विजयी यात्रा: तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का विस्तार
परिचय
अक्टूबर 2 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा शुरू की गई ‘विजयी यात्रा’ योजना ने अब तक 5.9 करोड़ यात्रियों को मुफ्त बस यात्रा का लाभ पहुँचाया है। 7 अक्टूबर को एक ही दिन में 88 लाख महिलाओं ने इस योजना का उपयोग किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पहल समाज में व्यापक रूप से स्वीकार्य हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम
– योजना के आरम्भ के बाद से 12,692 बसों के विस्तारित नेटवर्क में रोज़ाना औसतन 84.32 लाख शून्य‑भाड़े वाले टिकट जारी किए जा रहे हैं।
– पहली सप्ताह में ही 5.9 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत यात्राएँ पूरी हुईं, जिसमें शहरी, उपनगरीय, ग्रामीण और घाटी मार्ग शामिल हैं।
– 128 बसों को विशेष सेवाओं से साधारण बसों में परिवर्तित किया गया, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़ी।
महत्वपूर्ण जानकारी
– महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा अब केवल साधारण शहर और कस्बों की बसों तक सीमित नहीं रही; यह एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (एलएसएस), डीलक्स, उपनगरीय साधारण (मॉफुसिल) और घाटी साधारण सेवाओं तक विस्तारित हो गई है।
– 40 किलोमीटर से अधिक दूरी पर चलने वाली बसों पर भी यह सुविधा उपलब्ध है, जो सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा संचालित है।
– पुरुष यात्रियों को भी लाभ हुआ है। तिरुनेलवेली‑तिरुचेंदुर मार्ग पर किराया 50 रुपये से घटाकर 38 रुपये किया गया। इसी तरह, तिरुवन्नामलाई जिले में पुरुषों के लिए किराया 10 रुपये से घटाकर 7 रुपये किया गया। कन्न्याकुमारी जिले में 65 बसों पर भी पुरुष यात्रियों के लिए किराया कम किया गया।
संबंधित बयान
परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पर्थीबान ने कहा, “यह पहल महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के मार्ग में आने वाली यात्रा लागत की बाधा को दूर करने के लिए है।”
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने योजना के तहत शून्य‑भाड़े वाले टिकट जारी करने के निर्णय को गांधी जयंती के अवसर पर लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार का उद्देश्य समाज में समानता को बढ़ावा देना है।
प्रभाव और संदर्भ
– महिलाओं को अब दूरस्थ कॉलेजों, कार्यस्थलों और चिकित्सा सुविधाओं तक बिना किसी लागत के पहुँचने का अवसर मिला है।
– ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध होने से उनकी सामाजिक और आर्थिक भागीदारी में वृद्धि होगी।
– पुरुष यात्रियों के लिए किराया कटौती से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ने की संभावना है, जिससे यातायात जाम और प्रदूषण में कमी आएगी।
निष्कर्ष
‘विजयी यात्रा’ योजना ने तमिलनाडु में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। 5.9 करोड़ यात्रियों के आंकड़े और 88 लाख महिलाओं की एक दिन की उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि यह पहल समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी है। सरकार द्वारा किराया कटौती और बसों के पुनर्गठन से यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है, जिससे भारत के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में समानता और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा।
