साई विश्वविद्यालय का तीसरा स्नातक समारोह: ७२ स्नातकों को डिग्री, पदक और प्रेरणादायक संबोधन

साई विश्वविद्यालय ने तीसरी स्नातक समारोह का आयोजन किया

परिचय
चेनई के साई विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में तीसरी स्नातक समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कंप्यूटिंग और डेटा साइंस तथा कला एवं विज्ञान के स्कूल से कुल ७२ स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर पद्म भूषण नटराजन चंद्रशेखरन, टाटा सन्स के अध्यक्ष, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने स्नातकों को प्रेरणादायक संबोधन दिया।

मुख्य घटनाक्रम
स्नातक समारोह का संचालन विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं चांसलर के. वि. रामानी ने किया। इस दौरान प्रोफेसर अजीथ अब्राहम ने विश्वविद्यालय का वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की और आज के बदलते पेशेवर माहौल में आजीवन शिक्षा के महत्व पर बल दिया।

स्नातकों में से ५० कंप्यूटिंग और डेटा साइंस के स्कूल से और २२ कला एवं विज्ञान के स्कूल से थे। कार्यक्रम के दौरान तीन स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रदान किए गए।

महत्वपूर्ण जानकारी
– स्नातक संख्या: ७२
– कंप्यूटिंग और डेटा साइंस: ५०
– कला एवं विज्ञान: २२
– पुरस्कार: ३ स्वर्ण, ३ रजत, ३ कांस्य पदक
– मुख्य अतिथि: पद्म भूषण नटराजन चंद्रशेखरन
– अतिथि: डॉ के. पी. कृष्णन, प्रोफेसर संदीप संचेटी, प्रदीप उधास, एम. के. संतानरामन

संबंधित बयान
पद्म भूषण चंद्रशेखरन ने कहा, “वर्तमान आर्थिक और तकनीकी परिवेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, प्रौद्योगिकी और नियामक परिवर्तनों का गहरा प्रभाव है। स्नातकों को दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान देते हुए अल्पकालिक उपलब्धियों की दिशा में भी कार्य करना चाहिए।” उन्होंने मैराथन दौड़ के उदाहरण से प्रेरित होकर कहा, “अपने प्रगति को अपने स्वयं के प्रदर्शन से मापें और निरंतर सुधार पर ध्यान दें।”

प्रोफेसर अजीथ अब्राहम ने बताया कि विश्वविद्यालय ने २०२० से २०२५ तक के शोध कार्यों का दस्तावेज़ “पर्स्यूट: जहाँ शोध मिलता है नवाचार से” जारी किया है। उन्होंने कहा, “स्नातकों को तकनीकी कौशल के साथ मानवीय गुणों को भी विकसित करना होगा और एआई के साथ मिलकर काम करना सीखना होगा, ताकि प्रौद्योगिकी व्यापक मानवीय आवश्यकताओं के अनुरूप रहे।”

प्रभाव या संदर्भ
इस समारोह ने साई विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और शोध क्षमताओं को उजागर किया। ७२ स्नातकों को डिग्री और पदक प्रदान करके विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण को मान्यता दी। मुख्य अतिथि के प्रेरणादायक संबोधन से यह स्पष्ट हुआ कि विश्वविद्यालय छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तैयार कर रहा है।

स्नातकों के लिए यह एक नया अध्याय है, जहाँ उन्हें अपने करियर की शुरुआत करनी है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी शोध संकलन से यह भी पता चलता है कि साई विश्वविद्यालय ने पिछले पाँच वर्षों में शोध और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

निष्कर्ष
साई विश्वविद्यालय का तीसरा स्नातक समारोह एक प्रेरणादायक कार्यक्रम रहा, जिसने ७२ स्नातकों को शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। पद्म भूषण नटराजन चंद्रशेखरन के संबोधन और प्रोफेसर अजीथ अब्राहम के वार्षिक रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि विश्वविद्यालय छात्रों को तकनीकी और मानवीय कौशल दोनों के विकास के लिए प्रोत्साहित करता है। यह कार्यक्रम साई विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध क्षमताओं का प्रमाण है, और स्नातकों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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