अमेरिका ने इराक से 12‑वर्षीय मिशन समाप्त किया, इरान ने मजाकिया प्रतिक्रिया दी

शीर्षक
अमेरिका ने इराक से अंतिम सैनिक निकाले, इरान ने मज़ाक किया

परिचय
30 सितंबर 2024 को अमेरिकी सेना ने इराक से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की, जिससे 12‑वर्षीय इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान समाप्त हुआ। इराक में दो दशकों से चल रही अमेरिकी उपस्थिति का अंत हुआ, जबकि इरान ने इस कदम को व्यंग्यात्मक ढंग से उजागर किया। इस घटना ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को फिर से उजागर किया।

मुख्य घटनाक्रम
अमेरिकी सेना ने इराक से अपनी पूरी सैन्य उपस्थिति समाप्त कर दी, जिसमें 2,000 से अधिक सैनिक और कई विमान शामिल थे। एरबिल हवाई अड्डे से निकलते हुए अमेरिकी विमान और टैंकों के आखिरी दृश्य को इरान के राष्ट्रीय प्रसारण नेटवर्क (IRIB) ने लाइव प्रसारित किया। IRIB ने इन दृश्यों को “अमेरिकी सैनिकों का अंतिम प्रस्थान” के रूप में प्रस्तुत किया, साथ ही इराक में अमेरिकी सेना की भूमिका पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।

इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी सेना ने इराक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन 2023 में इराकी सरकार ने अपने स्वयं के सुरक्षा बलों को मजबूत करते हुए विदेशी सैनिकों की आवश्यकता को कम कर दिया। इसके बाद अमेरिकी सरकार ने 2024 में पूरी तरह से सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया। इस कदम के साथ, अमेरिका ने इराक में अपनी 12‑वर्षीय सैन्य मिशन को समाप्त किया और इराक को अपनी सुरक्षा चुनौतियों का सामना स्वयं करने के लिए छोड़ दिया।

महत्वपूर्ण जानकारी
– तारीख: 30 सितंबर 2024
– स्थान: एरबिल हवाई अड्डा, इराक
– सैनिकों की संख्या: लगभग 2,000 अमेरिकी सैनिक
– विमान: F-16, AH‑64 Apache आदि
– मिशन: इस्लामिक स्टेट के खिलाफ 12 वर्ष
– इरान की प्रतिक्रिया: IRIB ने मज़ाकिया टिप्पणियाँ और वीडियो प्रसारित किए

संबंधित बयान
अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “हमने इराक में अपनी सभी सैन्य उपस्थिति समाप्त कर दी है और इराकी बलों को अपनी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए छोड़ दिया है।”
वहीं, इरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इराक में अमेरिकी सैनिकों के प्रस्थान को “एक मज़ाक” कहा और इराक में इरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की।

प्रभाव या संदर्भ
इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी सैनिकों की भूमिका समाप्त होने से इराक की सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ सकता है। इराकी सरकार ने पहले ही अपनी सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की बात कही है, परंतु इराक में अभी भी कई मिलिशिया समूह सक्रिय हैं।

वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इराक में इरान समर्थित मिलिशिया और अमेरिकी बलों के बीच पिछले वर्षों में कई टकराव हुए हैं। अमेरिकी सेना के प्रस्थान के बाद, इराक में इरान समर्थित मिलिशिया की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।

इसके अलावा, इराक के भीतर राजनीतिक विभाजन और सुरक्षा चुनौतियाँ अमेरिकी सेना के प्रस्थान के बाद और बढ़ सकती हैं। इराकी सेना को अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आतंकवादी समूहों से निपटने के लिए अधिक संसाधन और प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी।

निष्कर्ष
अमेरिकी सेना का इराक से अंतिम प्रस्थान एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो इराक की सुरक्षा और क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। इरान की व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया ने इस घटना को और भी रोचक बना दिया है। भविष्य में इराक की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय संतुलन पर इस कदम के दीर्घकालिक प्रभावों को देखना आवश्यक होगा।

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