Indore Ragging Complaint: MTH Hospital Begins Action, Senior Doctors Served Show-Cause Notices

इंदौर में रैगिंग के आरोप पर एमटीएच अस्पताल ने कार्रवाई शुरू की

परिचय
मध्यप्रदेश के इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमटीएच अस्पताल के प्रशासन ने पीजी छात्र डॉ. सिम्मी यादव के खिलाफ रैगिंग और कार्यभार से जुड़ी शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई की घोषणा की है। इस कदम के तहत वरिष्ठ डॉक्टरों को शॉ-कोज़ नोटिस जारी किए गए हैं और अस्पताल की नीतियों एवं समितियों को सक्रिय किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम
शिकायत के अनुसार, डॉ. सिम्मी यादव को इंसुलिन ओवरडोज़ के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान उन्हें रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ा। शिकायत नियोक्ता नियामक परिषद (एनएमसी) में दर्ज की गई थी। इसके जवाब में एमटीएच अस्पताल ने विभाग प्रमुख डॉ. नीलेश दलाल और अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों को शॉ-कोज़ नोटिस जारी किया, जिसमें उन्हें अपनी भूमिका और कार्यप्रणाली पर स्पष्टिकरण देने का निर्देश दिया गया।

महत्वपूर्ण जानकारी
1. शून्य सहिष्णुता नीति – डीन डॉ. अरविंद घंग्होरा ने अस्पताल की रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति की पुष्टि की और कहा कि वरिष्ठों द्वारा जूनियर्स के प्रति किसी भी प्रकार का दुराचार गंभीरता से लिया जाएगा।
2. समिति गठन – रैगिंग पर एक विशेष समिति के साथ-साथ दो अन्य समितियाँ गठित की गईं, जिनका कार्य शिकायत की जाँच और साक्ष्य एकत्रित करना है।
3. विभागीय नेतृत्व में बदलाव – विभाग के यूनिट प्रमुख को रोटेशन के आधार पर बदला गया है, और एक अन्य प्रोफेसर को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
4. निगरानी और रिपोर्टिंग – पीएसएम विभाग के दो वरिष्ठ प्रोफेसर, डॉ. सालील सकल और डॉ. बेना, को अवलोकनकर्ता नियुक्त किया गया है। वे विभाग की निगरानी करेंगे, छात्रों के साथ प्रतिदिन संवाद करेंगे और किसी भी चिंता को सीधे डीन तक रिपोर्ट करेंगे।
5. कार्यभार प्रबंधन – डॉ. घंग्होरा ने निर्देश दिया है कि पीजी डॉक्टरों को 12 घंटे से अधिक की ड्यूटी नहीं दी जानी चाहिए, और सामान्य परिस्थितियों में आठ घंटे का रोटेशन लागू किया जाए।

संबंधित बयान
डॉ. सिम्मी यादव के परिवार ने अस्पताल से स्पष्ट जवाब की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को अस्पताल में भर्ती होने के दौरान रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। अस्पताल के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस मामले की गंभीरता को समझते हैं और जांच के बाद उचित कदम उठाएंगे।

प्रभाव या संदर्भ
रैगिंग और कार्यभार से जुड़ी समस्याएँ चिकित्सा शिक्षा में एक गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि अस्पतालों को न केवल शैक्षणिक बल्कि कार्यस्थल के माहौल पर भी कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। एमटीएच अस्पताल द्वारा उठाए गए कदम यह दर्शाते हैं कि शैक्षणिक संस्थानों को रैगिंग के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनानी चाहिए और वरिष्ठों के दुराचार पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

निष्कर्ष
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और एमटीएच अस्पताल ने डॉ. सिम्मी यादव के खिलाफ रैगिंग के आरोपों पर तत्काल कार्रवाई की है। शून्य सहिष्णुता नीति, समिति गठन, नेतृत्व में बदलाव और कार्यभार प्रबंधन के उपायों के माध्यम से अस्पताल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रैगिंग और दुराचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे की जांच के परिणामों के आधार पर और भी कदम उठाए जाने की उम्मीद है। यह घटना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक चेतावनी के रूप में कार्य करती है कि सभी संस्थानों को अपने कार्यस्थल को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना अनिवार्य है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top