कैलिफ़ोर्निया में मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग का नया शेयर सौदा
परिचय
मेटा के प्रमुख मार्क ज़करबर्ग ने कैलिफ़ोर्निया में कम से कम आठ वर्ष और रहने का वचन दिया है, इसके बदले उन्हें कंपनी के नए शेयर मिलेंगे। यह कदम कैलिफ़ोर्निया के मतदाताओं द्वारा नवंबर में संभावित रूप से स्वीकृत होने वाली धनी वर्ग पर लगाई जाने वाली अस्थायी संपत्ति कर से बचने के लिये उठाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मेटा ने बुधवार को अपनी तिमाही आय रिपोर्ट के साथ एक सिक्योरिटीज़ फ़ाइलिंग में यह घोषणा की। फ़ाइलिंग में कहा गया कि कंपनी एक नई गैर‑मतदान शेयर श्रेणी पेश करेगी और सभी मौजूदा शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर शेयर के लिये एक बार का बोनस देगा।
मार्क ज़करबर्ग के पास 2025 के अंत तक 342 मिलियन से अधिक मेटा शेयर थे, जिनमें से अधिकांश “सुपर‑वोटिंग” शेयर हैं, जिससे उन्हें कंपनी पर 60 % से अधिक नियंत्रण मिलता है। फ़ाइलिंग में यह भी बताया गया कि यदि ज़करबर्ग को कर के कारण अपने शेयरों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बेचना पड़े तो उनका मतदान अधिकार 53 % या उससे कम तक घट सकता है।
इस सौदे के तहत, ज़करबर्ग को अपनी मतदान शक्ति को सुरक्षित रखने के लिये शेयर बेचने की सुविधा मिलेगी, यदि कैलिफ़ोर्निया के मतदाता प्रोपोज़ल 40 को मंजूरी देते हैं। प्रोपोज़ल 40 के अंतर्गत धनी वर्ग पर एक बार का पाँच प्रतिशत कर लगाया जाएगा, जिसके 90 % राजस्व स्वास्थ्य‑सेवा सेवाओं के लिये earmarked होंगे।
महत्वपूर्ण जानकारी
कैलिफ़ोर्निया में 39 मिलियन से अधिक निवासी हैं, जिनमें से कुछ सौ लोगों की शुद्ध संपत्ति 1 बिलियन डॉलर या उससे अधिक है। प्रोपोज़ल 40 के तहत, यदि ज़करबर्ग के पास मेटा में 342 मिलियन शेयर हैं, तो उन्हें लगभग 8 बिलियन डॉलर का कर भुगतान करना पड़ सकता है।
कई धनी व्यक्तियों ने पहले ही इस कर से बचने के लिये कैलिफ़ोर्निया छोड़ दिया है। गूगल के सह‑संस्थापक सर्जी ब्रिन और लैरी पेज, तथा पेपाल और पेलांटिर के सह‑संस्थापक पीटर थील ने पहले ही स्थान बदल लिया है।
इसके विपरीत, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग ने इस कर के प्रति अपनी उदासीनता जाहिर की। उन्होंने सीबीएस न्यूज़ को बताया, “मैं कर चुकाने से नहीं डरता; जितना कमाऊँगा, उतना अधिक कर दूँगा, इसलिए मैं ठीक हूँ।”
संबंधित बयान
मेटा के फ़ाइलिंग में यह भी उल्लेख किया गया कि नया शेयर सौदा ज़करबर्ग को “शेयर बेचने” का अधिकार देता है, जबकि उनकी मतदान शक्ति में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आती। यह व्यवस्था प्रोपोज़ल 40 के लागू होने पर “बहुत बड़े, बहु‑बिलियन डॉलर के कर भुगतान” से बचने के लिये तैयार की गई है।
प्रभाव या संदर्भ
इस सौदे का प्रभाव कैलिफ़ोर्निया के धनी वर्ग पर कर नीति के प्रति दृष्टिकोण पर पड़ेगा। यदि प्रोपोज़ल 40 को मंजूरी मिलती है, तो यह न केवल ज़करबर्ग बल्कि अन्य धनी व्यक्तियों के लिए भी कर भार बढ़ा सकता है।
कैलिफ़ोर्निया के राजनेताओं और कर विशेषज्ञों ने इस कदम को धनी वर्ग के लिए “कर‑बचाव” के रूप में देखा है। वहीं, कर विरोधियों का कहना है कि इस तरह के सौदों से कर राजस्व में कटौती हो सकती है।
निष्कर्ष
मार्क ज़करबर्ग का कैलिफ़ोर्निया में रहने और नए शेयर प्राप्त करने का निर्णय, प्रोपोज़ल 40 के संभावित प्रभाव से बचने के लिये एक रणनीतिक कदम है। यह सौदा ज़करबर्ग को अपनी मतदान शक्ति बनाए रखने के साथ-साथ कर भार से भी कुछ हद तक राहत देगा। यदि प्रोपोज़ल 40 को मतदाताओं द्वारा अनुमोदित किया जाता है, तो यह न केवल ज़करबर्ग बल्कि कैलिफ़ोर्निया के अन्य धनी व्यक्तियों के लिए भी कर नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हो सकता है।
