रायशन शॉप लाइसेंस शुल्क बढ़ा पाँच गुना, कागजी पंजीकरण बंद
परिचय
नागपुर के खाद्य, नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आज दो महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ राइसिंग शॉप्स के लाइसेंसिंग ढाँचे में बड़े बदलाव किए हैं। पहला, लाइसेंस शुल्क और सुरक्षा जमा को एकसमान कर पाँच गुना बढ़ाया गया है। दूसरा, 1976 से चल रही कागजी पंजीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। दोनों आदेश शुक्रवार को जारी किए गये।
मुख्य घटनाक्रम
1. लाइसेंस शुल्क में वृद्धि
– प्रारम्भिक लाइसेंस शुल्क ₹100 से बढ़कर ₹500 किया गया।
– वार्षिक नवीनीकरण शुल्क ₹20 से बढ़कर ₹100 किया गया।
– लाइसेंस के लिए आवेदन शुल्क ₹5 से बढ़कर ₹50 किया गया।
– डुप्लिकेट लाइसेंस पत्र का शुल्क ₹50 से बढ़कर ₹500 किया गया।
– देर से नवीनीकरण पर प्रति दिन जुर्माना ₹1 से बढ़कर ₹50 किया गया।
- सुरक्षा जमा का एकीकरण
- मुंबई‑थाने, अन्य नगर निगम क्षेत्रों और अन्य शहरी क्षेत्रों में अब सभी लाइसेंसधारियों को ₹5,000 का एकसमान जमा देना होगा।
- पहले मुंबई‑थाने में ₹5,000, अन्य नगर निगम क्षेत्रों में ₹3,000 और अन्य शहरी क्षेत्रों में ₹2,000 जमा लिया जाता था।
- ग्रामीण दुकानों के लिए जमा ₹1,000 से बढ़कर ₹2,000 किया गया।
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स्वयं‑सहायता समूहों द्वारा संचालित राइसिंग शॉप्स और रिटेल केरोसिन लाइसेंस के लिए जमा ₹2,500 से बढ़कर ₹5,000 किया गया।
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कागजी पंजीकरण का समाप्ति
- 24 अगस्त 1976 के परिपत्र को रद्द कर दिया गया, जिसमें फेयर प्राइस शॉप्स को विभिन्न पंजीकरण रखने और उन्हें निर्दिष्ट अवधि तक सुरक्षित रखने का निर्देश था।
- विभाग ने बताया कि आजकल राइसिंग शॉप्स में सभी कार्य e‑POS मशीनों और ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से हो रहे हैं, अतः अलग‑अलग पंजीकरण की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
महत्वपूर्ण जानकारी
– नई शुल्क संरचना राइसिंग शॉप्स के RCMS पोर्टल पर सेवा लाइव होने की तारीख से प्रभावी होगी।
– वर्तमान में, पुराने ऑफ़लाइन प्रक्रिया के तहत पुराने दरों पर ही शुल्क वसूला जाएगा।
– जिन दुकानदारों ने पहले ही जमा राशि चुकाई है, उन्हें पुनः नई राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
– यह बदलाव केंद्र सरकार के “ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस” सुधारों के तहत राइसिंग शॉप्स और संबंधित सेवाओं को ऑनलाइन लाने के उद्देश्य से किया गया है।
संबंधित बयान
खाद्य विभाग के अधिकारी ने कहा, “राज्य सरकार ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म अपनाया है। इससे प्रशासनिक लागत में कमी आएगी और व्यापारियों को भी सुविधा होगी।”
प्रभाव या संदर्भ
– व्यापारियों पर प्रभाव: पाँच गुना बढ़े हुए लाइसेंस शुल्क और जमा के कारण छोटे व्यापारियों पर आर्थिक भार बढ़ सकता है।
– प्रशासनिक दक्षता: एकसमान जमा और ऑनलाइन पंजीकरण से प्रशासनिक जटिलता घटेगी और निरीक्षण प्रक्रियाएँ तेज़ होंगी।
– कागजी काम में कटौती: कागजी पंजीकरण के समाप्त होने से दस्तावेज़ प्रबंधन में समय और लागत दोनों की बचत होगी।
– समीक्षा: पिछले जून 2021 के GR में ऑनलाइन प्रक्रिया की प्रशासनिक लागत को ध्यान में रखकर शुल्क संशोधित किया गया था। अब यह संशोधन 1997, 2002 और 2007 के GRs पर आधारित है।
निष्कर्ष
नागपुर के खाद्य विभाग ने राइसिंग शॉप्स के लाइसेंसिंग ढाँचे में बड़े बदलाव कर शुल्क बढ़ा कर और कागजी पंजीकरण समाप्त कर प्रशासन को अधिक सुव्यवस्थित बनाया है। जबकि यह कदम व्यापारियों के लिए कुछ अतिरिक्त लागत लेकर आता है, यह ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। नई शुल्क संरचना के लागू होने के बाद व्यापारियों को अपने लाइसेंस और जमा के संबंध में नवीनतम निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
