सिरिनगर पुलिस ने नशे के पदार्थों के व्यापार से जुड़ी 7.11 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ जप्त की

मुख्य शीर्षक
सिरिनगर पुलिस ने नशे के पदार्थों के व्यापार एवं आतंकवादी नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियाँ जप्त कर 7.11 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया

परिचय
सिरिनगर, 26 सितंबर – जम्मू और कश्मीर के सिरिनगर जिले की पुलिस ने नशे के पदार्थों के व्यापार और आतंकवादी वित्तीय नेटवर्क पर एक व्यापक कार्रवाई के तहत चार अचल संपत्तियों को जप्त कर 7.11 करोड़ रुपये की कुल राशि को फ्रीज कर दिया। यह कदम नशे के पदार्थों के नियंत्रण अधिनियम और अवैध गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम
1. ज़ाकुरा पुलिस स्टेशन – ओवैस अहमद रैटर के नाम पर बिल्लाल कॉलोनी, ज़ाकुरा में स्थित एक आवासीय घर और जमीन (लगभग 2.5 करोड़ रुपये) को जप्त किया गया। यह कार्रवाई FIR संख्या 34/2026 के तहत नशे के पदार्थों के नियंत्रण अधिनियम की धारा 8/22 और 29 के अंतर्गत की गई। जप्ती के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह संपत्ति नशे के पदार्थों के व्यापार से प्राप्त अवैध धन से खरीदी गई थी।

  1. नवगाम पुलिस स्टेशन – शीराज़ अहमद शेख के नाम पर वागोरा, बक पोरा में स्थित दो-मंजिला भवन, दो दुकानों और 18 मार्ला जमीन पर फैले चावल मिल को लगभग 2.85 करोड़ रुपये के मूल्य पर जप्त किया गया। यह FIR संख्या 121/2023 के तहत नशे के पदार्थों के नियंत्रण अधिनियम की धारा 8/15 के अंतर्गत किया गया।

  2. अहमदनगर पुलिस स्टेशन – ज़हूर अहमद मीर के नाम पर दानीहामा, हज़रतबल में स्थित एक आवासीय संपत्ति (लगभग 1.3 करोड़ रुपये) को जप्त किया गया। यह संपत्ति एक-मंजिला घर और छह मार्ला जमीन से मिलकर बनी है। जप्ती FIR संख्या 20/2026 के तहत हथियार अधिनियम और अवैध गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की कई धाराओं के आधार पर की गई।

  3. शाल्टेंग पुलिस स्टेशन – अमीर अहमद मीर के नाम पर चेक मुइगुंड में स्थित एक आवासीय घर और सात मार्ला जमीन (लगभग 46 लाख रुपये) को फ्रीज किया गया। जांच से पता चला कि यह संपत्ति नशे के पदार्थों के व्यापार से प्राप्त धन से खरीदी गई थी।

महत्वपूर्ण जानकारी
– जप्त की गई सभी संपत्तियाँ नशे के पदार्थों के व्यापार से प्राप्त अवैध आय से खरीदी गई मानी गई हैं।
– जप्ती के दौरान नशे के पदार्थों के नियंत्रण अधिनियम की धारा 68-F(1) के तहत संपत्ति को बिक्री, पट्टा, हस्तांतरण, परिवर्तन या किसी तीसरे पक्ष के हित की रचना से रोका गया।
– अवैध गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की धारा 25 के तहत भी जप्ती की गई संपत्ति पर प्रतिबंध लगाया गया।
– सभी जप्ती के निर्णय सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद लिए गए।

संबंधित बयान
सिरिनगर पुलिस के प्रमुख ने कहा, “हमारा उद्देश्य नशे के पदार्थों के व्यापार और आतंकवादी नेटवर्क की वित्तीय आधारभूत संरचना को नष्ट करना है। हम लगातार उन संपत्तियों को पहचानने, ट्रेस करने और जप्त करने के लिए काम कर रहे हैं जो अपराधी आय से प्राप्त हुई हैं।”

प्रभाव या संदर्भ
इन जप्तियों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नशे के पदार्थों के व्यापार और आतंकवादी नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों पर कड़ी पकड़ बना रही है। यह कदम न केवल अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करता है, बल्कि समाज में नशे के पदार्थों के प्रसार को रोकने में भी मदद करता है।

निष्कर्ष
सिरिनगर पुलिस द्वारा 7.11 करोड़ रुपये की कुल संपत्तियों को जप्त कर फ्रीज करने की यह कार्रवाई नशे के पदार्थों के व्यापार और आतंकवादी नेटवर्क की वित्तीय व्यवस्था को तोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि वे अपराधी आय से प्राप्त संपत्तियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखेंगे, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनी रहेगी।

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