सर्विस पीजी डॉक्टरों को खुली परामर्श में भाग लेने का अधिकार मिला

सर्विस पीजी डॉक्टरों को खुली परामर्श में भाग लेने का अधिकार, स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार

परिचय
नई दिल्ली: स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने शनिवार को बताया कि 2023‑2026 बैच के सर्विस पीजी डॉक्टर, जो अक्टूबर में अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और जिन्हें अस्थायी नियुक्तियाँ दी गई हैं, वे खुली परामर्श में भाग लेने के पात्र हैं। यह स्पष्टिकरण तब आया जब डॉक्टरों ने अस्थायी नियुक्तियों के कारण उत्पन्न कठिनाइयों की शिकायत की और पूर्ववर्षों की तरह सही परामर्श के बिना नियुक्ति मिलने पर सवाल उठाया।

मुख्य घटनाक्रम
मंत्री अरुणराज ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अस्थायी नियुक्तियाँ एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत की गई थीं ताकि डॉक्टरों को समय पर वेतन मिल सके। जी.ओ. 131 के अनुसार, सभी अस्थायी पदों की सूचना अगली परामर्श के दौरान दी जाएगी। सामान्य परामर्श जल्द ही सिविल मेडिकल लिस्ट और वर्षानुक्रम के आधार पर आयोजित किया जाएगा।

अस्थायी नियुक्तियों वाले डॉक्टर बिना किसी बाधा के परामर्श में भाग ले सकते हैं और उन्हें योग्यता व वर्षानुक्रम के आधार पर पद सौंपे जाएंगे, उन्होंने जोड़ा।

इन अस्थायी नियुक्तियों का निर्णय डॉक्टरों द्वारा अपने आवेदनों में दर्शाई गई शीर्ष तीन पसंदों को ध्यान में रखकर किया गया था। यदि पसंदीदा स्थान पर रिक्ति उपलब्ध नहीं थी, तो निकटवर्ती स्थानों पर नियुक्ति दी गई, जिसमें परिवारिक परिस्थितियों और लंबी दूरी तय करने की कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा गया।

इस व्यवस्था से वेतन भुगतान समय पर सुनिश्चित होता है। सरकार 30 दिनों के भीतर अंतिम वेतन प्रमाणपत्र और सेवा पंजीकरण हस्तांतरित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी और नए कार्यस्थल पर पहले महीने में वेतन बिना किसी अवरोध के भुगतान किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि कोविड‑19 ने शैक्षणिक और परामर्श कार्यक्रमों को बाधित किया। अक्टूबर 2025 में पीजी अध्ययन पूरा करने वाले डॉक्टरों के लिए परामर्श दिसंबर में आयोजित हुआ, जिससे वेतन भुगतान में समस्याएँ और प्रशासनिक देरी हुई।

महत्वपूर्ण जानकारी
– अस्थायी नियुक्तियाँ केवल वेतन सुनिश्चित करने के लिए हैं, न कि स्थायी पदों के लिए।
– जी.ओ. 131 के तहत, सभी अस्थायी पदों की सूचना अगली परामर्श में दी जाएगी।
– परामर्श सिविल मेडिकल लिस्ट और वर्षानुक्रम के आधार पर होगा।
– अस्थायी नियुक्तियों वाले डॉक्टर परामर्श में भाग लेने के योग्य हैं।
– नियुक्ति निर्णय डॉक्टरों की शीर्ष तीन पसंदों और परिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया।

संबंधित बयान
स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने स्पष्ट किया कि अस्थायी नियुक्तियाँ केवल एक अस्थायी उपाय हैं और डॉक्टरों को उनके योग्य पदों के लिए परामर्श में भाग लेने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार वेतन भुगतान में किसी भी अवरोध को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

प्रभाव और संदर्भ
इस निर्णय से सर्विस पीजी डॉक्टरों को अपनी पसंद के स्थान पर स्थायी नियुक्ति मिलने की आशा है। अस्थायी नियुक्तियों के बावजूद, डॉक्टरों को परामर्श में भाग लेने का अधिकार मिलने से मनोबल बढ़ेगा। सरकार द्वारा वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने से प्रशासनिक देरी कम होगी और डॉक्टरों के लिए कार्यस्थल पर स्थिरता बनी रहेगी।

निष्कर्ष
स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज के इस निर्णय से सर्विस पीजी डॉक्टरों को खुली परामर्श में भाग लेने का अधिकार मिला है। अस्थायी नियुक्तियाँ केवल वेतन सुनिश्चित करने के लिए हैं और डॉक्टरों को उनके योग्य पदों के लिए परामर्श में भाग लेने का अवसर मिलेगा। सरकार द्वारा वेतन भुगतान और पंजीकरण हस्तांतरण के लिए दिशा-निर्देश जारी करने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है, जिससे डॉक्टरों के लिए कार्यस्थल पर स्थिरता और संतुष्टि बढ़ेगी।

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