जम्मू में तीन दुर्घटनाओं में 2 मौतें, 11 घायल
परिचय
जम्मू के राजौरी, रामबन और डोडा जिलों में मंगलवार को तीन अलग‑अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की मृत्यु और 11 घायल हुए। इन घटनाओं में 12‑वर्षीय लड़की की मृत्यु, एक ट्रक ड्राइवर का निधन और डोडा में एक वाहन के उलटने से कई लोगों के घायल होने की रिपोर्टें शामिल हैं।
राजौरी में 12‑वर्षीय लड़की की मृत्यु
राजौरी जिले के इस्लामपुर गांव के पास एक कार दुर्घटना में 12‑वर्षीय अफ़िया क़ौसर की मृत्यु हो गई। अफ़िया के पिता, अब्दुल फ़रीद और दादा, मखन, बँहगाई गांव से राजधनी की ओर जा रहे थे। वाहन सड़क से फिसल कर एक खेत में उलट गया। दुर्घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं ने घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाया, जबकि अफ़िया का शरीर शवगृह में ले जाकर कानूनी औपचारिकताएँ पूरी की गईं।
रामबन में ट्रक ड्राइवर का निधन
रामबन जिले के नाचलाना के पास स्थित जम्मू‑श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक एप्पल‑लोडेड ट्रक गहरी खाई में गिर गया। ट्रक का पंजीकरण संख्या RJ19GF/2267 थी और यह शिमला से गुजरात की ओर जा रहा था। ड्राइवर, राजस्थान के बारमेर निवासी सादिक खान, दुर्घटना में मृत पाए गए। चालक के साथ एक सहायक, मोहम्मद सिकंदर, भी घायल हुए और उन्हें बानीहल के उप‑जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में सादिक खान की मृत्यु की पुष्टि हुई।
डोडा में वाहन उलटने से कई घायल
डोडा जिले के भाला क्षेत्र के शेनाई के पास एक वाहन उलट गया, जिससे कम से कम चार लोगों को चोट लगी। घायल व्यक्तियों में 35‑वर्षीय अशिक हुसैन, 48‑वर्षीय मोहम्मद जावेद, उनकी पत्नी रूबीना बेगम (46) और इंशा (35) शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
संबंधित बयान एवं जांच
जम्मू पुलिस ने इन तीनों दुर्घटनाओं की जांच के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाओं के कारणों की जाँच चल रही है और दुर्घटना स्थल पर साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।
प्रभाव और संदर्भ
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि जम्मू के पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा का प्रश्न अत्यंत गंभीर है। राजौरी के ग्रामीण क्षेत्र में सड़क की स्थिति और वाहन की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। रामबन में गहरी खाई के पास ट्रक चलाने के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन न करने से ऐसी दुर्घटनाएँ संभव हैं। डोडा में भी वाहन के उलटने के कारण सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेतों और सुरक्षित मार्गों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
निष्कर्ष
तीन अलग‑अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की मृत्यु और 11 घायल होने से जम्मू के सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर पुनः विचार करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है। अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की पूरी जाँच कर उपयुक्त सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकें।
