।
– इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि बीमा पॉलिसी में स्पष्ट रूप से दायित्व को बाहर नहीं निकाला गया है, तो परिवार को मुआवजा मिलने का अधिकार है।

निष्कर्ष
सैयद जावेद नज़र मंताकी के परिवार को मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल के निर्णय से 58.50 लाख रुपये का मुआवजा मिला, जो उनके आर्थिक संकट को कुछ हद तक कम करेगा। यह निर्णय न केवल परिवार के लिए राहत का स्रोत है, बल्कि मोटर दुर्घटना दावे ट्रिब्यूनल के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल भी है, जो भविष्य में इसी तरह के मामलों में न्यायसंगत निर्णय लेने में सहायता करेगा।

टिप्पणी छोड़ें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top