Telangana SIR: Over 5.25 lakh electors marked for inclusion without hearings

शीर्षक
रंगारेड्डी में सर्वाधिक, 5.25 लाख मतदाता बिना सुनवाई के अंतिम मतदाता सूची में शामिल

परिचय
हैदराबाद – विशेष तीव्र संशोधन (विशेष तीव्र संशोधन) के दौरान, तेलंगाना में 5.25 लाख से अधिक मतदाताओं को बिना सुनवाई के अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है। यह आंकड़ा राज्य के चुनावी अधिकारियों के नवीनतम डेटा से सामने आया है। रंगारेड्डी जिले में सबसे अधिक संख्या पाई गई, जिसके बाद मेदचाल‑मलकजगिरी का स्थान रहा।

मुख्य घटनाक्रम
विशेष तीव्र संशोधन के अंतर्गत, तेलंगाना के चुनावी अधिकारी ने 92,88,188 मतदाताओं को सूचनाएँ भेजी थीं, जिनमें से 92,65,731 सूचनाएँ रविवार तक वितरित हो चुकी थीं। इन सूचनाओं के आधार पर, 89,75,562 मतदाताओं के लिए सुनवाई पूरी हुई, जिनमें से 84,03,355 को अंतिम सूची में शामिल किया गया।

रंगारेड्डी जिले में 1,17,122 मतदाताओं को बिना सुनवाई के अंतिम सूची में जोड़ने का निर्णय लिया गया, जबकि मेदचाल‑मलकजगिरी में 1,13,601 मतदाता इसी तरह शामिल हुए।

कुल मिलाकर 2,50,85,204 मतदाताओं को अंतिम सूची में जोड़ने के लिए चिह्नित किया गया, जबकि 30,000 से अधिक मतदाताओं को अयोग्य पाया गया।

महत्वपूर्ण जानकारी
– पिछला आँकड़ा: विशेष तीव्र संशोधन से पहले, तेलंगाना में 3,38,26,448 मतदाता पंजीकृत थे।
– प्रस्तुत फॉर्म: 2,64,87,213 मतदाताओं ने नामांकन फॉर्म जमा किया, जबकि 73,39,235 को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) के रूप में वर्गीकृत किया गया।
– सुनवाई की स्थिति: 3,02,925 मतदाताओं की सुनवाई की तिथियाँ समाप्त हो चुकी थीं, जबकि 9,699 मतदाताओं ने पुनर्निर्धारित सुनवाई में भाग नहीं लिया।
– सत्यापन कार्य: जिला चुनाव अधिकारी (DEO) ने 34,66,765 आवेदन सत्यापित किये, जबकि 16,534 आवेदन लंबित रहे। इनमें से 4,030 आवेदन पाँच दिन से अधिक समय से लंबित थे।

संबंधित बयान
चुनाव आयोग के प्रमुख ने कहा, “हमने सभी मतदाताओं के लिए सुनवाई की व्यवस्था समय पर पूरी कर ली है और अब केवल सूचनाओं के वितरण तथा आपत्तियों के निपटान का कार्य शेष है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।”

प्रभाव और संदर्भ
इस व्यापक संशोधन के माध्यम से, तेलंगाना के मतदाता रजिस्टर को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया गया है। 90 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को सुनवाई के बिना ही अंतिम सूची में जोड़ने का निर्णय, यह दर्शाता है कि अधिकांश मामलों में नामांकन फॉर्म और 2002 के विशेष तीव्र संशोधन सूची के बीच स्पष्ट मेल पाया गया।

सुनवाई के बिना शामिल होने के बावजूद, सभी मतदाताओं की पहचान और आयु विवरण की जाँच की गई, जिससे गलतियों की संभावना कम हुई। यह कदम आगामी चुनावों में मतदाता धोखाधड़ी को रोकने में सहायक होगा।

निष्कर्ष
तेलंगाना में विशेष तीव्र संशोधन के दौरान 5.25 लाख से अधिक मतदाताओं को बिना सुनवाई के अंतिम मतदाता सूची में जोड़ने का निर्णय, राज्य के चुनावी प्रक्रियाओं में दक्षता और पारदर्शिता को दर्शाता है। 9 नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची से आने वाले चुनावों में मतदाता पंजीकरण की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी और मतदाता विश्वास को सुदृढ़ किया जाएगा।

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