Trump says China arms sale not discussed with Xi

शीर्षक
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “चीन को हथियार बिक्री पर चर्चा नहीं हुई”

परिचय
श्वेत भवन में एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि राष्ट्रपति ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से किसी भी अमेरिकी सैन्य उपकरण की बिक्री पर चर्चा नहीं की है। यह बयान तब आया जब रिपोर्टर ने ट्रम्प के चीन दूतावास के दूत डेविड पर्डी द्वारा फॉक्स न्यूज़ पर कही गई टिप्पणियों का हवाला दिया।

मुख्य घटनाक्रम
– रिपोर्टर ने पूछा कि क्या ट्रम्प ने शी को चीन को हथियार बेचने का सुझाव दिया।
– ट्रम्प ने जवाब दिया, “चीन?” और फिर स्पष्ट किया, “आपका मतलब ताइवान से है?”
– रिपोर्टर ने पुष्टि की कि पर्डी ने चीन का उल्लेख किया था, जिस पर ट्रम्प ने कहा, “मुझे उस बात का पता नहीं है, मुझे उसे पूछना होगा।”
– ट्रम्प ने संक्षेप में विचार किया कि चीन को खरीदने में रुचि हो सकती है, परंतु स्पष्ट किया कि इस विषय पर चर्चा नहीं हुई।
– उन्होंने यह भी जोड़ा कि पर्डी शायद ताइवान के बारे में बात कर रहे थे।
– अंततः ट्रम्प ने यह घोषित किया कि चीन या ताइवान के साथ किसी हथियार बिक्री का प्रस्ताव नहीं दिया गया और न ही चर्चा हुई।

महत्वपूर्ण जानकारी
1. दूतावास के दूत की टिप्पणियाँ – पर्डी ने फॉक्स न्यूज़ पर “चीन” शब्द का प्रयोग किया, जिससे भ्रम पैदा हुआ।
2. ट्रम्प का स्पष्ट उत्तर – राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि “चीन” के बजाय “ताइवान” के संदर्भ में बात हुई, परंतु किसी भी हथियार बिक्री पर चर्चा नहीं हुई।
3. साक्षात्कार का संदर्भ – यह संवाद उसी दिन हुआ जब ट्रम्प ने शी के साथ अपने “उत्कृष्ट” बैठक का वर्णन किया, जिसे उन्होंने 0 से 10 के पैमाने पर “12” अंक दिया।

संबंधित बयान
– ट्रम्प ने श्वेत भवन में एक अलग प्रश्न के दौरान कहा कि अमेरिका को अपने रक्षा के लिए आवश्यक सामग्रियों का उत्पादन स्वयं करना चाहिए, विशेषकर विमान और टैंकों के लिए स्टील।
– उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या वाशिंगटन चीन पर टैंकों के लिए स्टील की आपूर्ति पर निर्भर रह सकता है।
– इसके बाद उन्होंने शी के साथ अपनी बैठक के प्रति अपनी सकारात्मक दृष्टि दोहराई, परंतु हथियार बिक्री के विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की।

प्रभाव या संदर्भ
यह बयान अमेरिकी और चीनी सैन्य संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। ट्रम्प का स्पष्ट इशारा कि हथियार बिक्री पर चर्चा नहीं हुई, दोनों देशों के बीच संभावित सैन्य तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही, यह स्पष्ट करता है कि अमेरिका अभी भी अपनी रक्षा क्षमताओं को स्वदेशी उत्पादन पर निर्भर रखने के लिए प्रयासरत है।

निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रम्प ने श्वेत भवन में अपने बयान से यह स्पष्ट किया कि शी जिनपिंग के साथ किसी भी अमेरिकी सैन्य उपकरण की बिक्री पर चर्चा नहीं हुई। यह स्पष्टता चीन के साथ अमेरिकी सैन्य संबंधों में एक सकारात्मक संकेत है, जबकि अमेरिका अपनी रक्षा उद्योग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top